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जैकलीन फर्नांडिस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसी हुई हैं, जिसकी वजह से उन्हें काफी मुश्किलों को सामना करना पड़ रहा है. हालांकि, अब कोर्ट से उन्हें राहत मिली है. दरअसल, वे अब वर्क वीजा रिन्यू करवा सकेंगी, जिसके खातिर कोर्ट ने उन्हें नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट दिया है. गौरतलब है कि एक्ट्रेस 2009 से भारत में वर्क वीजा पर रह रही हैं.
जैकलीन फर्नांडिस की कम हुईं मुश्किलें (फोटो साभार: Instagram@jacquelienefernandez)
नई दिल्ली: जैकलीन फर्नांडिस को दिल्ली कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. दरअसल, एक्ट्रेस वर्क वीजा को रिन्यू करना चाहती हैं, जिसके आवेदन के खातिर कोर्ट ने उनके नाम ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफकेट’ जारी किया. कोर्ट ने उनके कामों और ट्रायल को ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया है. जैकलीन फर्नांडिस 200 करोड़ रुपये के मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी हैं, जिसमें कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर और अन्य लोग भी शामिल हैं.
दिल्ली कोर्ट ने एक्टर जैकलीन फर्नांडिस को उनके वर्क वीजा को रिन्यू कराने के लिए ‘एनओसी’ दी है. इससे पहले, कोर्ट ने जून में 200 करोड़ रुपये के मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में उन पर कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर और 15 अन्य लोगों पर आरोप तय किए थे. एडिशनल सेशन जज गगनदीप सिंह की कोर्ट ने 6 अक्टूबर के एक आदेश में कहा कि एक्टर श्रीलंका की नागरिक हैं और 2009 से भारत में एम्प्लॉयमेंट वीजा पर रह रही हैं, जिसकी मियाद खत्म हो चुकी थी.
एक्ट्रेस को मिली राहत
जैकलीन फर्नांडिस की अर्जी पर गौर करते हुए कोर्ट ने कहा कि वह एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं और भारत में उनके कई प्रोफेशनल काम तय हैं. इस मामले में चल रहे ट्रायल में प्रभावी ढंग से शामिल होने के लिए उनकी मौजूदगी जरूरी है. कोर्ट ने यह भी नोट किया कि उसने 20 फरवरी 2025 को उनका पासपोर्ट श्रीलंकाई दूतावास से दोबारा जारी करवाने के लिए रिलीज किया था.
जज का आदेश
जज गगनदीप सिंह ने कहा, ‘आरोपी या आवेदक के वकील ने यह भी कहा है कि फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस कोर्ट से एनओसी के बिना वर्क वीजा रिन्यू नहीं कर रहा है.’ जज ने अर्जी का निपटारा करते हुए कहा, ‘इस मामले के तथ्यों और हालातों को देखते हुए जैकलीन फर्नांडिस को कानून के अनुसार अपने वीजा को रिन्यू कराने के लिए आवेदन के लिए एनओसी दी जाती है.’
एक्ट्रेस के करियर पर पड़ा असर
जैकलीन फर्नांजिस 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले की वजह से जांच के दायरे में हैं. इन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट ने 9 दिसंबर 2021 को इस मामले के सिलसिले में उनसे 10 घंटे पूछताछ की थी. केस का असर एक्ट्रेस के करियर पर पड़ा. जैकलीन फर्नांडिस को नागार्जुन की फिल्म ‘द घोस्ट’ से हटा दिया गया. ईडी ने उन्हें 17 अगस्त 2022 को मनी लॉन्ड्रिंग केस में उन्हें आरोपी बनाया.