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दावों और कागजों में चमकता विकास जब जमीनी हकीकत से टकराता है, तो अलीनगर बिछड़ी जैसी तस्वीरें सामने आती हैं. मुगलसराय के वार्ड नंबर-5 में हालात इस कदर बदहाल हो चुके हैं कि यहां सड़क और नाली के बीच का फर्क पूरी तरह मिट गया है. घुटनों तक जमा बदबूदार पानी, बीमारियों का मंडराता साया और बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसते बाशिंदे अब सिस्टम की कार्यशैली पर सीधा सवाल दाग रहे हैं.
चंदौली जिले के मुगलसराय क्षेत्र के वार्ड नंबर-5 अलीनगर बिछड़ी की तस्वीरें नगर पालिका की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही हैं. इलाके की सड़कें लंबे समय से जलभराव की चपेट में हैं. कई जगहों पर सड़क और नाली का फर्क तक नजर नहीं आ रहा. स्थानीय लोगों का कहना है कि गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है और बच्चों, बुजुर्गों तथा रोजाना आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
90 प्रतिशत वार्ड पानी में डूबा, छोटा पंप साबित हुआ नाकाफी
अलीनगर बिछड़ी के पूर्व सभासद राजा राम सोनकर ने लोकल 18 से बातचीत में दावा किया कि वार्ड का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा पानी में तब्दील हो चुका है. उन्होंने बताया कि कई मकानों में भी पानी पहुंच गया है और शिकायत के बाद नगर पालिका की ओर से एक छोटा पंप उपलब्ध कराया गया था, लेकिन उससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका. उन्होंने कहा कि चेयरमैन से कई बार बड़े पंप की मांग की गई, लेकिन अब तक व्यवस्था नहीं हुई. पूर्व सभासद ने यह भी आरोप लगाया कि गंदे पानी के कारण लोगों को बीमारी फैलने का डर बना हुआ है. उन्होंने कहा कि प्रशासन और नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर स्थिति देखनी चाहिए.
गड्ढों में तब्दील रास्ते और रोजमर्रा की मुश्किलें
स्थानीय लोगों के मुताबिक सिर्फ जलभराव ही समस्या नहीं है. कई जगह सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं और नालियां भी खराब पड़ी हैं. बारिश के दौरान स्थिति और बिगड़ जाती है. पानी और गंदगी के बीच से बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है, जबकि दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. चंदौली युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष माधवेंद्र मूर्ति ओझा ने भी इलाके की बदहाल स्थिति को लेकर नगर पालिका और जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाए. उन्होंने लोकल 18 से कहा कि सड़क, जल निकासी और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं पर तत्काल ध्यान दिया जाना चाहिए. उन्होंने इलाके के नाम को लेकर भी अपनी राजनीतिक टिप्पणी की और सरकार तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र के विकास की मांग की.
जनप्रतिनिधियों के दौरों के बाद भी हालात जस के तस
स्थानीय निवासी मुन्नालाल यादव ने लोकल 18 से कहा कि रास्ते से गुजरना बेहद मुश्किल है. उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधि इसी रास्ते से आते-जाते हैं और उन्हें भी इलाके की स्थिति दिखाई देती है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ. वहीं, किशन सोनकर ने भी कहा कि बरसात में सड़क पूरी तरह पानी से भर जाती है और लोगों को आने-जाने में बहुत परेशानी होती है. स्थानीय लोगों की मांग है कि जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए, सड़क की मरम्मत कराई जाए और नालियों की सफाई के साथ बिजली व अन्य बुनियादी समस्याओं का समाधान किया जाए. अब देखना यह है कि नगर पालिका और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस जलभराव से कब तक राहत दिलाते हैं.