इजराइल को नक्शे से मिटा देंगे… कहने वाला सैफुल्लाह कसूरी कौन है? पहलगाम हमले में थी भूमिका

इजराइल को नक्शे से मिटा देंगे… कहने वाला सैफुल्लाह कसूरी कौन है? पहलगाम हमले में थी भूमिका


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इजराइल को नक्शे से मिटा देने की धमकी देने वाला सैफुल्लाह अंसारी भारत में भी मोस्ट वांटेड है. हाल ही में सितंबर माह में NIA की कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. पहलगाम हमले में भी उसका नाम सामने आया था.

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आतंकी सैफुल्ला कसूरी अब इजराइल को धमकी दे रहा है (फोटो-सोशल मीडिया)

पाकिस्तान से बलूचिस्तान संभल नहीं रहा और उसके पाले गए आतंकी इजराइल को मिटाने की धमकी दे रहे हैं. हाल ही एक बार फिर लश्कर आतंकी सैफुल्लाह कसूरी ने ये गीदड़ भभकी दी है. खत्म-ए-नबूवत सम्मेलन में दिए गए भड़काऊ भाषण में सैफुल्लाह ने कहा है कि पाकिस्तान की सेना सऊदी के धार्मिक और पवित्र स्थलों की रक्षा करेगी और इजराइल को नक्शे से मिटा देगी. अपने संबोधन में अंसारी ने पाकिस्तान की सेना को क्षेत्रीय संघर्ष में बड़ा प्रभाव रखने वाला बताया.

सैफुल्लाह अंसारी का ये संबोधन पाकिस्तान के आतंकियों और हमास के बीच बढ़ते गठजोड़ के तौर पर देखा जा रहा है. पिछले साल भी लश्कर-ए-तैयबा और जैश ए मोहम्मद के वरिष्ठ नेताओं ने हमास के नेताओं से मुलाकात की थी. एक रिपोर्ट में तो यहां तक दावा किया गया था कि हमास के नेताओं ने बहावलपुर स्थित जैश के मुख्यालय और पाक सेना के एक सेंटर का भी दौरा किया है.

कौन है सैफुल्लाह अंसारी

सैफुल्लाह अंसारी पाक में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर और डिप्टी प्रमुख है. वह हाफिज सईद का बेहद करीबी माना जाता है. पाकिस्तान की आतंकी जमात उसे सैफुल्लाह खालिद के तौर पर भी जानती है. वह अपने बदले हुए नामों का प्रयोग अलग-अलग गतिविधियों के लिए करता है. अमेरिकी ट्रेजरी के दस्तावेजों में ये दावा किया गया था कि सैफुल्लाह जमात उद दावा के राजनीतिक चेहरे मिल्ली मुस्लिम लीग नाम के संगठन से भी जुड़ा रहा है.

पहलगाम हमले में थी भूमिका

सैफुल्लाह की भूमिका पिछले साल हुए पहलगाम हमले में भी सामने आई थी. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी. भारतीय जांच एजेंसियों ने कसूरी को हमले के कथित मास्टर माइंड में शामिल माना था. हमले को अंजाम देने के लिए लश्कर ए तैयबा और उसके प्रॉक्सी नेटवर्क की बड़ी भूमिका सामने आई थी. भारतीय जांच एजेंसियों के मुताबिक आतंक के लिए युवाओं की भर्ती कराना, फंड जुटाना और आतंकी नेटवर्क को सक्रिय रखने में सैफुल्लाह की प्रमुख भूमिका है.

भारत के लिए मोस्ट वांटेड

सैफुल्लाह भारत की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल है. पहलगाम हमले के अलावा भी उस पर जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधियों की योजना बनाने और आतंकी नेटवर्क चलाने का आरोप है. हाल ही में सितंबर माह में जम्मू की स्पेशल NIA कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया था. सैफुल्लाह की जो तस्वीरें जारी होती हैं उनमें हमेशा वह वर्दीधारियों की सुरक्षा में नजर आता है.

रावलकोट में भी नजर आए थे हमास के नेता

इसी साल फरवरी में रावलकोट में आयोजित एक सभा के दौरान भी हमास के वरिष्ठ नेता नजर आए थे. कार्यक्रम अल अक्सा फ्लड्स के बैनर तले किया गया था. अल अक्सा मस्जिद येरुशलम में है. इस पर यहूदी और मुस्लिम दोनों दावा करते हैं. इसके बाद मार्च में कसूरी ने कहा था कि पाकिस्तान कभी भी अब्राहम अकॉर्ड स्वीकार नहीं करेगा. लाहौर में आयोजित एक सभा के दौरान उसने अप्रत्यक्ष तौर पर पहलगाम हमले को स्वीकारा था. उसने कहा था कि कश्मीर में हमले के बाद उसकी पहचान और लोकप्रियता बढ़ गई है.



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