1.5km लंबा नागलोक पंडाल देख होंगे हैरान,दरभंगा में नाग के पेट से गुजरेंगे भक्त
Last Updated:
Darbhanga Durga Puja 2026: दरभंगा के मिर्जापुर में 70 लाख की लागत से डेढ़ किमी लंबा भव्य नागलोक पंडाल बन रहा है. कोलकाता के कारीगर इसे तैयार कर रहे हैं, जहां भक्त नाग के पेट से गुजरकर माता रानी के दर्शन करेंगे.
दरभंगा: इस वर्ष दुर्गा पूजा पर दरभंगा के मिर्जापुर में कुछ अनोखा होने जा रहा है. यहां पहली बार भक्तों के लिए डेढ़ किलोमीटर लंबा भव्य नागलोक बनाया जा रहा है. स्थानीय पूजा समिति के अनुसार यह दरभंगा में पहली बार है. जब इस तरह का अनोखा और अद्भुत सेट दुर्गा पूजा पंडाल के रूप में तैयार किया जा रहा है. इस पंडाल की सबसे खास बात यह होगी कि श्रद्धालु नाग के मुख से प्रवेश करेंगे. जानें क्या है तैयारी.
डेढ़ किमी का रास्ता तय कर करेंगे माता रानी का दर्शन
उसके पेट से होते हुए लगभग डेढ़ किलोमीटर का लंबा रास्ता तय कर माता रानी का दर्शन करेंगे. पूरे पंडाल को ट्रेडिशनल लुक दिया जा रहा है. इसमें एक ऐसा रास्ता भी होगा जो तालाब से होकर गुजरेगा. श्रद्धालु नागलोक से आगे बढ़ते हुए पहाड़ों के बीच बने सरोवर को पार करेंगे. फिर वहां मनसा देवी द्वार पर बने भव्य प्रवेश द्वार से इस दिव्य यात्रा में प्रवेश करेंगे. इस दौरान पहाड़, सरोवर और नागलोक के तमाम दृश्य देखने को मिलेंगे जो आकर्षण का केंद्र होंगे.
वैदिक काल से ही तांत्रिक और वैदिक पूजा के लिए प्रसिद्ध
बताया जाता है कि दरभंगा का यह मिर्जापुर क्षेत्र वैदिक काल से ही अपनी तांत्रिक और वैदिक पूजा-पाठों के लिए जाना जाता है. इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार नागलोक की थीम चुनी गई है. पूजा समिति के कोषाध्यक्ष प्रणव कुमार मिश्रा बताते हैं कि इस वर्ष कोलकाता के कारीगरों के द्वारा भव्य नागलोक का स्वरूप दिया जा रहा है. श्रद्धालु डेढ़ किलोमीटर का लंबा सफर तय करके माता रानी के दर्शन करेंगे. इस पंडाल को बनाने में अब तक 2500 से अधिक बांस लगाए जा चुके हैं. लेकिन इसमें सबसे ज्यादा काम पाइप का है. पूरे नागलोक की संरचना पाइप पर टिकी हुई है.
60-70 लाख रुपये से होगा निर्माण
लगभग 60 से 70 लाख रुपये की लागत से इस पूजा पंडाल का निर्माण किया जा रहा है. जो अपने आप में आकर्षण और भव्यता का संगम होगा. पूजा समिति के सदस्यों का मानना है कि इस वर्ष लाखों की संख्या में भक्त यहां पहुंचेंगे. तैयारी अंतिम चरण में है और दुर्गा पूजा के मौके पर यह पंडाल दरभंगा ही नहीं, पूरे मिथिला में चर्चा का विषय बना रहेगा.