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उत्तर प्रदेश में बुजुर्गों के लिए वृद्धावस्था पेंशन योजना संचालित की जा रही है. योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित उम्र, आय और अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है. मिर्जापुर के बरकछा कलां गांव के प्रधान प्रतिनिधि विकास तिवारी ने आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों और जन सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन करने की प्रक्रिया की जानकारी दी.
मिर्ज़ापुर: प्रदेश सरकार के द्वारा बुजुर्गों को लेकर वृद्धा पेंशन योजना संचालित कर रही है. कई बार बुजुर्ग इस योजना का लाभ नहीं ले पाते हैं. उनके मन में कई तरीके के संदेह होते हैं. अगर आप भी वृद्धा पेंशन योजना का लाभ लेना चाहते हैं और योजना के बारे में जानकारी चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए है. वृद्धा पेंशन योजना को लेकर उम्र से लेकर संबंधित डॉक्यूमेंट की जानकारी इस खबर में है. ऐसे में डॉक्यूमेंट को तैयार करके और तय माध्यम से आवेदन करके वृद्धा पेंशन योजना का लाभ ले सकते हैं. सरकार के द्वारा योजना में लाभ प्रदान किया जा है.
बरकछा कलां गांव के प्रधान प्रतिनिधि विकास तिवारी ने लोकल 18 से बताया कि वृद्धा पेंशन एक उत्तर प्रदेश सरकार की एक योजना है, जिसमें 60 साल के ऊपर के जो भी लोग हैं, पात्र हैं तो उनको एक सरकार की तरफ से वृद्धा पेंशन नाम की योजना में वृद्धा पेंशन दिया जाता है. उसके लिए पात्रता तो है जैसे कोई 60 साल पूरा हो और लाल कार्ड धारक हो या सामान्य वर्ग का भी है और उसके पास एक एकड़ से कम जमीन हो. कच्चा मकान हो तो उस लोग को पात्र मानके वृद्धा पेंशन दिया जाता है. वो इस योजना का लाभ ले सकते हैं.
ये दस्तावेज होने जरुरी
विकास तिवारी ने बताया कि वृद्धा पेंशन बनवाने के लिए सर्वप्रथम तो व्यक्ति के पास उसकी आय करीब 46,000 रुपए के अंदर होनी चाहिए. नियमों में सालाना आय 46,000 तय की गई है और जिस गाँव का है उस गाँव का निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए. इसके साथ ही प्रधान से निर्गत एक परिवार रजिस्टर होता है, उसके होना बेहद ही जरुरी है. आपका आय हो गया. आधार कार्ड हो गया. बैंक पासबुक हो गया. एक फोटो और निवास प्रमाण पत्र हो गया. ये सारे डॉक्यूमेंट लेकर खुद विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
इतने दिनों में होगा तैयार
विकास तिवारी ने बताया कि जन सेवा केंद्र के माध्यम से या पंचायत भवन में बने सीएससी सेंटर पर जाकर इसका आवेदन कर सकते हैं. आवेदन उपरांत उसकी हार्ड कॉपी समाज कल्याण विभाग में जमा करनी होती है. यह एक प्रक्रिया है, वहाँ से फिर संबंधित अधिकारी को ऑनलाइन माध्यम से ही डॉक्यूमेंट फॉरवर्ड होते रहते हैं और 6 महीने के अंदर एक पेंशन धारक को पेंशन बनके तैयार हो जाती है, उसके खाते में पेंशन आने लगती है.