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Lucknow-Kanpur Expressway News : सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो फिर बनेगी… ये बयान तो आप भूले नहीं होगे? यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने जब ये बोला था तो विवाद हो गया था. मगर, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का हाल तो ऐसा ही है. बनता है उखड़ता है और फिर बनता है. अब भईया ये सड़क फिर से 4200 करोड़ का जवाब मांग रही है.
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे में फिर गड्ढे.
Lucknow-Kanpur Expressway : उत्तर प्रदेश के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की तो बात ही क्या करें. 4200 करोड़ रुपये से बड़े-बड़े दावे करके बनाई गई सड़क ने भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है. इस साल 13 जुलाई को उद्घाटन के महज 13 दिन बाद ही इसकी सारी हकीकत सामने आ गई. यहां तक कि कंपनी के नए टेंडर पर तक रोक लगा दी गई. मगर, फिर भी इस एक्सप्रेसवे पर गड्ढा होना नहीं रुक रहा. अब रुकेगा भी कैसे बन तो पहले ही गया है वो भी 4200 करोड़ रुपये से. दरअसल एक्सप्रेसवे को दो महीने के भीतर दूसरी बार मरम्मत की जरूरत पड़ गई है. सड़क पर कई जगह धंसाव और दरारें दिखाई दी हैं. इसके बाद निर्माण कंपनी PNC ने आनन-फानन में मरम्मत का काम शुरू कर दिया. मौके पर बड़ी मशीनों के साथ मजदूर भी काम कर रहे हैं. कुछ हिस्सों की मरम्मत पूरी कर ली गई है, जबकि कई जगह काम अभी जारी है.
13 जुलाई को बना था एक्सप्रेसवे
गौरतलब है, 4200 करोड़ के हाईटेक लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड नेशनल एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण 13 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किया था. 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के महज 12 दिन बाद सड़क धंस गई थी. एक बार तो एक एक्सप्रेसवे की मरम्मत को सुखाने के लिए पंखे तक लगा दिए गए थे.
हैरानी की बात तो यह है कि अब जब ये फिर से सड़क उखड़ी है तो उसका तो कारण ही समझ नहीं आ रहा. पिछले 12 दिनों से तो बारिश भी नहीं हुई है. इसके बावजूद सड़क के अलग-अलग हिस्सों में नुकसान सामने आया है. ऐसे में एक्सप्रेसवे की मजबूती और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल फिर खड़े हो गए हैं. टीवी 9 की एक रिपोर्ट की माने तो एक्सप्रेसवे पर पॉइंट 65.5 के पास सड़क को नुकसान पहुंचा है. कानपुर से लखनऊ की ओर आने वाले रास्ते पर करीब 200 मीटर के हिस्से में धंसाव देखने को मिला है. सड़क पर दरारें भी दिखाई दे रही हैं.
क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के लिए मिट्टी को दोबारा बैठाया जा रहा है और उसके ऊपर मेटल डाला जा रहा है. कुछ जगहों पर सड़क के खराब हिस्से को तोड़कर मरम्मत की गई है. मौके पर मरम्मत से जुड़ी मशीनें और मजदूर मौजूद हैं. सड़क के किनारे कुछ हिस्सों में ताजा कंक्रीट की ढलाई भी की गई है. मरम्मत का काम तेजी से पूरा करने की कोशिश की जा रही है, ताकि सड़क को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जा सके.
पॉइंट 56.8 पर भी क्षतिग्रस्त
एक्सप्रेसवे के पॉइंट 56.8 पर भी सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त मिला है. एक्सप्रेसवे पर तीन अलग-अलग स्थानों पर मरम्मत का काम पूरा किया गया है या अभी चल रहा है. कुछ हिस्सों में आगे भी मरम्मत की जरूरत दिखाई दे रही है. इससे साफ है कि सड़क पर नुकसान किसी एक जगह तक सीमित नहीं है. आमतौर पर बारिश के दौरान सड़क में पानी भरने या मिट्टी कमजोर होने से धंसाव की समस्या सामने आ सकती है, लेकिन इस एक्सप्रेसवे पर पिछले 12 दिनों से बारिश नहीं होने के बावजूद सड़क में धंसाव और दरारें मिलने से सवाल खड़े हो रहे हैं.