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Nana Patekar Death News: दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया गोवा स्थित उनके घर पर उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका नाना पाटेकर अपने दमदार अभिनय और यादगार डायलॉग्स के लिए हमेशा याद किए जाएंगे आइए उनके 5 ऐसे डायलॉग्स पर नजर डालते हैं, जो आज भी लोगों के बीच मशहूर हैं.
नाना पाटेकर के 5 बेस्ट डायलॉग
Nana Patekar Iconic Dialogues: बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया है. गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर पर वे अचानक बेहोश पाए गए थे. जिसके बाद उन्हें तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया. बताया जा रहा है कि डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें रिकवर करने की कोशिश की लेकिन गंभीर कार्डियक अरेस्ट के चलते उन्हें बचाया नहीं जा सका. इस दुखद खबर से पूरी फिल्म इंडस्ट्री और उनके फैंस गहरे सदमे में हैं.
नाना पाटेकर का जाना सिर्फ एक एक्टर का जाना नहीं है बल्कि सिनेमा के उस दौर का अंत है जहां डायलॉग सिर्फ बोले नहीं जाते थे बल्कि महसूस कराए जाते थे. उनके यूं अचानक चले जाने के बीच फैंस उनके आइकॉनिक किरदारों और डायलॉग्स को याद कर रहे हैं. चलिए बताते हैं दिवंगत एक्टर के वो 5 आइकॉनिक डायलॉग जिसे चाहकर भी नहीं भूल सकते फैंस.
1. वजूद
सन 1998 में आई फिल्म वजूद में नाना पाटेकर ने मल्हार का रोल प्ले किया था, जो सोफिया (माधुरी दीक्षित) के प्यार में ओब्सेस्ड होता है. इस फिल्म में उनका डायलॉग ‘कैसे बताऊं मैं तुम्हें मेरे लिए तुम कौन हो’ बेहद मशहूर हुआ. जावेद अख्तर की लिखी इस पोएट्री को एन चंद्रा के डायरेक्शन में नाना ने अपनी थमी हुई और तीखी आवाज से अमर कर दिया. किसी टिपिकल रोमांटिक हीरो की मिठास के बजाय इसमें एक जुनूनी प्रेमी का दर्द और बेचैनी साफ छलकती है.
2. क्रांतिवीर
साल 1994 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म क्रांतिवीर में नाना पाटेकर ने प्रताप का किरदार निभाया था. फिल्म के क्लाइमेक्स में जब उन्हें फांसी दी जा रही होती है, तब उनका डायलॉग ‘आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने’ सिनेमाघरों में तहलका मचा गया था. समाज की लाचारी और सिस्टम की नाकामी पर चोट करता यह सीन भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन मोनोलॉग्स में गिना जाता है.
3. क्रांतिवीर का ऐतिहासिक हिंदू मुस्लिम सीन
फिल्म क्रांतिवीर में ही प्रताप बने नाना पाटेकर का एक और डायलॉग इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया. सीन में वे अपनी हथेलियों को काटकर खून बहाते हैं और बोलते हैं ‘यह मुसलमान का खून है और यह हिंदू का खून है, बता इसमें से मुसलमान का कौन सा है और हिंदू का कौन सा, बता’. धर्म के नाम पर दंगे फैलाने वालों के मुंह पर करारा तमाचा जड़ता यह डायलॉग आज भी रील्स और सोशल मीडिया पर वायरल होता है. इस दमदार परफॉर्मेंस के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था.
4. यशवंत
साल 1997 में आई फिल्म यशवंत में नाना पाटेकर ने एक ईमानदार और सनकी पुलिस ऑफिसर यशवंत लोहार का रोल प्ले किया था. इस फिल्म का डायलॉग ‘एक मच्छर साला आदमी को हिजड़ा बना देता है’ उनकी पहचान बन गया. एक आम इंसान की बेबसी और गुस्सा बयां करती यह लाइन आज भी हर जनरेशन की जुबान पर रहती है.
5. वेलकम
साल 2007 में आई ब्लॉकबस्टर कॉमेडी फिल्म वेलकम में नाना पाटेकर ने डॉन उदय भाई का रोल निभाया था. क्राइम थ्रिलर और सीरियस रोल्स के बाद उनके इस नए अवतार ने दर्शकों को हंसते हंसते लोटपोट कर दिया था. फिल्म में उनका डायलॉग ‘भगवान का दिया हुआ सब कुछ है, दौलत है, शोहरत है, इज्जत है’ आज के समय में सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले मीम्स में से एक बन चुका है.