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Alwar Hospital Strike: अलवर के तीन सरकारी अस्पतालों में समय पर वेतन नहीं मिलने से नाराज सफाई कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है. कर्मचारियों को हर महीने महज 6 से 7 हजार रुपए वेतन मिलता है, वह भी देरी से. हड़ताल के चलते अस्पतालों के वार्डों में गंदगी फैलने लगी है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ गई है.
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अलवर. समय पर वेतन नहीं मिलने से नाराज सफाई कर्मचारियों ने तीन सरकारी अस्पतालों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है. शनिवार को कर्मचारियों के काम बंद करने से राजकीय राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय, महिला चिकित्सालय और गीतानंद शिशु चिकित्सालय में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने लगी है. अस्पतालों के वार्डों में गंदगी फैलने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे.
सफाई कर्मचारियों का कहना है कि नियमानुसार उन्हें हर महीने की 7 तारीख तक वेतन मिल जाना चाहिए, लेकिन भुगतान में लगातार देरी की जा रही है. कई बार 10 तारीख तक भी वेतन नहीं मिलता और कभी-कभी इससे अधिक समय तक इंतजार करना पड़ता है. कर्मचारियों के अनुसार, समय पर वेतन नहीं मिलने से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता है. कर्मचारियों को हर महीने महज 6 से 7 हजार रुपए वेतन मिलता है. इतनी कम तनख्वाह में परिवार की जरूरतें पूरी करना पहले ही चुनौती बना हुआ है. ऐसे में जब निर्धारित समय पर भुगतान नहीं होता, तो उनकी आर्थिक परेशानियां और बढ़ जाती हैं. कर्मचारियों का कहना है कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ अस्पतालों में सफाई का काम करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपने ही मेहनत के पैसे के लिए इंतजार करना पड़ता है.
ठेकेदार की मनमानी पर रोक लगाने की मांग
हड़ताल पर गए सफाई कर्मचारियों ने वेतन में देरी के लिए ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, उनका आरोप है कि बार-बार समस्या सामने आने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है. कर्मचारियों ने मांग की है कि वेतन भुगतान में हो रही देरी को रोका जाए और ठेकेदार की मनमानी पर लगाम लगाई जाए. कर्मचारियों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक सफाई कार्य बंद रहेगा. ऐसे में हड़ताल लंबी खिंचने पर अस्पतालों की स्वच्छता व्यवस्था और प्रभावित होने की आशंका है.
पहले भी हो चुकी है हड़ताल
गौरतलब है कि अलवर के इन अस्पतालों में सफाई कर्मचारी पहले भी वेतन में देरी को लेकर हड़ताल कर चुके हैं. उस समय भी कर्मचारियों ने समय पर भुगतान की मांग उठाई थी, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया. अब एक बार फिर कर्मचारियों के काम बंद करने से अस्पतालों की सफाई व्यवस्था पर असर पड़ने लगा है. इस स्थिति में मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी उठानी पड़ रही है. खासकर महिला और शिशु चिकित्सालय जैसे संवेदनशील स्थानों पर साफ-सफाई बनाए रखना बेहद जरूरी है. अब देखना होगा कि कर्मचारियों की मांगों पर कब तक कार्रवाई होती है और तीनों अस्पतालों में सफाई व्यवस्था कब तक सामान्य हो पाती है.