PM को घेरने चेन्नई पहुंचे राहुल, छात्रों की गूंज पर फंसे, DMK ने खोला मोर्चा
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Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj: डीएमके प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने चेन्नई में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर निशाना साधा. उन्होंने सवाल उठाया कि कार्यक्रम का नाम तमिल या अंग्रेजी में क्यों नहीं रखा गया. अन्नादुरई ने आरोप लगाया कि राहुल तमिलनाडु की सांस्कृतिक पहचान की बात करते हैं, लेकिन भाषाई पहचान का सम्मान नहीं करते. यह विवाद डीएमके और कांग्रेस के बीच बढ़ते मतभेदों के बीच सामने आया है.
डीएमके ने निशाना साधा. (Twitter/ TN DIPR)
चेन्नई में राहुल गांधी के युवा संवाद कार्यक्रम को लेकर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. डीएमके प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल तमिलनाडु की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा की बात करते हैं लेकिन राज्य की भाषाई पहचान का सम्मान नहीं करते. विवाद राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के नाम को लेकर भी सामने आया है. अन्नादुरई ने सवाल उठाया कि कार्यक्रम का नाम तमिल या अंग्रेजी जैसी न्यूट्रल भाषा में क्यों नहीं रखा गया. उन्होंने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच भी कोई बड़ा अंतर नहीं बताया. यह बयान ऐसे समय आया है जब तमिलनाडु में डीएमके और कांग्रेस के बीच कई मुद्दों पर मतभेद सामने आ रहे हैं.
राहुल गांधी को डीएमके प्रवक्ता की दोटूक
सरवनन अन्नादुरई ने राहुल गांधी के कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को तमिलनाडु को सांस्कृतिक पहचान का पाठ पढ़ाने का अधिकार नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी तमिल संस्कृति की रक्षा की बात करते हैं, लेकिन उनके कार्यक्रम का नाम तमिल में रखने की शिष्टता भी नहीं दिखाई गई.
उन्होंने कहा, “भाजपा और कांग्रेस में कोई बड़ा अंतर नहीं है. राहुल गांधी यहां आते हैं और बड़े-बड़े भाषण देते हैं.” अन्नादुरई ने आगे कहा कि डीएमके तमिलनाडु की संस्कृति और पहचान को नुकसान पहुंचाने वालों को राज्य में प्रवेश नहीं करने देगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी राज्य की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करने में सक्षम है.
‘छात्रों की गूंज’ में राहुल ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर तमिल भाषा, इतिहास और संस्कृति को खतरा पहुंचाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि वह केंद्र को तमिल भाषा और संस्कृति पर हमला नहीं करने देंगे. उन्होंने छात्रों से सत्ता से सवाल पूछने और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए खड़े रहने की अपील भी की.
डीएमके-कांग्रेस के बीच क्यों बढ़ रही तल्खी?
डीएमके और कांग्रेस के बीच मतभेद केवल कार्यक्रम के नाम तक सीमित नहीं हैं. दोनों दलों के बीच मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर भी विवाद सामने आया है. डीएमके ने तमिलनाडु में कथित मतदाता कटौती के मुद्दे पर राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाए थे. डीएमके प्रवक्ता ने पहले भी पूछा था कि राहुल दूसरे राज्यों में चुनावी अनियमितताओं के मुद्दे क्यों उठाते हैं. उनके मुताबिक, तमिलनाडु में एसआईआर से जुड़े सवालों पर कांग्रेस नेता का रुख स्पष्ट नहीं है. इस ताजा बयान से दोनों दलों के बीच राजनीतिक खींचतान और चर्चा में आ गई है. हालांकि, अन्नादुरई की टिप्पणियां डीएमके नेता के आरोप और राजनीतिक रुख हैं. इन्हें दोनों दलों के बीच सभी मुद्दों पर आधिकारिक टकराव का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए.
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