Sikar News: ठगी का मास्टरमाइंड 18 साल तक देता रहा चकमा, आखिर वाई-फाई मैकेनिक बनकर पहुंची पुलिस और दबोच लिया


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Sikar News: सीकर में विद्यार्थियों को डिग्रियां दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला आरोपी कल्याण सिंह 18 साल बाद गिरफ्तार हुआ है. 35 हजार रुपए के इनामी आरोपी पर 23 ठगी के मामले दर्ज हैं. देहरादून में कोचिंग संस्थान में पढ़ा रहे आरोपी को सीकर पुलिस ने वाई-फाई मैकेनिक बनकर दबोचा.

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डिग्रियों के नाम पर ठगी का मास्टरमाइंड 18 साल बाद गिरफ्तार, 35 हजार का था इनामZoom

ठगी करने वाला आरोपी कल्याण सिंह

सीकर. विद्यार्थियों से ठगी करने के एक बड़े मामले में पुलिस को 18 साल बाद सफलता मिली है. विभिन्न शिक्षण संस्थानों की डिग्रियां दिलाने के नाम पर विद्यार्थियों से धोखाधड़ी करने वाला आरोपी कल्याण सिंह आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया. आरोपी पिछले 18 साल से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित था. सीकर शहर कोतवाली थाना पुलिस और साइबर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को उत्तराखंड के देहरादून से गिरफ्तार किया गया है.

पुलिस के मुताबिक, कल्याण सिंह के खिलाफ अलग-अलग थानों में ठगी के 23 मामले दर्ज हैं. आरोपी पर विद्यार्थियों को विभिन्न शिक्षण संस्थानों की डिग्रियां दिलाने का झांसा देकर ठगी करने के आरोप हैं. इन मामलों में लंबे समय से उसकी तलाश की जा रही थी, लेकिन वह लगातार पुलिस से बचने में कामयाब हो रहा था. आखिरकार पुलिस ने तकनीकी जानकारी और रणनीति की मदद से आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की.

वाई-फाई मैकेनिक बनकर घर पहुंची पुलिस

पुलिस जांच में सामने आया कि 18 साल से फरार चल रहा कल्याण सिंह देहरादून में रह रहा था. यहां वह एक कोचिंग संस्थान में पढ़ाकर अपनी पहचान छिपाए हुए था. लंबे समय तक फरार रहने के कारण पुलिस के सामने आरोपी को तलाशने और उसकी पहचान की पुष्टि करने की चुनौती थी. पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से आरोपी तक पहुंचने की रणनीति तैयार की. आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अनोखा तरीका अपनाया. पुलिसकर्मी वाई-फाई मैकेनिक बनकर उसके घर पहुंचे. इस दौरान टीम ने पहले आरोपी की पहचान की पुष्टि की और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस की इस रणनीति के चलते 18 साल से फरारी काट रहा आरोपी आखिरकार पकड़ा गया.

23 मामलों को लेकर होगी पूछताछ

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे जुड़े ठगी के मामलों की जांच को आगे बढ़ा रही है. पूछताछ में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने विद्यार्थियों को डिग्रियां दिलाने के नाम पर किस तरह ठगी की और इस पूरे मामले में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं. इसके अलावा पुलिस फरारी के दौरान आरोपी के ठिकानों और उसकी गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है. 18 साल तक पुलिस की पकड़ से दूर रहे आरोपी की गिरफ्तारी को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अब पुलिस की पूछताछ से विद्यार्थियों के साथ हुई कथित ठगी और आरोपी के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा होने की उम्मीद है.



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