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Neemuch News: नीमच में जनसुनवाई में एक किसान मक्के की बीज की थैलियां लेकर पहुंचा है. जहां उसने आरोप लगाया कि उसके खेत तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह से बंद है. उसके घर में बीज रखा हुआ है, लेकिन वह खेत तक पहुंच नहीं पा रहा है. उसने कलेक्टर से रास्ता खुलवाने की गुहार लगाई है. अब कलेक्टर से उसकी भावुक गुहार चर्चा का विषय बनी हुई है.
जनसुनवाई में मक्के की थैलियां लेकर पहुंचा किसान
नीमच: मध्य प्रदेश के नीमच में जनसुनवाई में एक भावुक नजारा देखने को मिला है, जब मनासा तहसील के खेड़ीदायमा गांव के किसान कारू अपने मक्के की बीज की थैलियां लेकर कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचे. उन्होंने मांग की है कि उनके खेत तक जाने-जाने का रास्ता खुलवाया जाए. मनासा तहसीलदार द्वारा 31 अगस्त 2026 को दिए गए आदेश का पालन कराया जाए. किसान का आरोप है कि आदेश के बावजूद रास्ते में लगी तार फेंसिंग और पत्थर की दीवार अब तक नहीं हटाई गई है. इसके चलते ट्रैक्टर और कृषि का सामान खेत तक नहीं पहुंच पा रहा है और इस सीजन की बुआई प्रभावित हुई है.
किसान ने लगाई गुहार
किसान ने कहा कि साहब मेरे खेत का रास्ता खुलवा दीजिए. बीज खरीदकर रखा है, लेकिन खेत तक पहुंच ही नहीं पा रहा है. इस दौरान किसान ने हाथों में थैलियां पकड़ी हुई थीं, जो उसकी परेशानी की तस्वीर बनी हैं. किसान का कहना है कि बीज बिल्कुल तैयार है और खेत भी हैं. बस उस खेत तक पहुंचने की जरूरत है.
किसान द्वारा दिए गए आवेदन के मुताबिक गांव खेड़ी चन्द्रावत में सर्वे नंबर 51/5 की 0.797 हेक्टेयर भूमि पर उनका, उनके भाई और माता का संयुक्त आधिपत्य है, जबकि सर्वे नंबर 51/6 की भूमि उनके स्वामित्व में है.
तहसीलदार ने दिया था क्या आदेश?
रास्ते को लेकर विवाद तहसीलदार मनासा के कोर्ट तक पहुंचा था. तहसीलदार ने मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 131 के तहत सुनवाई करते हुए 31 अगस्त को रास्ते में बनी पत्थर की दीवार और तार फेंसिंग हटाने के आदेश दिए थे. साथ ही खेती के काम के लिए बैलगाड़ी और ट्रैक्टर के आने जाने में किसी भी तरह की बाधा नहीं डालने की बात कही थी.
किसान ने लगाया आरोप
किसान का आरोप है कि आदेश के बाद भी मौके पर स्थिति नहीं बदली. इसी वजह से वह इस बार बीज खरीदने के बावजूद समय पर खेत में बुआई नहीं कर सका. अब किसान ने कलेक्टर से मामले की जांच कराने, तहसीलदार के आदेश का पालन करवाने और खेत तक पहुंचने का रास्ता तत्काल खुलवाने की मांग की है. कलेक्टर की तरफ से किसान को नियम के मुताबिक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है.