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Shila Mata temple Amer Navratri 2026 schedule: जयपुर के ऐतिहासिक आमेर स्थित प्रसिद्ध शीला माता मंदिर में 11 अक्टूबर को सुबह 11:55 बजे शारदीय नवरात्र की घटस्थापना होगी. अनुष्ठान के बाद दोपहर 1 बजे से भक्तों के लिए माता के दर्शन खुलेंगे. नवरात्र के दौरान 16 अक्टूबर को छठ का विशाल मेला भरेगा और 18 को निशा पूजन किया जाएगा. 19 अक्टूबर को अष्टमी पर पूर्णाहुति होगी. दर्शनार्थियों के लिए दोपहर 12:30 से शाम 4 बजे तक पट मंगल रहेंगे. सुरक्षा के लिए जलेब चौक और महल परिसर में होमगार्ड, सीसीटीवी व पुलिस की कड़ी निगरानी रहेगी.
Navratri 2026: आमेर शीला माता मंदिर जाने से पहले जान लें दर्शन का समय, छठ मेले और निशा पूजन की तारीख
Jaipur: शारदीय नवरात्र का पावन पर्व देशभर में बड़े ही हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया जाता है. राजस्थान की राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक आमेर महल में स्थित प्रसिद्ध शीला माता मंदिर में भी इस अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजनों की भव्य तैयारियां शुरू हो गई हैं. आमेर का शीला माता मंदिर प्रदेशभर के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां नवरात्र के नौ दिनों तक माता के दर्शन के लिए भक्तों का भारी सैलाब उमड़ता है. इस वर्ष शारदीय नवरात्र के अवसर पर मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक और पुख्ता इंतजाम किए हैं.
शीला माता मंदिर के मुख्य पुजारी बनवारी लाल शर्मा ने आगामी आयोजनों की विस्तृत जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि मंदिर में 11 अक्टूबर को सुबह 11:55 बजे पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ घटस्थापना यानी नवरात्र स्थापना की जाएगी. इस धार्मिक अनुष्ठान के संपन्न होने के बाद, दोपहर 1 बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए माता के दर्शन खोल दिए जाएंगे. पहले दिन से ही माता के दरबार में भक्तों की भारी भीड़ जुटने की संभावना है, जिसे देखते हुए मंदिर के पट खुलने के समय और दर्शन की कतारों को व्यवस्थित करने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष निर्देश जारी किए गए हैं.
छठ का मेला और विशेष पूजा का कार्यक्रम
नवरात्र के दौरान आमेर में विशेष उत्सव का माहौल रहता है. इस बार 16 अक्टूबर को मंदिर प्रांगण में विशाल छठ मेले का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें जयपुर और आसपास के जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुंचेंगे. इसके पश्चात 18 अक्टूबर की रात 10 बजे माता का विशेष निशा पूजन संपन्न होगा, जिसका तांत्रिक और धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है. वहीं, अष्टमी के पावन अवसर पर 19 अक्टूबर को शाम 4:30 बजे पूर्णाहुति का आयोजन किया जाएगा. मंदिर प्रशासन ने दर्शनार्थियों के लिए यह भी स्पष्ट किया है कि दोपहर 12:30 बजे से शाम 4 बजे तक मंदिर के पट मंगल रहेंगे, यानी इस अवधि में दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे. शाम 4 बजे के बाद श्रद्धालु पुनः निर्धारित समय के अनुसार माता के दर्शन कर सकेंगे.
सुरक्षा और यातायात के रहेंगे पुख्ता इंतजाम
नवरात्र के दौरान शीला माता मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की प्रबल संभावना है. इसे ध्यान में रखते हुए जयपुर पुलिस प्रशासन ने आमेर महल परिसर और जलेब चौक में सुगम एवं सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का निर्णय लिया है. पूरी व्यवस्था पर होमगार्ड, पुलिस प्रशासन और आधुनिक सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पैनी नजर रखी जाएगी. आमेर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए भीड़ बढ़ने के साथ ही क्षेत्र में वाहनों और पैदल श्रद्धालुओं की आवाजाही भी काफी बढ़ जाती है.
प्रशासन की भक्तों से विशेष अपील
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और जाम से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा एक विशेष रूट प्लान तैयार किया जा रहा है. श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरे की व्यवस्था की जा रही है. प्रशासन ने दर्शनार्थियों से अपील की है कि वे मंदिर परिसर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें.