अरबों भारतीयों के लिए सस्ती टेक्नोलॉजी बनाएगी Jio, आकाश अंबानी ने बताया पूरा प्लान

अरबों भारतीयों के लिए सस्ती टेक्नोलॉजी बनाएगी Jio, आकाश अंबानी ने बताया पूरा प्लान


भारत में इंटरनेट और डिजिटल सर्विसेस का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में अब सिर्फ तेज नेटवर्क देना ही काफी नहीं है. देश को अपनी जरूरत के हिसाब से खुद की टेक्नोलॉजी भी तैयार करनी होगी. नई दिल्ली में आज 8 अक्टूबर को आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस में रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कंपनी की यूनिक स्ट्रैटजी को लेकर संकेत भी दिया है. उन्होंने कहा कि भारत को अपनी खुद की टेक्नोलॉजी का स्ट्रक्चर यानी ‘इंडिजिनस टेक्नोलॉजी स्टैक’ तैयार करना चाहिए. जियो भी इसी सोच के साथ आगे बढ़ रही है. कंपनी का लक्ष्य भारत की बड़ी आबादी के लिए ऐसी टेक्नोलॉजी और डिजिटल सर्विसेस तैयार करना है, जो इस्तेमाल में आसान होने के साथ-साथ सस्ती भी हों.

आकाश अंबानी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दौरान मनीकंट्रोल से बातचीत में कंपनी की योजनाओं पर बात की. उन्होंने कहा कि जियो का फोकस हमेशा आम भारतीय उपभोक्ता तक किफायती सॉल्यूशन पहुंचाने पर रहेगा. इसके साथ ही कंपनी सैटेलाइट कम्युनिकेशन और अपनी टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने पर भी काम कर रही है.

भारत को अपनी टेक्नोलॉजी की जरूरत क्यों?

आकाश अंबानी के मुताबिक, भारत को टेक्नोलॉजी के लिए पूरी तरह दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. देश की आबादी और डिजिटल जरूरतें बहुत बड़ी हैं. इसलिए भारत के लिए ऐसे टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन जरूरी हैं, जो यहां के लोगों और कारोबार की जरूरत के मुताबिक बनाए जाएं.

Jio इसी दिशा में अपना टेक्नोलॉजी स्टैक तैयार करने पर जोर दे रही है. इसका मतलब नेटवर्क, सॉफ्टवेयर और दूसरी डिजिटल तकनीकों का ऐसा पूरा सिस्टम बनेगा, जिसे भारत की जरूरतों के हिसाब से विकसित किया जा सके.

र‍िलायंस ज‍ियो के चेयरमैन आकाश अंबानी

आम लोगों के लिए सस्ती रहेगी टेक्नोलॉजी

जियो की स्ट्रैटजी में कीमत भी बड़ा हिस्सा है. आकाश अंबानी ने साफ कहा कि कंपनी भारत के एक अरब से ज्यादा यूजर्स को ध्यान में रखकर समाधान तैयार करेगी. कोशिश रहेगी कि ये सर्विसेस ज्यादा से ज्यादा लोगों की पहुंच में हों. इसका मतलब यह है कि Jio सिर्फ नई तकनीक लाने पर ध्यान नहीं देगी, बल्कि उसकी कीमत को भी आम ग्राहक के हिसाब से रखने की कोशिश करेगी. भारत जैसे बड़े और प्राइस सेंसेटिव मार्केट में यह स्ट्रैटजी कंपनी के लिए अहम हो सकती है.

Jio IPO को लेकर भी बड़ा अपडेट

आकाश अंबानी ने जियो के प्रपोज्ड IPO पर भी बात की. उन्होंने कहा कि कंपनी इस पब्लिक इश्यू को काफी जिम्मेदारी के साथ देख रही है. यह रिलायंस ग्रुप की करीब तीन दशक बाद आने वाली पहली बड़ी पब्लिक इश्यू पहल होगी. उन्होंने जियो के IPO को कंपनी की आगे की जर्नी की शुरुआत बताया. यानी बाजार में लिस्ट होने के बाद Jio के लिए कारोबार को और विस्तार देने के नए रास्ते खुल सकते हैं.

आकाश अंबानी ने जियो के प्रस्तावित IPO पर भी बात की.

सैटेलाइट कम्युनिकेशन पर भी आगे बढ़ रहा काम

जियो सैटेलाइट कम्युनिकेशन के सेक्टर में भी अपनी तैयारी कर रही है. अंबानी ने बताया कि कंपनी ने मंत्री के सामने अपने सैटेलाइट कम्युनिकेशन सॉल्यूशन को परफॉर्म किया है. साथ ही, जरूरी रेगुलेटरी मंजूरियों पर भी काम आगे बढ़ रहा है. अगर मंजूरियां मिलती हैं, तो सैटेलाइट आधारित कनेक्टिविटी उन इलाकों के लिए अहम हो सकती है जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क या ब्रॉडबैंड पहुंचाना मुश्किल है.

PM मोदी ने डीपफेक को बताया बड़ी चुनौती

इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी डिजिटल दुनिया की एक बड़ी चुनौती पर बात की. उन्होंने डीपफेक को गंभीर समस्या बताया. पीएम मोदी ने कहा कि डीपफेक के जरिए होने वाली धोखाधड़ी और सुरक्षा से जुड़े रिस्क को रोकने के लिए दुनिया को मिलकर काम करना चाहिए. उन्होंने GSMA और दुनियाभर की टेलीकॉम कंपनियों से ऐसा ग्लोबल सिस्टम बनाने की अपील की, जिससे डिजिटल फ्रॉड लोगों तक पहुंचने से पहले ही रोका जा सके.



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