पीएम स्वनिधि का सहारा, शिवपुरी के धर्मेंद्र की बदली किस्मत, फास्ट फूड के ठेले से हो रही 30 हजार की कमाई

पीएम स्वनिधि का सहारा, शिवपुरी के धर्मेंद्र की बदली किस्मत, फास्ट फूड के ठेले से हो रही 30 हजार की कमाई


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PM Svanidhi Yojana: शिवपुरी जिले के बैराड़ निवासी धर्मेंद्र ने पीएम स्वनिधि योजना का लाभ उठाकर अपने फास्ट फूड कारोबार को आगे बढ़ाया है. अब वे हर महीने करीब 30 हजार रुपये की कमाई कर रहे हैं.

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PM Svanidhi Yojana: शिवपुरी जिले के बैराड़ निवासी धर्मेंद्र ने पीएम स्वनिधि योजना का लाभ उठाकर अपने फास्ट फूड कारोबार को नई ऊंचाई दी है. शुरुआत में मिले 10 हजार रुपये के ऋण से शुरू हुआ उनका सफर अब हर महीने करीब 30 हजार रुपये की कमाई तक पहुंच गया है. शिवपुरी जिले के बैराड़ के रहने वाले धर्मेंद्र ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की मदद से अपने रोजगार को आगे बढ़ाया है. योजना के तहत बिना किसी गारंटी के उन्हें शुरुआती दौर में 10 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ था. इस वित्तीय सहायता का सही उपयोग करते हुए उन्होंने अपने कारोबार को विस्तार दिया, जिससे आज वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुके हैं और अपने परिवार की स्थिति में सुधार कर रहे हैं.

कारोबार का विस्तार
धर्मेंद्र बैराड़ में फास्ट फूड का काम करते हैं. उन्होंने अपने इस कारोबार को बढ़ाने के लिए पीएम स्वनिधि योजना का सहारा लिया. शुरुआत में बिना गारंटी के मिले 10 हजार रुपये के ऋण का उन्होंने सफलतापूर्व इस्तेमाल किया और उसे समय पर चुका भी दिया.

ऋण की अगली किस्तें
प्रमुख बातें यह हैं कि पहला ऋण समय पर चुकाने के बाद धर्मेंद्र को योजना के तहत अगली किस्तों का लाभ मिला. उन्हें पहले 20 हजार रुपये और उसके बाद 50 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ. इस पूरी राशि का उपयोग उन्होंने अपने ‘धर्मेंद्र हॉट मोमोज एवं वेज बिरयानी’ स्टॉल को बड़ा करने और जरूरी सामान खरीदने में किया.

कमाई और डिजिटल सुविधा
घटना की पूरी जानकारी के अनुसार कारोबार के विस्तार के बाद अब धर्मेंद्र की आमदनी में काफी सुधार हुआ है. वर्तमान में वे अपने इस काम से हर महीने करीब 30 हजार रुपये की कमाई कर रहे हैं. इसके साथ ही वे अपने ग्राहकों को डिजिटल पेमेंट की सुविधा भी उपलब्ध करा रहे हैं.

लाभार्थी का बयान
धर्मेंद्र का कहना है कि पीएम स्वनिधि योजना ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव किया है. इस योजना की मदद से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है.



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