पंचायत चुनाव से पहले ‘गांव की चौपाल’ में उठे सवाल, सीवर के पानी से 300 बीघा तक खेत जलमग्न, 2 साल से फसल नहीं

पंचायत चुनाव से पहले ‘गांव की चौपाल’ में उठे सवाल, सीवर के पानी से 300 बीघा तक खेत जलमग्न, 2 साल से फसल नहीं


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Dholpur Panchayat Chunav: धौलपुर पंचायत समिति की भैंसाख ग्राम पंचायत के भैंसाख और समोला गांव में पंचायत चुनाव से पहले ‘गांव की चौपाल’ के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं बताईं. ग्रामीणों के अनुसार सीवर के पानी से करीब 200-300 बीघा खेत जलमग्न हैं और दो साल से फसल नहीं हो पा रही. इसके अलावा अधूरी पानी की टंकी, सड़क, नाली और जलभराव की समस्या भी बनी हुई है. करीब 4 हजार आबादी वाले गांवों में इन मुद्दों को लेकर चिंता है.

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पंचायत चुनाव से पहले ‘गांव की चौपाल’ में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

धौलपुर। पंचायत चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही गांवों में नई ग्राम सरकार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. इसी बीच ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को सामने लाने के लिए News18 राजस्थान के खास कार्यक्रम ‘गांव की चौपाल’ के तहत टीम धौलपुर पंचायत समिति की भैंसाख ग्राम पंचायत के भैंसाख और समोला गांव पहुंची. करीब 4 हजार की आबादी और लगभग 2100 मतदाताओं वाले इन गांवों के ग्रामीणों ने सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा और जल निकासी से जुड़ी समस्याएं सामने रखीं.

समोला गांव के ग्रामीणों का कहना है कि धौलपुर शहर की ओर से आ रहे सीवर के पानी के कारण करीब 200 से 300 बीघा कृषि भूमि प्रभावित है. ग्रामीणों के मुताबिक पिछले करीब दो साल से खेतों में सीवर का पानी भरा हुआ है, जिसके चलते फसल नहीं हो पा रही और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने प्रशासन से सीवर के पानी की निकासी और खेतों में पानी पहुंचने से रोकने की मांग की है.

अधूरी पानी की टंकी से पेयजल संकट
गांव में जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी का काम अधूरा पड़ा है. ग्रामीणों का कहना है कि पानी की सप्लाई शुरू नहीं होने के कारण उन्हें दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है. कई ग्रामीण निजी समरसेबल से पानी भरकर काम चला रहे हैं. ग्रामीणों ने अधूरी टंकी का निर्माण पूरा कराकर नियमित पेयजल सप्लाई शुरू करने की मांग की.

सड़क, नाली और जलभराव से ग्रामीण परेशान
गांव की कई सड़कों पर गड्ढे और कीचड़ की समस्या बनी हुई है. नालियों के अभाव में गंदा पानी रास्तों पर फैल रहा है. बारिश के दौरान जलभराव की समस्या और गंभीर हो जाती है. ग्रामीणों ने गांव में नालियों का निर्माण, गलियों में स्ट्रीट लाइट और बेहतर सड़क संपर्क की मांग उठाई.

स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र की भी समस्याएं
ग्रामीणों ने बताया कि समोला गांव के सरकारी स्कूल में बारिश के दौरान जलभराव हो जाता है, जिससे बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है. इसके साथ ही आंगनवाड़ी केंद्र को दुरुस्त कराने और गांव में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी ग्रामीणों ने रखी.

बनखंडी हनुमान मंदिर मार्ग भी बदहाल
ग्रामीणों ने बताया कि धौलपुर शहर से बनखंडी हनुमान जी मंदिर की ओर जाने वाला रास्ता भी खराब हालत में है. जलभराव और कीचड़ के कारण श्रद्धालुओं तथा ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. ग्रामीणों ने सड़क का निर्माण और मार्ग को बेहतर बनाने की मांग की.

समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते
ग्रामीणों ने बताया कि पहले हमारी तगावली ग्राम पंचायत हुआ करती थी, लेकिन परिसीमन के बाद तगावली गांव नगर परिषद क्षेत्र में जुड़ गया. उसके बाद भैंसाख और समोला गांव को मिलाकर एक पंचायत बनी है. पंचायत चुनाव से पहले हुई इस चौपाल में ग्रामीणों ने गांव की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया. अब ग्रामीणों की नजरें चुनाव के बाद बनने वाली नई ग्राम पंचायत पर हैं कि इन समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं.



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