IIM से MBA, 37 लाख का पैकेज, पर अचानक हुए कंगाल और मां की मौत ने तोड़ा, फिर 5वें प्रयास में बने IPS

IIM से MBA, 37 लाख का पैकेज, पर अचानक हुए कंगाल और मां की मौत ने तोड़ा, फिर 5वें प्रयास में बने IPS


UPSC Success Story: कुछ सपने ऐसे होते हैं, जिन्हें पूरा करने की राह में इंसान को बार-बार खुद से लड़ना पड़ता है. IPS अधिकारी विक्रम दहिया की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. अच्छी पढ़ाई, विदेश में नौकरी और बेहतर करियर होने के बावजूद उन्होंने समाज में बदलाव लाने के लिए अपनी नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी शुरू की. हालांकि, इसके बाद ही उनकी जिंदगी में आर्थिक परेशानी, असफलताएं और मां को खोने का गहरा दुख आया. एक समय ऐसा भी आया जब उनका बैंक बैलेंस तक खत्म हो गया और वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो गए. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार अपने 5वें प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास कर IPS अधिकारी बनने का अपना सपना पूरा किया.

IIM से MBA के बाद लंदन में मिली अच्छी नौकरी

दरअसल, विक्रम दहिया की पढ़ाई-लिखाई काफी अच्छी रही. उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद IIM रोहतक से MBA किया. इसके बाद उन्हें लंदन की एक कंपनी में अच्छी नौकरी मिली. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां उन्हें करीब 19 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिला था. बाद में उन्होंने मुंबई की एक कंपनी में भी काम किया, जहां उनका पैकेज करीब 37 लाख रुपये सालाना बताया गया है. यानी करियर की शुरुआत में उनके पास अच्छी नौकरी और बेहतर कमाई के मौके थे.

हालांकि, विक्रम का लक्ष्य सिर्फ अच्छी नौकरी और पैसा कमाना नहीं था. वह समाज में कुछ बड़ा बदलाव करना चाहते थे. इसी सोच ने उन्हें कॉरपोरेट नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने एक सुरक्षित करियर छोड़कर ऐसी राह चुनी, जहां सफलता की कोई गारंटी नहीं थी.

दिल्ली में गुजरे मुश्किल दिन, खत्म हो गई सारी सेविंग्स

UPSC की तैयारी के लिए विक्रम दिल्ली पहुंचे. राजेंद्र नगर और मुखर्जी नगर में रहकर उन्होंने परीक्षा की तैयारी की. शुरुआत में उन्हें लगा था कि मेहनत के दम पर वह जल्द सफलता हासिल कर लेंगे, लेकिन रास्ता उम्मीद से कहीं ज्यादा मुश्किल निकला.

तैयारी के दौरान उनकी सेविंग्स धीरे-धीरे खत्म हो गईं. एक समय ऐसा आया जब उनका बैंक बैलेंस जीरो हो गया. उन्होंने दोबारा प्राइवेट नौकरी पाने के लिए कई जगह इंटरव्यू दिए, लेकिन वहां भी सफलता नहीं मिली. आर्थिक परेशानी के साथ आसपास के लोगों के ताने भी सुनने पड़े. लगातार असफलताओं ने उनका आत्मविश्वास कमजोर कर दिया और उन्हें खुद पर ही शक होने लगा.

4 बार हुए फेल, फिर मां को खोने का लगा सदमा

UPSC की तैयारी के दौरान विक्रम को लगातार असफलताओं का सामना करना पड़ा. चार प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली. इसी मुश्किल दौर में उनकी मां गंभीर रूप से बीमार हो गईं. 1 अक्टूबर 2018 को उनकी मां का निधन हो गया. यह घटना उनके लिए जिंदगी का सबसे बड़ा झटका थी.

मां को खोने के बाद वह गहरे दुख में चले गए और मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगे. जिस मां को वह अपने सपने की प्रेरणा मानते थे, वही अब उनके साथ नहीं थीं. आर्थिक परेशानी, असफलता और मां के जाने के दुख ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया था. फिर भी उन्होंने अपने सपने को खत्म नहीं होने दिया.

मुंबई में की नौकरी, फिर लौटे UPSC की ओर

मां के निधन के बाद विक्रम ने खुद को संभालने की कोशिश की. उन्होंने मुंबई में नौकरी शुरू की, लेकिन सिविल सेवा में जाने का सपना उनके मन में बना रहा. इसलिए कुछ समय बाद उन्होंने फिर से UPSC की तैयारी पर ध्यान देने का फैसला किया और दिल्ली लौट आए.

इस बार उन्होंने अपनी पिछली गलतियों को समझा और तैयारी का तरीका बदला. उन्होंने सिर्फ ज्यादा घंटे पढ़ने के बजाय अपनी रणनीति, कमियों और पढ़ाई के तरीके पर काम किया. धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास वापस आने लगा और उन्होंने एक बार फिर पूरी ताकत से परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी.

5वें प्रयास में बने IPS, पूरा किया मां का सपना

आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई. चार बार असफल होने के बाद विक्रम दहिया ने पांचवें प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली. वह 2020 बैच के IPS अधिकारी बने और इसी के साथ उन्होंने अपनी मां का सपना भी पूरा किया. वह वर्तमान में चंदौली में एडिशनल SP के पद पर तैनात हैं.



Source link