मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब में पहली बार ऐसी सरकार आई है, जो दिन-रात लोगों के लिए काम करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है. उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल के कामों से उनकी सरकार ने लोगों का विश्वास जीता है. किसानों को दिन में बिजली और नहरी पानी उपलब्ध कराने, सरकारी योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक परिवार को हर महीने 15,000 रुपये की बचत होने तथा धान की खरीद के तुरंत बाद भुगतान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का रिकॉर्ड अपने आप बोलता है.
भाजपा और अन्य विरोधियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी छवि खराब करने और उनकी ईमानदारी पर सवाल उठाने की कोशिशें नाकाम रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कार्यालय पर छापेमारी के बाद सीबीआई को खाली हाथ लौटना पड़ा था. उन्होंने दोहराया कि उनके घर के दरवाजे पंजाब के लोगों के लिए हमेशा खुले रहेंगे.
‘एक्स’ पर अपने विचार साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, ‘आज मैंने धूरी विधानसभा क्षेत्र के क्रांतिकारी गांव मीमसा में आयोजित जनसभा में अपने लोगों के साथ अपने विचार और दिल की बातें साझा कीं. आपके अपार प्रेम और सहयोग के कारण ही आज धूरी पंजाब की राजनीति का केंद्र बन गया है. पिछली सरकारों के खोखले दावों के विपरीत हमने जमीनी स्तर पर बड़े काम किए हैं. किसानों को दिन में बिजली, सिंचाई के लिए 88 प्रतिशत खेतों तक नहरी पानी, 70,685 सरकारी नौकरियां, मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं और शून्य बिजली बिलों से प्रत्येक परिवार को सालाना 1.82 लाख रुपये का लाभ मिल रहा है. ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के माध्यम से माताओं-बहनों को दी जा रही मासिक वित्तीय सहायता उनके उचित मान-सम्मान का प्रतीक है. आपके आशीर्वाद से हम परमात्मा द्वारा सौंपी गई जनसेवा की इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाते रहेंगे. इंकलाब जिंदाबाद.’
‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘पंजाब के लोगों ने वादे करने वाली सरकारों और परिणाम देने वाली सरकार के बीच अंतर देखा है. हमने पिछले साढ़े चार साल के अपने कामों से उनका विश्वास जीता है. सरकारी खजाने का एक-एक पैसा जनता का है और हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि विकास, बेहतर सार्वजनिक सेवाओं और जनकल्याणकारी पहलों के माध्यम से लोगों का पैसा उन्हीं तक वापस पहुंचे.’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सरकारी खजाने का एक-एक पैसा जनता का है और हम इसे लोगों के कल्याण पर समझदारी से खर्च कर रहे हैं. जनता का पैसा राज्य के विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों तक वापस पहुंच रहा है. 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है. पंजाब के इतिहास में पहले ऐसा कभी नहीं हुआ.’
उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार लोगों के लिए काम कर रही है. हमने बिना भ्रष्टाचार के 70,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं, सड़कों में सुधार किया है, स्कूलों और अस्पतालों को मजबूत बनाया है तथा टोल प्लाजा बंद किए हैं, जिससे यात्रियों को प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत हो रही है. पहले यह पैसा अनावश्यक रूप से खर्च होता था. हम गांवों का विकास भी कर रहे हैं और खेल स्टेडियम बना रहे हैं, ताकि हमारे युवा खेलों पर ध्यान केंद्रित करके अपना भविष्य बेहतर बना सकें.’
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक परिवार की पहुंच में होनी चाहिए. ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के माध्यम से हम प्रति परिवार 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध करवा रहे हैं. इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोग अस्पताल के बिलों की चिंता किए बिना गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपचार प्राप्त कर सकें.’
‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि 18 वर्ष और इससे अधिक आयु की पात्र महिलाओं को 1 जुलाई से हर महीने 1,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है. पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र हैं.’
उन्होंने आगे बताया कि पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है. इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘हमारी सरकार महिलाओं को मान-सम्मान और वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में सहायता मिल रही है. 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद के साथ यह योजना पूरे पंजाब के परिवारों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है.’
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी दूर करने और जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने और आम परिवारों के बच्चों को सशक्त बनाने के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण, ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ और अन्य पहलों में निवेश कर रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मुफ्त योजनाएं और रियायती कार्ड राहत तो दे सकते हैं, लेकिन शिक्षा ही गरीबी के चक्र को तोड़ने की कुंजी है. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा लोगों को सशक्त बनाती है, उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसर पैदा करती है. इसीलिए हम सरकारी स्कूलों को मजबूत बनाने और बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं.’
