यमुना एक्सप्रेसवे के पास के किसान होंगे मालामाल, 95 एकड़ में तैयार होगी इंडस्ट्रियल सिटी, 3155 करोड़ रुपये का निवेश

यमुना एक्सप्रेसवे के पास के किसान होंगे मालामाल, 95 एकड़ में तैयार होगी इंडस्ट्रियल सिटी, 3155 करोड़ रुपये का निवेश


ग्रेटर नोएडाः यमुना सिटी में औद्योगिक गतिविधियों को और रफ्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है. यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस, फार्मा, हस्तशिल्प और टेक्सटाइल समेत विभिन्न क्षेत्रों की 25 नई औद्योगिक इकाइयों को जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इन कंपनियों को लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया जा चुका है. प्रस्तावित इकाइयों के लिए शहर में करीब 95 एकड़ जमीन आवंटित की जाएगी. इन परियोजनाओं से क्षेत्र में करीब 3155 करोड़ रुपये का निवेश आने की उम्मीद है और 9 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे.

25 औद्योगिक इकाइयों के लिए जारी हुआ LOI
यीडा के अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को एक साथ 25 औद्योगिक इकाइयों के लिए एलओआई जारी किए गए. इन प्रस्तावित इकाइयों में मेडिकल डिवाइस, फार्मास्युटिकल्स, हैंडीक्राफ्ट, अपैरल और मिक्स्ड लैंड यूज सहित अलग-अलग श्रेणियों की कंपनियां शामिल हैं. इन नई इकाइयों के शुरू होने से यमुना सिटी में औद्योगिक गतिविधियों का दायरा और बढ़ेगा. साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विनिर्माण को भी मजबूती मिलने की संभावना है.

कई प्रोजेक्ट के लिए जमीनों का हो चुका है आवंटन
यमुना सिटी में पहले से ही कई बड़े औद्योगिक और विनिर्माण प्रोजेक्ट विकसित किए जा रहे हैं. क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क और अपैरल पार्क प्रस्तावित हैं. इनमें करीब 90 प्रतिशत तक भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है. अब कई कंपनियों ने अपने प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है। इससे आने वाले समय में उत्पादन गतिविधियों के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है.

3000 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को मिल चुकी है जमीन
यीडा क्षेत्र में औद्योगिक विकास का आधार पहले से काफी मजबूत हो चुका है. अधिकारियों के मुताबिक, शहर में पहले ही 3000 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को जमीन दी जा चुकी है. इनमें से वर्तमान में करीब 35 इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है. इसका मतलब है कि यमुना सिटी केवल औद्योगिक भूखंडों के आवंटन तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यहां वास्तविक उत्पादन गतिविधियां भी तेजी से आकार ले रही हैं. इसके साथ ही उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर परियोजना का शिलान्यास भी हो चुका है, जिससे क्षेत्र के औद्योगिक महत्व में और वृद्धि हुई है.

नई परियोजनाओं को लिए 95 एकड़ भूमि होगी आवंटित
नई परियोजनाओं के लिए लगभग 95 एकड़ भूमि का आवंटन किया जाएगा. इन इकाइयों में कुल मिलाकर करीब 3155 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है. अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं से 9 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे. खास तौर पर मेडिकल डिवाइस, फार्मा और टेक्सटाइल से जुड़े उत्पादों का निर्माण यहां किया जाएगा. इन उत्पादों की बाजार में भारी मांग है. नोएडा क्षेत्र में पहले से ही करीब 5 हजार से अधिक टेक्सटाइल उद्योग मौजूद हैं. नई इकाइयों के आने से इस क्षेत्र में टेक्सटाइल और संबंधित विनिर्माण गतिविधियों को भी विस्तार मिलने की संभावना है. इससे स्थानीय स्तर पर उत्पादन, सप्लाई चेन और रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं.

यीडा के इस कदम से यमुना क्षेत्र में बेहतर विकास
यीडा की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 25 नई इकाइयों के लिए विभिन्न सेक्टरों में जमीन देने की तैयारी है. इनमें सबसे अधिक इकाइयां सेक्टर-8डी और सेक्टर-29 में प्रस्तावित हैं. उपलब्ध विवरण के अनुसार सेक्टर-8डी में 11 इकाइयों के लिए जमीन दी जाएगी, जबकि सेक्टर-29 में 8 इकाइयां स्थापित होंगी. सेक्टर-28 में एक मेडिकल डिवाइस इकाई, सेक्टर-24 में 3 मिक्स्ड लैंड यूज इकाइयां और सेक्टर-6 में 2 फार्मा इकाइयों के लिए जमीन देने की तैयारी है. यीडा के इस कदम से यमुना सिटी में विभिन्न उद्योगों के बीच बेहतर औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित होने की उम्मीद है. मेडिकल डिवाइस और फार्मा इकाइयों से स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए जरूरी उत्पादों का स्थानीय स्तर पर निर्माण बढ़ेगा, वहीं टेक्सटाइल और हस्तशिल्प इकाइयां पारंपरिक तथा आधुनिक विनिर्माण को बढ़ावा देंगी.

3155 करोड़ रुपये का होगा निवेश
नई औद्योगिक इकाइयों से होने वाला 3155 करोड़ रुपये का निवेश क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. प्रत्यक्ष रोजगार के अलावा इन परियोजनाओं से परिवहन, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, कच्चे माल की आपूर्ति, सर्विस सेक्टर और अन्य सहायक कारोबारों में भी रोजगार पैदा होने की संभावना है. इससे यमुना सिटी के आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं. यीडा क्षेत्र में पहले से जारी औद्योगिक परियोजनाओं और अब प्रस्तावित 25 नई इकाइयों के चलते आने वाले वर्षों में यमुना सिटी एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में और मजबूत हो सकती है. मेडिकल डिवाइस, फार्मा, टेक्सटाइल और अन्य क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से क्षेत्र को उत्पादन, रोजगार और निवेश तीनों स्तरों पर फायदा मिलने की उम्मीद है. अधिकारियों का मानना है कि नई इकाइयों के जमीन पर उतरने के बाद यमुना सिटी की औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी.



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