लखनऊ में आयोजित समाजवादी पार्टी के शिक्षक अभ्यर्थी संवाद में दिल्ली की मशहूर इंग्लिश टीचर नीतू मैम के बयानों ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है. अखिलेश यादव की मौजूदगी वाले इस मंच से नीतू मैम ने सीधे तौर पर भाजपा सरकार और वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर करारा हमला बोला. इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर उनके राजनीति में आने और सपा से चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं.
कार्यक्रम के दौरान नीतू मैम ने कहा- ‘हमेशा अपनी तरफ से पूरी कोशिश करती हूं आपका साथ देने का और कई बार सीधा-सीधा सरकार से टकराव हो जाता है. हालांकि मैं कभी भी किसी भी सरकार के खिलाफ टकराव में नहीं आती हूं. लेकिन क्या करूं? ऐसा महसूस होता है जैसे मैं खुद ब खुद आगे आ जाती हूं और यह सिर्फ मेरे बच्चों का प्यार है जिसके कारण मैं हमेशा आगे रही हूं.’
‘आज पर्ची वाला बाबा हमारा फ्यूचर तय करता है’
बीजेपी सरकार पर तंज कसते हुए और अखिलेश यादव की प्रशंसा में उन्होंने आगे कहा- ‘इस बार मैं अखिलेश यादव जी का धन्यवाद करना चाहती हूं कि उन्होंने यह मंच दिया मुझे. आज अखिलेश यादव जी को देख के मुझे एक बहुत पहले का समय याद आ गया 2013 के लगभग आपकी सरकार ने लैपटॉप बंटवाया था. अब आप सोच सकते हैं कि 13 साल पहले का जो विजन था और आज हमारे जो फ्यूचर है वो कोई पर्ची वाला बाबा जो होता है वो तय करता है कि हमारा फ्यूचर क्या होगा. आज हम पाखंड और चमत्कार बस इसी के बीच में फंसे हुए हैं. भक्ति करो चमत्कार पाओगे और आपका सब कुछ भला हो जाएगा. मैं बहुत निराश हूं. पिछले 10 सालों से मैं बहुत निराश हूं क्योंकि मैं इस फील्ड में 20 सालों से हूं.’
जल्द ही राजनीति में आएंगी नीतू मैम?
नीतू मैम के इस तीखे रुख के बाद से ही हर तरफ उनकी चर्चा हो रही है. लोग पूछ रहे हैं कि क्या नीतू मैम भी जल्द ही राजनीति में उतरने वाली हैं?
दिल्ली के मुखर्जी नगर की जानी-मानी फैकल्टी नीतू सिंह सिर्फ अपने पढ़ाने के अंदाज के लिए ही नहीं, बल्कि छात्रों के हक में आवाज उठाने के लिए भी प्रसिद्ध हैं. अगस्त 2025 में जब एसएससी की परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों ने दिल्ली की सड़कों पर प्रदर्शन किया था, तब नीतू मैम भी उनके समर्थन में उतरी थीं. उस दौरान पुलिस हिरासत और उनके स्वास्थ्य बिगड़ने की खबरें भी खूब वायरल हुई थीं.
झारखंड से निकल दिल्ली में बनीं स्टार इंग्लिश टीचर
झारखंड के गिरिडीह में जन्मी नीतू मैम की शुरुआती जिंदगी काफी मुश्किलों से भरी रही. तीन साल की छोटी सी उम्र में ही उनके सिर से पिता का साया उठ गया था. छह बहनों और एक भाई के परिवार को उनकी मां और बड़े भाई ने संभाला. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई कार्मिल कॉन्वेंट और वाराणसी के सेंट जॉन्स स्कूल से की. अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होंने 12वीं के बाद से ही ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया था.
आगे चलकर उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की पढ़ाई की और वकालत के साथ-साथ छात्रों को पढ़ाना जारी रखा. साल 2006 में उन्होंने भूगोल के शिक्षक राजीव सौमित्र से शादी की और दोनों ने मिलकर पैरामाउंट कोचिंग की शुरुआत की. बाद में दोनों के बीच मतभेद बढ़े और तलाक के साथ-साथ कोचिंग को लेकर भी राहें अलग हो गईं. इसके बाद 2015 में नीतू मैम ने ‘केडी कैंपस’ की नींव रखी. उनकी लिखी किताब ‘इंग्लिश फॉर जनरल कॉम्पिटिटिव फ्रॉम प्लिंथ टू पैरामाउंट’ प्रतियोगी परीक्षा के छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय हुई.
कोरोना काल में ‘केडी लाइव’ ऐप के जरिए उन्होंने लाखों छात्रों तक अपनी पहुंच बनाई. आज वे न केवल एक सफल शिक्षिका हैं, बल्कि एक प्रेरणास्रोत भी हैं. अब देखना यह है कि क्या नीतू मैम वाकई शिक्षण क्षेत्र से निकलकर चुनावी राजनीति में अपना कदम रखती हैं या नहीं.
टीचर नवीन शर्मा को सपा से टिकट मिलने की अटकलें
करीब सात महीने पहले बुलंदशहर के रहने वाले चर्चित यूट्यूबर टीचर नवीन शर्मा ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली थी. चर्चा है कि उन्हें बुलंदशहर के सिकंदराबाद विधानसभा सीट प्रत्याशी बनाया जा सकता है. नवीन शर्मा को खुद अखिलेश यादव पार्टी में लेकर आए, अब नीतू मैम की ओर से हुई ताजा बयानबाजी ने एक और अटकलों के बाजार को गरम कर दिया है.