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FD Interest Rate Hike : भारतीय रिजर्व बैंक ने आज ही रेपो रेट में बढ़ोतरी की है. इससे बैंक एफडी की ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन बैंक लोन महंगे हो जाएंगे. बजाज फाइनेंस ने तो आज से एफडी पर ब्याज बढ़ा भी दिया है. एनबीएफसी अब फिक्स्ड डिपॉजिट पर अधिकत 8.15 फीसदी ब्याज देगी.
एफडी पर नई ब्याज दरें आज से लागू हो गई हैं. (Photo : Canva)
नई दिल्ली. देश की प्रमुख गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) बजाज फाइनेंस ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों में 40 बेसिस प्वाइंट्स (0.40%) तक की बढ़ोतरी कर दी है. एफडी के ब्याज की नई दरें आज, 7 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई हैं. ब्याज दरों में इस वृद्धि के बाद अब अब वरिष्ठ नागरिकों को बजाज फाइनेंस अधिकतम 8.15% सालाना ब्याज देगा. वहीं, आम ग्राहकों को एफडी पर अधिकतम 7.75% ब्याज मिलेगा.
ब्याज दर में सबसे बड़ी बढ़ोतरी 31 से 60 महीने की अवधि वाली एफडी पर की गई है. इस अवधि की एफडी कराने पर सीनियर सिटीजन को अब 7.75% की बजाए 8.15% और आम ग्राहकों को 7.40% की जगह 7.75% सालाना ब्याज मिलेगा. वहीं 18 से 30 महीने की अवधि वाली एफडी पर बजाज फाइनेंस आम ग्राहाकें को को अब 7% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.40% ब्याज देगा. 12 से 17 महीने की की एफडी कराने पर आम जमाकर्ताओं को 6.80% और बुजुर्गों को 7.20% सालाना ब्याज मिलेगा. इसके अलावा कंपनी ने वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाले अतिरिक्त ब्याज लाभ को भी 0.35% से बढ़ाकर 0.40% कर दिया है.
एफडी रिन्यू कराने पर भी ज्यादा ब्याज
जिन ग्राहकों ने बजाज फाइनेंस से एफडी करा रखी है, वे अगर इसके मैच्योर होने पर इसे रिन्यू कराते हैं तो उन्हें 0.10% अतिरिक्त ब्याज मिलेगा. इसके बाद अ 31 से 60 महीने की रिन्यूअल FD पर वरिष्ठ नागरिक अधिकतम 8.25% और आम ग्राहक 7.85% ब्याज पा सकते हैं. 12 से 17 महीने वाली एफडी पर आम ग्राहकों को 6.90% व वरिष्ठ नागरिकों को 7.30% ब्याज अब मिलेगा. इसी तरह 18 से 30 महीने के लिए एफडी कराने पर सामान्य ग्राहक को 7.10% व वरिष्ठ नागरिकों को 7.50% ब्याज दिया जाएगा.
15000 रुपये से शुरू होती है एफडी
बजाज फाइनेंस में निवेशक न्यूनतम ₹15,000 से लेकर ₹3 करोड़ तक की एफडी करा सकते हैं. एफडी कंपनी की वेबसाइट, ऐप या ब्रांच के जरिए करा सकते हैं. बजाज फाइनेंस एफडी पर लोन सुविधा भी देता है. नियमित आमदनी चाहने वाले ग्राहकों के लिए नॉन-क्यूम्युलेटिव विकल्प भी कंपनी देती है, जिसमें मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना आधार पर ब्याज का भुगतान लिया जा सकता है.