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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के रिटायर हुए जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने रिटायरमेंट के बाद अपनी GPF सेविंग्स को पीएम केयर्स फंड में दान देंगे. उनके GPF अकाउंट 1.01 करोड़ रुपए है. जस्टिस सिंह ने यह भी बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी शिवती इंद्र सिंह ने अपनी मृत्यु के बाद वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए अपने शरीर को मेडिकल कॉलेज को दान करने का संकल्प लिया है.
मध्य प्रदेश की जज अविंद्र कुमार सिंह ने रिटायर हो गए. (फोटो साभारः livelaw)
भोपाल. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह एक दिन पहले रिटायर हो गए. अपनी फेयरवेल स्पीच में उन्होंने कहा कि वह और उनकी पत्नी मरने के बाद वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए अपने शरीर दान करने का संकल्प लिया है. यह संकल्प उन्होंने रिटायरमेंट से दो दिन पहले एक मेडिकल कॉलेज के जरिए लिया था. उन्होंने कहा कि यह विचार उनकी पत्नी का था. उनकी पत्नी ने उन्हें अपना जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) PM CARES फंड में दान करने का सजेशन भी दिया था.
जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने फेयरवेल स्पीच में भावुक होते हुए कहा, “मेरा मानना है कि हम ईश्वर की सेवा केवल उनकी पूजा करके ही नहीं, बल्कि इस धरती पर ईश्वर द्वारा बनाई गई सभी छोटी-बड़ी चीजों की देखभाल करके भी करते हैं. मैंने और मेरी पत्नी ने दो दिन पहले एक मेडिकल कॉलेज के जरिए संकल्प लिया और रजिस्ट्रेशन कराया कि हमारे मरने के बाद हमारे शरीर का उपयोग वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है.”
GPF में मिले 1.01 करोड़ रुपए PM Cares Fund में देंगे
इंडियन एक्सप्रपेस के मुताबिक, इसके बाद जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने घोषणा की कि वे अपने GPF का सारा पैसा PM CARES में दान करेंगे. उन्होंने कहा, “ऑफिस के हिसाब-किताब के अनुसार, मुझे अपने GPF खाते से लगभग 1 करोड़ 1 लाख रुपये मिलने की उम्मीद है. मैं आप सभी के सामने संकल्प लेता हूं कि जैसे ही मुझे यह राशि मिलेगी, मैं इसे राष्ट्र-निर्माण के लिए PM CARES फंड में दान कर दूंगा.”
जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने पत्नी का जताया आभार
जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने आगे कहा, “और यह कदम एक शुरुआत है, अंत नहीं.” उन्होंने इन दोनों फैसलों का क्रेडिट खासतौर से अपनी पत्नी को दिया और कहा कि वे जीवन भर उनके साथ खड़ी रहीं और उनके करियर के अलग-अलग पड़ावों पर उन्होंने पूरे दिल से उनका समर्थन किया. उन्होंने कहा, “मैं अपनी जीवनसंगिनी, श्रीमती इंदिरा का भी धन्यवाद करना चाहता हूं, जो जीवन के उतार-चढ़ाव भरे सफर में मेरे साथ खड़ी रहीं. मैं उनके बारे में कह सकता हूं कि अलग-अलग समय पर उन्होंने पूरे दिल से मेरा साथ दिया. असल में, मरने के बाद अपने शरीर को दान करने और अपने GPF खाते की पूरी राशि PM CARES फंड में दान करने का विचार उन्हीं का था.”
अवनींद्र कुमार सिंह का करियर
जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने कहा कि रिटायरमेंट उनके जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी और वे एक नए मंच से समाज के लिए काम करना जारी रखना चाहते हैं. वह 36 साल की न्यायिक सेवा के बाद 17 सितंबर को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से रिटायर हुए. उनका करियर 31 मई, 1990 को सिविल जज क्लास II के तौर पर नियुक्ति के साथ शुरू हुआ था. 18 सितंबर, 1964 को उत्तर प्रदेश के एटा में जन्मे जस्टिस सिंह के पास B.Sc. और LL.B. की डिग्री है.