Bihar Flood: बिहार में बाढ़ पीड़ितों के अकाउंट में 12 अक्टूबर को आएगी राहत राशि, CM सम्राट ने अफसरों से मांगी रिपोर्ट

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ पीड़ितों के अकाउंट में 12 अक्टूबर को आएगी राहत राशि, CM सम्राट ने अफसरों से मांगी रिपोर्ट


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Bihar Flood: बिहार में बाढ़ से कई परिवारों को भारी नुकसान हुआ है. लोगों का रैन-बसेरा छिन गया, पशुओं तक को चारा मिलना मुश्किल हो गया. राहत शिविरों में लोग जिंदगी बिताने को मजबूर रहे. अब सम्राट सरकार एक बार फिर पीड़ितों को राहत पहुंचाने की तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री आने वाले 12 अक्टूबर को दूसरे चरण में राहत राशि पीड़ितों को देंगे.

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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने समीक्षा बैठक की. (फोटो साभारः @samrat4bjp)

पटनाः बिहार में बाढ़ के बाद सरकार ने राहत पहुंचाने का काम तेज कर दिया. अफसरों को नुकसान का आकलन करने और पुनर्वास का काम तेज करने के निर्देश दिए गए. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘संकल्प’ सभागार में हुई बैठक में अधिकारियों से बाढ़ से हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट जल्द तैयार करने को कहा. उन्होंने बताया कि बाढ़ के दूसरे चरण से प्रभावित परिवारों को 12 अक्टूबर 2026 को अनुग्रह राहत राशि दी जाएगी. इससे पहले सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार 7 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता दे चुकी है.

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में बाढ़ 2026 की स्थिति और इससे हुए नुकसान की समीक्षा की. पटना के ‘संकल्प’ सभागार में हुई बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे. सीएम सम्राट ने अफसरों से कहा कि बाढ़ से प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्वास का काम तेजी से किया जाए. सभी संबंधित विभाग नुकसान का आकलन कर उसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें. साथ ही, क्षतिग्रस्त चीजों को ठीक करने में कितना खर्च आएगा, इसकी जानकारी भी जल्द देने को कहा गया है.

पूर्वी चंपारण में बाढ़ से नुकसान हुआ.

12 अक्टूबर को मिलेगी राहत राशि
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ के दूसरे चरण से प्रभावित परिवारों को 12 अक्टूबर 2026 को अनुग्रह राहत राशि दी जाएगी. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पात्र परिवारों तक यह राशि समय पर पहुंचे. बिहार सरकार पहले ही बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार 7,000 रुपये की अनुग्रह सहायता दे चुकी है. 15 सितंबर को सरकार ने 8 लाख 27 हजार 472 परिवारों के बैंक खातों में DBT के जरिए कुल 579.23 करोड़ रुपये भेजे थे.

बिहार में बाढ़. (फाइल फोटो)

दो बार बाढ़ ने किया तांडव
मीटिंग में जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बाढ़ की स्थिति की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस साल बिहार में बाढ़ दो चरणों में आई. पहले चरण में गंगा, सोन, घाघरा, कोसी और पुनपुन नदियों में कई जगह पुराने रिकॉर्ड से ज्यादा जलस्तर दर्ज किया गया. दूसरे चरण में भारी बारिश के कारण गंडक नदी में चार जगहों पर रिकॉर्ड जलस्तर दर्ज हुआ. पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और सारण में छह जगहों पर तटबंध भी क्षतिग्रस्त हुए.

गाद जमा होना भी बड़ी वजह
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल गंगा, गंडक और सोन नदियों में पिछले सालों की तुलना में ज्यादा पानी आया. इससे बाढ़ की स्थिति गंभीर हुई. उन्होंने नदियों में जमा गाद यानी सिल्ट को भी बाढ़ की एक प्रमुख वजह बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है, जिसने गाद नीति बनाई है. उन्होंने अधिकारियों को नदियों की स्थिति और बाढ़ से हुए नुकसान पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया.



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