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Nana Patekar Love To Live In Village: नाना पाटेकर की पहचान सिर्फ उनकी फिल्मों और दमदार किरदारों से नहीं थी, बल्कि उनकी सादगी भी हमेशा चर्चा में रही. करोड़ों की शोहरत के बावजूद उनका रहन-सहन बेहद साधारण रहा. मुंबई की भागदौड़ से दूर उन्हें गांव और प्रकृति के बीच वक्त बिताना पसंद था. खेती से लेकर पहाड़ों के बीच बने अपने ठिकाने तक, नाना ने जिंदगी को हमेशा अपनी शर्तों पर जिया. उनके कई घर थे, लेकिन सुकून उन्हें गांव में मिलता था.
नाना पाटेकर को गांव की जिंदगी काफी पसंद थी.
नई दिल्ली. बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार को निधन हो गया और वे अपनी सादगी और बेबाकी के लिए हमेशा जाने जाते रहे. कम लोग जानते हैं कि उनके कई ठिकाने थे लेकिन दिल हमेशा गांव में ही बसता था. नाना पाटेकर मुख्य रूप से मुंबई के अंधेरी में समर्थ नगर लोखंडवाला इलाके में एक साधारण वन बीएचके फ्लैट में रहते थे. इतने बड़े स्टार होने के बाद भी उन्होंने कभी आलीशान जिंदगी को नहीं अपनाया. पुणे के पास खडकवासला में उनका 27 एकड़ में फैला बड़ा फार्महाउस है, जहां वे खेती-बाड़ी भी करते थे. इसके अलावा गोवा के डोना पाउला में भी उनका एक घर था, जहां गुरुवार को कार्डियक अरेस्ट के कारण एक्टर का निधन हो गया. उनका पुश्तैनी गांव महाराष्ट्र के रत्नागिरी में है.
दरअसल, 8 जून 2025 को नाना पाटेकर क्विज आधारित रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 17’ में बतौर गेस्ट बनकर पहुंचे थे, जहां उन्होंने अपने गांव लौटने और मायानगरी मुंबई से दूर रहने की वजह का खुलासा किया था.
‘मैं गांव का हूं और वहीं रहना पसंद करता हूं’
शो के होस्ट अमिताभ बच्चन ने नाना पाटेकर से सवाल पूछा था, आपने जीवन में इतना कुछ हासिल किया, फिर सब कुछ छोड़कर गांव क्यों चले गए?’ इस पर नाना पाटेकर ने बड़ी सादगी से जवाब दिया था, ‘मैं फिल्म इंडस्ट्री से नहीं हूं’ मैं बस यहां काम करने आता हूं और फिर वापस चला जाता हूं. मैं कभी किसी पार्टी में नहीं गया, न ही शहर में ज्यादा रुका. मैं गांव का हूं और वहीं रहना पसंद करता हूं. मुझे वहां की जिंदगी अच्छी लगती है.’
घर के चारों तरफ हैं पहाड़
नाना पाटेकर ने कहा था, ‘मुझे अपनी मां से जितना चाहिए था, उससे कई गुना ज्यादा मिला है. जरूरतें सीमित रखना बहुत आसान है. मेरे पास एसी नहीं है क्योंकि मुझे उसकी जरूरत नहीं लगती. जैसे शहर में चारों तरफ दीवारें होती हैं, वैसे ही मेरे घर के चारों ओर पहाड़ हैं. पहाड़ों से घिरा हुआ मेरा घर है और मैं वहीं आराम से रहता हूं. मुझे यह बहुत अच्छा लगता है.’
माधुरी दीक्षित की जमकर की थी तारीफ
एपिसोड में नाना पाटेकर ने अभिनेत्री माधुरी दीक्षित की भी तारीफ की थी. शो में एक दर्शक ने जब नाना पाटेकर से पूछा था कि फिल्म ‘वजूद’ में माधुरी दीक्षित के साथ काम करने का उनका अनुभव कैसा रहा? तो उन्होंने कहा था, ‘माधुरी दीक्षित के साथ काम करना एक शानदार अनुभव रहा. वह एक बेहतरीन अभिनेत्री हैं, खूबसूरत हैं, कमाल की डांसर हैं और उनमें वह सब कुछ है जो हर इंसान में होना चाहिए. मैं उन्हें बेहद सम्मान की नजरों से देखता हूं.’
‘कैसे बताऊं मैं तुम्हें’ पर क्या बोले थे नाना?
शो में दर्शकों ने नाना पाटेकर से फिल्म ‘वजूद’ में माधुरी को सुनाई कविता ‘कैसे बताऊं मैं तुम्हें’ से जुड़ा सवाल भी किया था. तब इस पर मुस्कुराते हुए एक्टर ने जवाब दिया था, ‘वह कविता जावेद अख्तर ने लिखी थी. यह कविता आज भी मुझे याद है. मैंने यह कविता माधुरी को सुनाई थी, इसलिए यह मेरे लिए भूलना मुश्किल है. आज भी ऐसा लगता है जैसे वह कविता मेरे खून में दौड़ रही हो.जब भी कोई मुझसे उस कविता के बारे में पूछता है, तो काफी सारी यादें दिल में ताजा हो जाती हैं.’