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Japan News: जापान के ओकिनावा में जापानी महिला की हत्या और लूट के संदेह में अमेरिकी मरीन की गिरफ्तारी की गई थी. अब जब मामले को लेकर जापान में बवाल कटा तो अमेरिकी सेना ने 48 घंटे का ऑपरेशनल पॉज लागू किया. इस दौरान सैनिकों के बेस से बाहर जाने और शराब पीने पर रोक रहेगी. इसके बाद 30 दिन का पीरियड ऑफ रिफ्लेक्शन शुरू होगा, जिसमें रात 12 से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू और बेस पर निगरानी बढ़ाई जाएगी.
जापान के ओकीनावा में US बेस. (Reuters)
US Okinawa Base Japan: जापान के ओकिनावा में एक जापानी महिला की हत्या ने अमेरिका को हिलाकर रख दिया है. हत्यारोपी अमेरिकी मरीन को जापान ने गिरफ्तार किया है. मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में फिर से अमेरिकी सेना की मौजूदगी को लेकर नाराजगी देखने को मिली. इसके बाद अब अमेरिका ने ओकिनावा में तैनात अमेरिकी सैन्यकर्मियों के लिए 48 घंटे का ऑपरेशनल पॉज लागू किया गया है. इस दौरान सैनिकों को बेस से बाहर जाने और शराब पीने पर पूरी तरह रोक रहेगी.
III मरीन एक्सपेडिशनरी फोर्स और मरीन फोर्सेज जापान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बेंजामिन वॉटसन ने मंगलवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक चिट्ठी जारी कर नए नियमों का ऐलान किया. बुधवार दोपहर से शुक्रवार दोपहर तक चलने वाले 48 घंटे के इस ऑपरेशनल पॉज के दौरान सभी सैन्यकर्मियों की ट्रेनिंग और अनुशासन से जुड़े कार्यक्रम होंगे. वॉटसन ने साफ कहा कि इस दौरान बेस से बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी. इसके साथ ही बेस के अंदर और बाहर शराब पीने पर भी पूरी तरह रोक रहेगी.
क्या था बवाल का कारण?
अमेरिका ने ये फैसला 20 वर्षीय अमेरिकी मरीन लांस कॉर्पोरल डेविन जैकब बैलार्ड की गिरफ्तारी के बाद लिया है. उस पर आरोप है कि उसने 39 साल की जापानी महिला अन्ना यागी की हत्या की और लूट भी किया. घटना ओकिनावा के नाहा स्थित एक होटल में हुई, जहां अन्ना की लाश मिली थी.
जापान का ओकीनावा में हो रहा विरोध. (Reuters)
कर्फ्यू में रहेंगे अमेरिकी सैनिक
48 घंटे का ऑपरेशनल पॉज खत्म होने के बाद शुक्रवार से ओकिनावा में अमेरिकी सेना 30 दिन का ‘पीरियड ऑफ रिफ्लेक्शन’ शुरू करेगी. इस दौरान रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा. सभी सैन्यकर्मियों को इस समय के बीच या तो अपने बेस स्थित क्वार्टर में रहना होगा या बेस से बाहर अपने तय आवास पर रहना होगा. साथ ही बेस के गेट पर निगरानी और बढ़ाई जाएगी. अमेरिकी सेना अपनी ऑफ-बेस लिबर्टी यानी ड्यूटी के बाद बेस से बाहर जाने की मौजूदा नियमों को भी रिव्यू करने जा रही है. इसके बाद नियमों में स्थायी बदलाव की सिफारिश की जा सकती है.