मोतिहारी के डॉक्टर का अनोखा मिशन, 150 से ज्यादा कुत्तों को दिया घर, 10 साल से कर रहे बेजुबानों सेवा


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Motihari News: मोतिहारी में एक डॉक्टर गजब का काम कर रहे हैं. वह इंसानों के साथ-साथ लावारिस कुत्तों का भी इलाज करते हैं. उन्हें आशियाना देते हैं. उन्होंने अपने बंगले के पास ही एक बड़ा फार्म हाउस बनवाया है, जिसमें तकरीबन 150 कुत्ते रहते हैं. डॉक्टर उनकी परिवार की तरह देखभाल करते हैं.

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मोतिहारी के डॉक्टर का अनोखा मिशन, 150 से ज्यादा कुत्तों को दिया घरZoom

डॉक्टर मंजर नसीम.

मोतिहारीः बिहार के मोतिहारी में डॉक्टर ने मानवता की मिसाल पेश की. वह इंसानों का इलाज करने के साथ-साथ घायल, बीमार और बेसहारा कुत्तों की जान बचाने में भी जुटे हैं. पिछले 10 साल से उन्होंने इसे अपना मिशन बना रखा है. इसके साथ ही 150 से ज्यादा कुत्तों को आशियाना बनाकर दिया. उन्हें परिवार की तरह रखते हैं. उनकी इस सेवाभाव की हर तरफ तारीफ हो रही है. डॉक्टर मंजर नसीम बताते हैं कि उन्हें बेजुबानों की सेवा करने की प्रेरणा बेटे से मिली.

लावारिस कुत्तों को दिया सहारा
डॉक्टर मंजर नसीम ने अपने आलीशान बंगले के बगल में एक बड़ा फार्म हाउस बनवाया है. यहां 150 से ज्यादा लावारिस कुत्तों को सहारा मिला हुआ है. इन कुत्तों के इलाज, वैक्सीनेशन, भोजन और देखभाल की व्यवस्था की जाती है. खास बात यह है कि डॉक्टर नसीम यह काम बिना किसी सरकारी सहायता के कर रहे हैं. सड़क पर घायल या बीमार हालत में मिलने वाले कुत्तों को वह अपने पास लाते हैं. उनका इलाज कराते हैं और ठीक होने तक उनकी देखभाल करते हैं. जिन कुत्तों का कोई नहीं है, उनके लिए यह फार्म हाउस एक सुरक्षित ठिकाना बन गया है.

एक सीटी पर दौड़े चले आते हैं कुत्ते
डॉक्टर नसीम और इन बेजुबान जानवरों के बीच का रिश्ता भी खास है. उनकी एक आवाज या सीटी सुनते ही कुत्ते उनके पास दौड़े चले आते हैं. डॉक्टर नसीम उन्हें परिवार के सदस्य की तरह रखते हैं. यही वजह है कि ये कुत्ते भी उनसे घुल-मिल गए हैं. फार्म हाउस में कुत्तों के रहने, खाने और इलाज का इंतजाम किया गया है. यहां उनकी देखभाल के लिए दूसरे लोग भी काम करते हैं. डॉक्टर नसीम की कोशिश है कि सड़क पर बेसहारा घूमने वाले बीमार और घायल जानवरों को भी इलाज और सुरक्षित जगह मिल सके.

बेटे से मिली प्रेरणा, फिर बना सेवा का मिशन
डॉक्टर मंजर नसीम बताते हैं कि इस काम की प्रेरणा उन्हें अपने बेटे से मिली. उनका बेटा एक बीमार कुत्ते को घर लेकर आया था. परिवार ने उस कुत्ते का इलाज कराया और उसकी देखभाल की. इसी अनुभव से डॉक्टर नसीम के मन में विचार आया कि इंसानों की सेवा के साथ बेजुबान जानवरों की मदद भी की जानी चाहिए. इसके बाद उन्होंने लावारिस कुत्तों के इलाज, वैक्सीनेशन और पालन-पोषण की जिम्मेदारी उठानी शुरू कर दी. धीरे-धीरे यह काम उनके जीवन का मिशन बन गया.

डॉक्टर नसीम की सोच को सलाम
डॉक्टर नसीम के यहां काम करने वाले दीपक पासवान बताते हैं कि डॉक्टर साहब ने लावारिस कुत्तों के लिए बड़ा फार्म हाउस बनवाया है. वहां इन सभी कुत्तों को रखा जाता है और उनकी देखभाल की जाती है. दीपक के मुताबिक, बेजुबान जानवर भी इंसान के व्यवहार और उसके प्यार को समझते हैं. डॉक्टर मंजर नसीम की यह पहल बताती है कि सेवा के लिए शब्दों की जरूरत नहीं होती. कभी-कभी किसी बेजुबान की मदद करना भी किसी की जिंदगी बदल सकता है. पिछले 10 साल से जारी उनका यह प्रयास उन लोगों के लिए भी मिसाल है, जो जानवरों की मदद करना चाहते हैं.



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