जबलपुर. मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद दिन में गर्मी हो रही है, तो रात में ठंड महसूस होने लगी है. पिछले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है. अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री और इंदौर में 17.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. राजधानी भोपाल, उज्जैन और पचमढ़ी में भी पारा गिर रहा है. दिन में तेज धूप के चलते गर्मी और उमस का असर बरकरार है लेकिन शाम होते ही तापमान में कमी के चलते राहत महसूस हो रही है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड इसी तरह बना रहेगा. 6, 7, 8 और 9 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान बताया गया. छतरपुर, मऊगंज, रीवा, सतना, पन्ना, सीधी, सिंगरौली समेत ज्यादातर पूर्वी जिलों में बारिश का अलर्ट बताया गया है. आज यानी 07 अक्टूबर को 16 जिलों में आंधी-तूफान के साथ हल्की बारिश की संभावना बन रही है. इन जनपदों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.
भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज सीधी, सिंगरौली, शहडोल, मऊगंज, सतना, रीवा, पन्ना, छतरपुर, मैहर, उमरिया, कटनी, जबलपुर, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला और बालाघाट में आंधी-तूफान और वज्रपात के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है. इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. पूर्वी जिलों में 09 अक्टूबर तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा. IMD ने प्रभावित जिले वासियों से सतर्क रहने की अपील की है. आंधी-तूफान के समय खुले स्थानों पर न रहें. इस दौरान टिन शेड, हल्की नुकीली या धारदार वस्तुओं आदि के आसपास भी न खड़े हों.
भोपाल में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी भोपाल में आज आंधी-बारिश की कोई संभावना नहीं बन रही है. मौसम साफ रहेगा. दिन के समय तापमान में वृद्धि होने से गर्मी और उमस महसूस होगी, तो वहीं शाम होते-होते तापमान में गिरावट होने पर कुछ राहत मिलेगी. प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भी आज कुछ इसी तरह का मौसम देखने को मिलेगा. आने वाले दिनों में दिन और रात के तापमान में और फर्क देखने को मिलेगा. पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस ग्वालियर में दर्ज किया गया, तो सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.2 इंदौर में रिकॉर्ड हुआ.
इस बार 30 जिलों में कम हुई बारिश
बताते चलें कि मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है. मानसून ने इस साल राज्य में 24 जून को एंट्री ली थी और तीन अक्टूबर को विदाई ली. राज्य में मानसून 100 दिन सक्रिय रहा. इस सीजन में 908.4 मिमी (35.8 इंच) बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से चार प्रतिशत कम है. पूर्वी राज्य में चार फीसदी ज्यादा वर्षा रिकॉर्ड की गई. वहीं पश्चिमी MP में 12 फीसदी कम बारिश हुई. भोपाल, ग्वालियर, कटनी, राजगढ़ समेत प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हुआ, तो वहीं 30 जिलों में कम बारिश हुई है, जिनमें इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा और सागर भी शामिल हैं.