‘आज ही फ्यूनरल कर दो…’ दादी की मौत की खबर पर क्या बोले थे अभिजीत दिपके, पुलिस ने वीडियो में दिखाई एक-एक बात

‘आज ही फ्यूनरल कर दो…’ दादी की मौत की खबर पर क्या बोले थे अभिजीत दिपके, पुलिस ने वीडियो में दिखाई एक-एक बात


दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके की हिरासत को लेकर नया विवाद सामने आया है. दिल्ली पुलिस ने रविवार को एक वीडियो जारी किया, जिसमें पुलिसकर्मी दिपके को उनकी दादी के निधन की सूचना देते और घर जाने के लिए मदद की पेशकश करते दिखाई दे रहे हैं. पुलिस का दावा है कि दिपके को न सिर्फ उनकी दादी के निधन और अंतिम संस्कार के समय के बारे में बताया गया, बल्कि महाराष्ट्र स्थित उनके गांव पहुंचने के लिए फ्लाइट, फोन कॉल और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं में सहायता देने की पेशकश भी की गई. हालांकि, पुलिस के मुताबिक, दिपके ने यह मदद लेने से इनकार कर दिया.

वीडियो में दिपके बार-बार कहते सुनाई देते हैं, ‘I’ll stay’ यानी ‘मैं यहीं रुकूंगा.’ बातचीत के दौरान वह यह भी कहते हैं, ‘मुझसे कोई… नहीं, फ्यूनरल करा दो. आज ही कर दो.’ पुलिसकर्मी उन्हें बताते हैं कि अंतिम संस्कार अगले दिन के लिए तय किया गया है और अगर वह घर जाना चाहें तो परिवहन की व्यवस्था कराने में मदद की जा सकती है.

इस वीडियो के सामने आने के बाद अभिजीत दिपके और दिल्ली पुलिस के बीच दादी के निधन की सूचना और उनसे संपर्क करने की सुविधा को लेकर विवाद और गहरा गया है. पुलिस का कहना है कि दिपके को निधन की जानकारी देने के साथ घर जाने और परिवार से बात करने में मदद की पेशकश की गई थी. वहीं, दिपके ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि उन्हें तो फोन पर अपने चचेरे भाई या वकील से बात तक करने की इजाजत नहीं दी गई.

वीडियो में क्या हुई बातचीत?

दिल्ली पुलिस की तरफ से जारी वीडियो में एक पुलिसकर्मी दिपके को बताती है कि उनकी दादी का निधन हो गया है. पुलिसकर्मी संवेदना जताते हुए उनसे पूछती है कि क्या वह अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र जाना चाहते हैं. वह कहती है कि बस या फ्लाइट से जाने के लिए जरूरी व्यवस्था कराने में मदद की जा सकती है.

इस पर दिपके जवाब देते हैं, ‘I’ll stay.’ पुलिसकर्मी दोबारा पूछती है कि क्या वह यहीं रुकना चाहते हैं. दिपके फिर कहते हैं, ‘I’ll stay.’ इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें परिवार के किसी सदस्य से फोन पर बात कराने की पेशकश करती है और पूछती हैं कि क्या वह अपने पिता से बात करना चाहेंगे.

दिपके कहते हैं, ‘पिता से बात नहीं कर पाऊंगा.’ बातचीत आगे बढ़ने पर वह कहते हैं, ‘मुझसे कोई… नहीं, फ्यूनरल करा दो. आज ही कर दो.’ इस पर पुलिसकर्मी जवाब देती है कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक अंतिम संस्कार अगले दिन के लिए निर्धारित किया गया है. वह दोहराती है कि पुलिस उनकी यात्रा या दूसरी जरूरतों में मदद करने की कोशिश करेगी. इस पर दिपके कहते हैं कि वह यहां से नहीं जाएंगे.

वीडियो में पुलिसकर्मी अंत में यह भी कहता है कि अगर उनका मन बदलता है तो वह पुलिस को बता सकते हैं.

वीडियो जारी होने के बाद अभिजीत दिपके ने क्या कहा?

दिल्ली पुलिस के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि उन्हें अपने परिवार से संपर्क करने के लिए अपने फोन का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी गई. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्होंने अपनी दादी के साथ रहने वाले चचेरे भाई से बात करने का अनुरोध किया था. इसके लिए उन्होंने केवल कुछ मिनटों के लिए अपना फोन मांगा था, ताकि वह उसमें से अपने चचेरे भाई का नंबर निकाल सकें.

दिपके ने सवाल उठाया कि जब पुलिस उन्हें परिवार से बात कराने की पेशकश कर रही थी, तो उन्हें अपने फोन का इस्तेमाल क्यों नहीं करने दिया गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वकील से बात करने का उनका अनुरोध भी अस्वीकार कर दिया गया.

दिपके ने रात करीब 3:30 बजे अपने पिता को फोन करने के लिए कहे जाने पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि उनके पिता अपनी मां को खोने के दुख से गुजर रहे थे और ऐसे समय में उनसे यह कहने के लिए फोन करने को कहा गया कि अगले दिन उन्हें लंबे समय के लिए जेल जाना पड़ सकता है. दिपके ने आरोप लगाया कि इससे उनके परिवार को और मानसिक परेशानी हुई.

दादी की मौत के बाद परिवार ने क्या कहा था?

अभिजीत दिपके की 85 वर्षीय दादी सावित्रीबाई शंकरराव दिपके का शनिवार को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी गांव स्थित घर पर निधन हो गया था. वह उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं और लंबे समय से चली आ रही बीमारी से जूझ रही थीं. उनका अंतिम संस्कार रविवार सुबह 10 बजे निर्धारित किया गया था.

दिल्ली पुलिस ने यह वीडियो दिपके की मां अनीता दिपके के उन आरोपों के बाद जारी किया, जिनमें उन्होंने कहा था कि परिवार को यह स्पष्ट नहीं था कि उनके बेटे को दादी के निधन की जानकारी दी गई है या नहीं. परिवार का कहना था कि दिपके से संपर्क नहीं हो पा रहा था और उनके लौटने की उम्मीद में अंतिम संस्कार में देरी की गई थी.

दिल्ली पुलिस की डीसीपी नेहा यादव के मुताबिक, अधिकारियों ने निधन की जानकारी मिलते ही दिपके को इसकी सूचना दी और विमान, फोन कॉल तथा अन्य जरूरी व्यवस्थाओं में मदद की पेशकश की. पुलिस का दावा है कि उन्होंने दिपके से कई बार पूछा कि क्या वह अपने माता-पिता से बात करना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने सहायता लेने से इनकार कर दिया.



Source link