उन्होंने कहा, ‘सरकारी स्कूलों के नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 2021 में 80 से बढ़कर 2026 में 882 हो जाना शिक्षा में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है. हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे देश में कहीं भी अन्य विद्यार्थियों का मुकाबला कर सकें.’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘पंजाब के इतिहास में पहली बार 1,587 गांवों के खेतों तक नहरी पानी पहुंचा है, जहां पहले कभी पानी नहीं पहुंचा था. हमने सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर 7,200 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. नहरी पानी से सिंचित होने वाला क्षेत्र वर्ष 2022 में 20.89 लाख एकड़ से बढ़कर आज 60.30 लाख एकड़ हो गया है. नहरी सिंचाई किसानों पर आर्थिक बोझ कम करने और पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बेहद जरूरी है.’
उन्होंने कहा कि सरकार ने जनसेवा को अपना मुख्य मिशन बनाया है और वह पंजाब की तरक्की के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि पिछली सरकारों ने अपने निजी हितों को प्राथमिकता दी थी.
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘पंजाब ने ऐसी सरकारें देखी हैं, जो अपने हितों को पूरा करने में व्यस्त रहीं. हमने जनसेवा को ही अपना एकमात्र मिशन बनाया है. हमारी प्रतिबद्धता पंजाब की तरक्की के लिए है और हम किसानों सहित समाज के हर वर्ग के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम करते रहेंगे.’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सरकारी योजनाएं प्रत्येक परिवार को हर महीने लगभग 15,000 रुपये बचाने में मदद कर रही हैं. इससे घरेलू बजट को वास्तविक राहत मिल रही है और आम लोगों के हाथों में अधिक पैसा बच रहा है. हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसानों को मंडी से घर पहुंचने से पहले ही उनके धान का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में मिल जाए.’ उन्होंने कहा कि किसानों को आर्थिक अनिश्चितता से बचाने और उनकी कड़ी मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए समय पर भुगतान बेहद जरूरी है.
राजनीतिक विरोधियों पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग सरकार को उसके कामकाज के आधार पर चुनौती देने में असमर्थ हैं, वे व्यक्तिगत हमलों और उनकी छवि खराब करने की कोशिशों का सहारा ले रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘जब उन्हें मेरे काम में कोई कमी नहीं मिलती और वे मेरी ईमानदारी को चुनौती नहीं दे पाते, तो मुझे बदनाम करने की कोशिश करते हैं. मेरी ईमानदारी उन लोगों के लिए समस्या बन गई है, जो स्वार्थ की राजनीति करने के आदी हैं. लेकिन पंजाब के लोग सच्चाई जानते हैं और कोई भी राजनीतिक प्रचार हमारे द्वारा उनके लिए किए गए कामों को मिटा नहीं सकता.’
अपने कार्यालय पर सीबीआई की छापेमारी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘भाजपा को लगता था कि छापेमारी और दबाव से मैं डर जाऊंगा, लेकिन मेरे कार्यालय पर छापेमारी के बाद सीबीआई खाली हाथ लौट गई. मैं पंजाब और इसके लोगों के हितों से कभी समझौता नहीं करूंगा. मेरी ताकत लोगों के विश्वास से आती है और मैं ईमानदारी तथा दृढ़ संकल्प के साथ उनकी सेवा करता रहूंगा.’
मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को स्वयं को कार्यालयों और औपचारिक बैठकों तक सीमित रखने के बजाय लोगों की पहुंच में रहना चाहिए. उन्होंने दोहराया कि उनके आवास के दरवाजे पंजाब के लोगों के लिए हमेशा खुले रहे हैं और भविष्य में भी खुले रहेंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘पंजाब के लोग मेरे लिए बाहरी नहीं हैं, बल्कि मेरा अपना परिवार हैं. मेरे दरवाजे उनके लिए हमेशा खुले रहे हैं और हमेशा खुले रहेंगे. सार्वजनिक पद संभालने का वास्तविक उद्देश्य लोगों की शिकायतें सुनना, उनकी समस्याओं को समझना और उनका समाधान निकालने के लिए काम करना है.’
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि उनकी सरकार पंजाबियों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए समर्पण, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करती रहेगी. उन्होंने कहा कि अब तक हुआ विकास और प्रगति एक खुशहाल, आत्मनिर्भर और विकसित पंजाब के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जहां समाज का हर वर्ग सम्मान और विश्वास के साथ जीवन व्यतीत कर सके.
उन्होंने कहा, ‘पंजाब के लोग अंततः हर राजनीतिक पार्टी के कामकाज का आकलन उसके जनसेवा के रिकॉर्ड के आधार पर करेंगे. हम खोखले दावों के बजाय ठोस परिणामों, पारदर्शिता और जवाबदेही पर ध्यान केंद्रित करते रहेंगे. हमारी प्रतिबद्धता एक खुशहाल पंजाब का निर्माण करना है, जहां हर व्यक्ति सम्मान और विश्वास के साथ जीवन जी सके.’