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सागर-दमोह स्टेट हाईवे को फोरलेन अपग्रेड करने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है. राजस्थान की कंपनी के द्वारा 707 करोड़ में यह सड़क का निर्माण किया जाएगा, लेकिन टेंडर प्रक्रिया होने के बाद भी इस फोरलेन हाईवे के डिजाइन में बदलाव किए जा रहे हैं. मुख्य रूप से यह बदलाव सड़क हादसों को कम करने के लिए हो रहे हैं.
सागर-दमोह स्टेट हाईवे को फोरलेन अपग्रेड करने का टेंडर एक राजस्थान की कंपनी को मिला है. इस प्रोजेक्ट के तहत 707 करोड़ की लागत से सड़क का निर्माण किया जाएगा. सागर-दमोह स्टेट हाईवे 63 पर 15.4 किलोमीटर लंबे चार बाईपास बनाए जा रहे हैं. जिसमें 2.5 km परसोरिया, 7 km गढ़ाकोटा, 2.5 रोन और 3.5 km के बांसा बाईपास शामिल है. जिसमें सबसे लंबा बाईपास गढ़ाकोटा में रहेगा. लेकिन अब इसमें गढ़ाकोटा से ठीक 7 किलोमीटर पहले चनौआ गांव को भी बाईपास किया जा रहा है, इसे डिजाइन में शामिल कर लिया गया है. यह बाईपास कितना लंबा होगा और किस जगह से गुजरेगा इसको लेकर असेसमेंट का कार्य चल रहा है. इसकी जगह फाइनल होने के बाद बाईपास की लंबाई 17 किलोमीटर से अधिक होने की संभावना है, अब इस सड़क पर 4 नहीं पांच बाईपास होंगे.
76 किलोमीटर लंबा स्टेट हाईवे सागर जिले के 23 गांव और दमोह जिले के 14 गांव की सीमा से होकर गुजर रहा है. इस तरह से कुल 37 गांव से यह हाईवे गुजरेगा लेकिन इसका फायदा सीधे तौर पर इन दोनों जिलों की 70 से अधिक गांव के लिए मिलने वाला है. इसमें 43.6 किलोमीटर का हिस्सा सागर जिले की सीमा में होगा तो 31.4 किलोमीटर का हिस्सा दमोह जिले की सीमा में बनेगा. 2059 करोड़ की लागत से इस सड़क का निर्माण कार्य किया जाएगा इसके साथ ही 324 करोड़ भू अर्जन के लिए रखे गए हैं.
100 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन
एमपीआरडीसी के अधिकारियों के मुताबिक इस सड़क को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन चले इस हिसाब से डिजाइन किया जा रहा है और इसमें जो मोड अचानक आ जाते हैं और वहां पर दुर्घटना की संभावना होती है ऐसे 21 पॉइंट चिन्हित किए गए हैं जहां रोड सेफ्टी कर्व इंप्रूवमेंट किया जाएगा. जहां पर कर्व इंप्रूवमेंट पॉइंट होंगे, वहां पर चौड़ाई अधिक होगी साथ ही वहां इस तरह की तकनीक का उपयोग होगा, जिसमें सामने की विजिबिलिटी शानदार हो, अचानक स्पीड को कंट्रोल करने घुमाव के लिए पर्याप्त जगह मिल सके, ऐसा होने से दुर्घटनाओं की संभावनाएं ना के बराबर हो जाएंगे.
गांवों की भूमि का किया जाएगा अधिग्रहण
एमपीआरडीसी के संभागीय कार्यपालन यंत्री विनोद कुमार तंतुवाय ने बताया कि दमोह सागर स्टेट हाईवे को फोरलेन करने की प्रक्रिया चल रही है, इसमें साढ़े आठ-साढ़े आठ मीटर की दोनों तरफ सड़क होगी बीच में मीडियन होगा. सड़क के दोनों तरफ एक-एक मीटर के पेब्ड शोल्डर ब्लॉक होंगे. जैसे ही भूमि अधिग्रहण का काम हो जाएगा तो रोड निर्माण कार्य अनुबंध होने के बाद शुरू हो जाएगा.
हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत बनने वाली इस फोरलेन सड़क में 13 अंडरपास, 3 वृहद पुल, 9 मध्यम पुल, 1 आरओबी, 13 बड़े और 42 मध्यम जंक्शन का निर्माण शामिल हैं. परियोजना के लिए तीन गांवों में कुल 23.04 हेक्टेयर भूमि ली जाएगी. सागर जिले में सड़क के लिए 28 हेक्टेयर व दमोह जिले में करीब 3 हेक्टेयर जंगल इस सड़क के चौड़ीकरण में लगेगा.