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Success Story: बुरहानपुर जिले के गुलई गांव के रहने वाले प्रफुल्ल पाटिल ने एमकॉम की पढ़ाई और मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़कर प्राकृतिक खेती को अपनाया है. आज वह करीब 5 एकड़ जमीन में मिक्स खेती कर रहे हैं और अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं.
Success Story: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में कई युवा पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की राह चुनते हैं.लेकिन कुछ युवा ऐसे भी हैं जो अच्छी नौकरी छोड़कर गांव और खेती की ओर लौट रहे हैं. ऐसे ही युवा किसान हैं गुलई गांव के प्रफुल्ल पाटिल, जिन्होंने एमकॉम की पढ़ाई पूरी करने के बाद मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी की, लेकिन बाद में खेती को अपना करियर बनाने का फैसला किया.
किसान ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम को किसान प्रफुल्ल पाटीदार बताते हैं कि नौकरी के दौरान उन्हें अच्छा पैकेज और बेहतर सुविधाएं मिल रही थीं. लेकिन मन हमेशा अपने गांव और खेती से जुड़ा हुआ था. उन्होंने नौकरी छोड़कर अपने खेत में कुछ नया करने का फैसला लिया. इसके बाद उन्होंने प्राकृतिक खेती को अपनाया और खेती के पारंपरिक तरीकों के साथ नए प्रयोग शुरू किए.आज प्रफुल्ल करीब 5 एकड़ जमीन में मिक्स खेती कर रहे हैं. एक ही खेत में अलग-अलग फसलों और कृषि गतिविधियों को अपनाकर उन्होंने खेती को आय का बेहतर जरिया बनाया है. उनका कहना है कि प्राकृतिक तरीके से खेती करने से खेती की लागत को नियंत्रित करने में मदद मिलती है और जमीन की गुणवत्ता भी बनी रहती है.
8 लोगों को देते हैं रोजगार
प्रफुल्ल के खेत में अब सिर्फ उनका परिवार ही नहीं बल्कि गांव के करीब 8 लोगों को रोजगार भी मिल रहा है. खेती के काम से जुड़े इन लोगों को पूरे साल अलग-अलग कृषि गतिविधियों में काम मिलता है. इस तरह युवा किसान खुद आत्मनिर्भर बनने के साथ दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार का माध्यम बन रहे हैं. प्रफुल्ल का कहना है कि आज के युवाओं को खेती को केवल पारंपरिक काम समझने के बजाय इसे व्यवसाय के रूप में देखना चाहिए. सही तकनीक मेहनत और फसल विविधीकरण के जरिए खेती से अच्छी कमाई की जा सकती है. मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़कर खेत की मिट्टी से जुड़ने वाले प्रफुल्ल पाटीदार की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो खेती में नए प्रयोग कर अपना भविष्य बनाना चाहते हैं.