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Learn how to make soft and puffed Ragi Roti at home: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग सेहतमंद खान-पान की ओर लौट रहे हैं. मिलेट्स में रागी सबसे खास है, जो कैल्शियम और फाइबर से भरपूर होती है. यह डायबिटीज और वजन घटाने में रामबाण मानी जाती है. अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि रागी की रोटी टूट जाती है या सख्त बनती है. लेकिन एक खास तरीके से आप घर पर ही बिल्कुल नरम, पतली और गुब्बारे जैसी फूली रागी रोटी बना सकते हैं. उबले पानी में आटा गूंथने से रोटी नहीं फटती. इसे अपनी मनपसंद सब्जी या दाल के साथ खाएं और अपनी सेहत को दुरुस्त रखें.
हैदराबाद: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब लाइफस्टाइल के कारण लोग कई तरह की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं. यही वजह है कि अब लोग अपनी सेहत को लेकर काफी सतर्क हो गए हैं और एक बार फिर से अपने पारंपरिक खान-पान की तरफ लौट रहे हैं. पोषक तत्वों से भरपूर मिलेट्स यानी मोटे अनाज को डाइट में शामिल करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है. इन मोटे अनाजों में रागी (Finger Millet) का स्थान सबसे खास माना जाता है. रागी में कैल्शियम, आयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है. यह ग्लूटेन फ्री होने के कारण वजन घटाने और डायबिटीज के मरीजों के लिए किसी रामबाण से कम नहीं है.
स्वास्थ्य के लिए इतनी फायदेमंद होने के बावजूद कई लोग इसे अपनी रोजमर्रा की डाइट में शामिल करने से कतराते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि लोगों की यह आम शिकायत रहती है कि रागी की रोटी बनाते समय टूट जाती है या फिर पकने के बाद बहुत सख्त हो जाती है, जिसे चबाना मुश्किल होता है. रागी में ग्लूटेन नहीं होता, इसलिए इसके आटे को गेहूं की तरह बांधना आसान नहीं होता. लेकिन आज हम आपको एक ऐसा खास और बेहद आसान तरीका बताने जा रहे हैं, जिससे आप घर पर ही बिल्कुल नरम, पतली और गुब्बारे जैसी फूली हुई रागी की रोटी तैयार कर सकते हैं.
रागी की रोटी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
नरम रागी की रोटी बनाने के लिए आपको बहुत ही सीमित सामग्री की आवश्यकता होगी. इसके लिए 1 से 2 कप रागी का आटा लें. आटा गूंथने के लिए उसी अनुपात में पानी की जरूरत होगी. इसके अलावा स्वादानुसार थोड़ा सा नमक, परथन के लिए सूखा आटा, एक साफ सूती कपड़ा और तवे पर रोटी पर लगाने के लिए थोड़े से पानी की आवश्यकता होगी.
आटा गूंथने की सही विधि
रागी की रोटी को टूटने से बचाने का सबसे बड़ा राज इसका आटा गूंथने के तरीके में छिपा है. सबसे पहले एक साफ बर्तन में पानी गरम करें और उसमें स्वादानुसार थोड़ा सा नमक डाल दें. जब पानी में अच्छी तरह से उबाल आने लगे, तो गैस की आंच बिल्कुल धीमी कर दें और उबलते पानी में रागी का आटा डाल दें. किसी बेलन के पिछले हिस्से या लकड़ी के चम्मच की मदद से इसे तुरंत और अच्छी तरह मिलाएं ताकि इसमें कोई गांठ न पड़े. इसके बाद गैस बंद कर दें और बर्तन को ढककर 2 मिनट के लिए छोड़ दें. जब यह मिश्रण हल्का गुनगुना रह जाए, तो इसे किचन प्लेटफॉर्म या किसी बड़ी परात में निकाल लें. अब अपने हाथों से अच्छी तरह मसलते हुए 3 से 4 मिनट तक चिकना और मुलायम आटा गूंथ लें. गर्म पानी के कारण आटा अच्छी तरह से बंध जाता है और लचीला हो जाता है, जिससे रोटी बेलते वक्त किनारों से फटती नहीं है.
ऐसे बनाएं गुब्बारे जैसी फूली रोटी
आटा तैयार होने के बाद इससे मध्यम आकार की लोइयां काट लें. चकले पर थोड़ा सूखा आटा छिड़कें और लोई को रखकर बेलन की मदद से बिल्कुल हल्के हाथों से गोल और पतली रोटी बेल लें. अब गैस पर तवा गरम करें और बेली हुई रोटी को तवे पर सावधानी से डाल दें. रोटी डालते ही इसके ऊपर की सतह पर गीले सूती कपड़े की मदद से हल्का-हल्का पानी लगा दें. इससे रोटी की ऊपरी परत सूखती नहीं है और उसमें नमी बरकरार रहती है. कुछ ही सेकंड बाद जब रोटी नीचे से हल्की सिक जाए, तो इसे पलट दें. अब रोटी को दूसरी तरफ से भी अच्छी तरह सिकने दें. जैसे ही आप इसे दोबारा पलटेंगे, यह रोटी पूरी तरह से एक गुब्बारे की तरह फूल जाएगी. आपकी गरमा-गरम, बेहद मुलायम और सेहतमंद रागी की रोटी बनकर पूरी तरह तैयार है. आप इस पौष्टिक रोटी को अपनी किसी भी पसंदीदा दाल, हरी सब्जी या लहसुन की चटनी के साथ परोस सकते हैं. यह रोटी न केवल पचाने में बहुत आसान है, बल्कि नियमित रूप से इसका सेवन करने पर आपकी सेहत भी हमेशा दुरुस्त रहेगी. वजन कम करने की चाहत रखने वालों को इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए.