Rajpal Yadav Supreme Court Hearing : ‘इस घमंड का इलाज जानते हैं…’ राजपाल यादव पर क्यों बरस पड़े जस्टिस बागची, सुप्रीम कोर्ट ने दिया लास्ट चांस

Rajpal Yadav Supreme Court Hearing : ‘इस घमंड का इलाज जानते हैं…’ राजपाल यादव पर क्यों बरस पड़े जस्टिस बागची, सुप्रीम कोर्ट ने दिया लास्ट चांस


बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं. सात चेक बाउंस मामलों में दोषी ठहराए गए राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट ने 5 करोड़ रुपये जमा करने के आदेश का पालन नहीं करने पर कड़ी फटकार लगाई है. अदालत ने साफ किया कि रकम जमा करने के लिए उन्हें अब आखिरी मौका दिया जा रहा है.

दरअसल राजपाल यादव को चेक बाउंस से जुड़े 7 मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कोर्ट रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था, लेकिन बार-बार आदेश के बावजूद उन्होंने अब तक रकम जमा नहीं की. राजपाल यादव ने चेक बाउंस मामलों में अपनी दोषसिद्धि और सजा को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है.

‘हम इस घमंड का इलाज करना जानते हैं’

सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत (CJI Surya Kant), जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच राजपाल यादव की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने चेक बाउंस मामलों में अपनी सजा को चुनौती दी है. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि राजपाल यादव ने बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद कोर्ट रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये जमा नहीं किए हैं. इस पर जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने यादव के रवैये पर नाराजगी जताते हुए बेहद सख्त लहजे में कहा, ‘आपकी जगह जेल में है.’ उन्होंने कहा कि अदालत उनके व्यवहार को नजरअंदाज कर शिकायतकर्ता के लिए कुछ रकम सुरक्षित कराने की कोशिश कर रही थी, लेकिन अगर ऐसा ही रवैया रहा तो उनकी याचिका को खारिज करने पर विचार किया जा सकता है.

राजपाल यादव के वकील ने फिर 50 लाख के अंतरिम भुगतान को जायज ठहराते हुए कहा कि शिकायतकर्ता गरीब नहीं हैं. इस पर कोर्ट ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘वह कम से कम उतने गरीब जरूर हैं, जितनी उनकी रकम आपने दबा रखी है. हम इस तरह के घमंड का इलाज करना जानते हैं. आप यहां भी अभिनय कर रहे हैं. पर यह काम नहीं आएगा.’ हालांकि फिर यादव के वकील की गुजारिश पर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कल तक 5 करोड़ रुपये जमा करने का आखिरी मौका दिया है.

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क्या है पूरा मामला?

राजपाल यादव को सात चेक बाउंस मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है. इन मामलों में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें तीन महीने की जेल की सजा सुनाई थी. इसके खिलाफ अभिनेता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.

सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी उन्हें जेल में सरेंडर करने से अंतरिम राहत दी थी, लेकिन इसके लिए ₹5 करोड़ कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करने की शर्त रखी गई थी. सितंबर में हुई सुनवाई के दौरान भी अदालत ने उन्हें रकम जमा करने के लिए ‘आखिरी मौका’ दिया था.

उस समय राजपाल यादव की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पीएस पटवालिया ने अदालत से कुछ और समय देने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि अभिनेता के पास फिलहाल पर्याप्त पैसा नहीं है, लेकिन वह रकम जुटाने की कोशिश कर रहे हैं. इसके लिए उनकी कुछ संपत्तियों और उनकी मां की अचल संपत्ति बेचने की संभावना का भी उल्लेख किया गया था.

सुप्रीम कोर्ट पहले भी कर चुका है सख्त टिप्पणी

राजपाल यादव की मुश्किलों के बीच सुप्रीम कोर्ट पहले ही उनके मामले में सख्त टिप्पणी कर चुका है. पिछली सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने अभिनेता के पेशे का जिक्र करते हुए कहा था कि वह बॉलीवुड अभिनेता हैं और उम्मीद है कि वह अदालत में भी ‘एक्टिंग’ नहीं कर रहे होंगे.

अदालत ने उनके पिछले आचरण को लेकर भी भरोसा नहीं जताया था. इसके साथ ही राजपाल यादव को अपना पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया था और उनकी सरेंडर से जुड़ी राहत को 5 अक्टूबर तक जारी रखा गया था.



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