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PPF Loan Benefit : अगर आपने पीपीएफ खाता खुलवाया है और इसे सिर्फ रिटायरमेंट प्लानिंग मानकर चल रहे हैं तो गलत हैं. आपका पीपीएफ खाता एक इमरजेंसी फंड भी बन सकता है, क्योंकि पीपीएफ नियमों में आपको इन पैसों पर लोन लेने की सुविधा दी जाती है. इसकी ब्याज दर काफी कम होती है और एक निश्चित अवधि के भीतर पैसे लेने की सुविधा मिलती है.
पीपीएफ खाते पर मेच्योरिटी की अवधि 15 साल की होती है.
नई दिल्ली. पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ में निवेश तो करोड़ों लोग करते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को ही पता होगा कि यह सिर्फ रिटायरमेंट का साधन नहीं है बल्कि इमरजेंसी में एटीएम की तरह काम कर सकता है. पीपीएफ में निवेश लंबे समय के लिए किया जाता है, जिस पर सरकार की ओर से हर साल फिक्स्ड ब्याज मिलता है. इसमें टैक्स छूट भी ऑफर की जाती है, जिसकी वजह से ज्यादातर लोग निवेश के लिए आकर्षित होते हैं.
खर्चे कभी बताकर नहीं आते. कभी मेडिकल बिल या मकान की मरम्मत तो कभी अन्य कोई खर्चा आ जाता है. ऐसे में आपके खर्चों को पूरा करने के लिए इमरजेंसी में पीपीएफ फंड का इस्तेमाल किया जा सकता है. पीपीएफ में एक बार में 15 साल तक निवेश किया जा सकता है. मेच्योरिटी के बाद इसमें 5-5 साल के लिए आगे भी तीन बार निवेश बढ़ाया जा सकता है. अभी पीपीएफ पर करीब 7.1 फीसदी का ब्याज मिल रहा है.
इमरजेंसी में कैसे काम आता है पीपीएफ
पीपीएफ के निमय कहते हैं कि खाताधारक इस पर लोन भी ले सकता है. हालांकि, यह सुविधा कुल निश्चित समय के लिए ही मिलती है. लोन लेने की सुविधा पीपीएफ के 15 साल के पूरे टेन्योर के लिए नहीं मिलती है और लोन अमाउंट की लिमिट भी तय होती है. अगर आपको कम समय के लिए छोटे अमाउंट की जरूरत है तो पीपीएफ लोन काफी काम आ सकता है. इसके लिए आपको खाता बंद कराने अथवा पीपीएफ तोड़ने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी.
कब मिलता है पीपीएफ का लोन
पीपीएफ पर लोन लेने की एक शर्त होती है और आप जब चाहें तब लोन नहीं ले सकते हैं. पीपीएफ पर लोन आपके खाता खोलने के बाद तीसरे वित्तवर्ष की शुरुआत से 6वें वित्तवर्ष के आखिर तक ही मिलता है. इतना ही नहीं, इस लोन पर मिलने वाली राशि भी तय होती है. आप पीपीएफ खाते में जमा की गई कुल रकम में से सिर्फ 25 फीसदी ही लोन के रूप में निकाल सकते हैं. मसलन, अगर आपका कुल पीपीएफ जमा 6 लाख रुपये है तो आप 1.5 लाख रुपये का ही एडवांस ले सकते हैं.
लोन से पहले ब्याज के बारे में जान लें
पीपीएफ की ब्याज दर पर्सनल लोन के मुकाबले काफी कम होती है. मौजूदा नियमों के तहत पीपीएफ की ब्याज दर खाते में जमा रकम पर सालाना 1 फीसदी होती है, क्योंकि इस पर पहले से ही सरकार की तरफ से ब्याज मिलता है. अभी पीपीएफ की ब्याज दर 7.10 फीसदी है, जिसका मतलब है कि लोन लेने पर इससे एक फीसदी ज्यादा यानी 8.1 फीसदी का ब्याज चुकाना होगा. इस ब्याज में पीपीएफ पर मिल रहा 7.1 फीसदी समायोजित हो जाएगा.