सहारनपुर की पहली महिला क्रिकेटर भावना ने 12 साल रणजी और इंडिया A का किया प्रतिनिधित्व, अब लड़कियों को दे रही कोचिंग

सहारनपुर की पहली महिला क्रिकेटर भावना ने 12 साल रणजी और इंडिया A का किया प्रतिनिधित्व, अब लड़कियों को दे रही कोचिंग


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भावना ने लगातार 12 साल रणजी खेल और इंडिया ए टीम में भी श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए अच्छी परफॉर्मेंस दी. भावना तोमर ने कई रिकॉर्ड बनाए लेकिन शायद किस्मत ने साथ नहीं दिया. अच्छी परफॉर्मेंस होने के बावजूद भी भावना उस मुकाम और इंडिया की मेन टीम में शामिल नहीं हो सकी. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आज वह अपना सपना उन लड़कियों में देख रही है. जिनको आज वह अपने अंडर कोचिंग देती है.

सहारनपुर: क्रिकेट आज के दौर में ऊंचाइयों को छू रहा है, लेकिन बात उस दौर की है जब लड़कियों को घरों से बाहर निकलने भी नहीं दिया जाता था. उस समय सहारनपुर की एक बेटी ने ना केवल घर से बाहर निकाल कर वह मुकाम हासिल किया, बल्कि लड़कियों में क्रिकेट के प्रति एक ऐसी अलख जगाने का काम किया. जिसके चलते आज सहारनपुर की बेटियां क्रिकेट में अपने माता-पिता सहित अपने प्रदेश का नाम रोशन कर रही है.

हम बात कर रहे हैं भावना तोमर की. जिन्होंने 2006 में क्रिकेट खेलना शुरू किया था. उस समय बेटियों को घरों से बाहर जाने की इजाजत नहीं दी जाती थी, लेकिन परिवार ने उस समय उनको बहुत सपोर्ट किया और उन्होंने बाहर निकल कर क्रिकेट खेलना शुरू किया.

12 साल रणजी और इंडिया टीम ए के लिए दिया योगदान

भावना ने लगातार 12 साल रणजी खेल और इंडिया ए टीम में भी श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए अच्छी परफॉर्मेंस दी. भावना तोमर ने कई रिकॉर्ड बनाए लेकिन शायद किस्मत ने साथ नहीं दिया. अच्छी परफॉर्मेंस होने के बावजूद भी भावना उस मुकाम और इंडिया की मेन टीम में शामिल नहीं हो सकी. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आज वह अपना सपना उन लड़कियों में देख रही है. जिनको आज वह अपने अंडर कोचिंग देती है. उन्होंने अपना पूरा जीवन क्रिकेट को समर्पित कर दिया. अब उनका एक ही लक्ष्य है कि जिस टीम की वह कोच बनाई गई है उस टीम से एक लड़की इंडिया की टीम में जरूर खेले, हालांकि उनके साथ खेलने वाली दीप्ति शर्मा और अन्य खिलाड़ी भी आज इंडिया की टीम का हिस्सा है. जो कभी उनकी जूनियर हुआ करती थी. मेहनत के बावजूद भावना तोमर को बस किस्मत का साथ नहीं मिला. लेकिन इस सहारनपुर की बेटी ने सहारनपुर का हमेशा मान बढ़ाया. यह कारण है कि आज उनको सहारनपुर के गौरव सम्मान से भी सम्मानित किया गया.

अपना सपना नहीं हुआ पूरा तो दूसरों का सपना पूरा करने में जुटी

क्रिकेटर भावना तोमर ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि वह 2006 में क्रिकेट खेलना शुरू किया और 2007 यूपी अंडर-19 रिप्रेजेंट किया. वहां परफॉर्मेंस के आधार पर मुझे कप्तान बनाया गया और मैं रणजी ट्रॉफी के लिए भी सेलेक्ट की गई. उस समय लड़कियों को एक्स्पोजर कम मिल रहा था. आज बहुत सारी एकेडमी है लेकिन उस समय नहीं थी. सहारनपुर में केवल एक अंबेडकर स्टेडियम था लेकिन क्रिकेट की वह फैसिलिटी नहीं थी, साथ ही लड़कियों पर इतना ध्यान भी नहीं दिया जाता था. हम क्रिकेट खेलते हुए लड़कों को देखकर के सीखा करते थे. लेकिन फैमिली और लोगों ने हमें सपोर्ट किया जिसका परिणाम है कि आज हम यहां पर है. वह लगातार 10 से 12 साल रणजी ट्रॉफी खेल है और इंडिया A को भी मैंने रिप्रेजेंट किया है. जिसमें 2012 और 13 में हमारी टीम विनर भी रही है. इस सफर के दौरान 2021 में मैंने क्रिकेट से रिटायरमेंट लिया और उसके बाद मुझको रणजी ट्रॉफी टीम की कोच बनाया गया और आज भी मैं रणजी टीम की हेड कोच हूं और अंडर-23 भी मेरे पास ही है.

सहारनपुर के रिप्रजेंट करने वाली हैं पहली महिला

इस दौरान कुछ पल ऐसे भी आए जब मन किया कि सब कुछ छोड़ दे. सन 2013 में ऐसा हुआ कि हमारा परफॉर्मेंस अच्छा था लेकिन हमें वह अचीवमेंट नहीं मिल पाया जिसकी हमें उम्मीद थी. उस समय दिल टूटा था. लेकिन अब मेरा सपना है कि भले ही इंडिया टीम में नहीं खेल पाई लेकिन जो लड़कियां मेरे अंडर खेल रही हैं. उनमें से कोई ना कोई लड़की बहुत जल्द आपको इंडिया टीम में खेलती हुई दिखाई देगी. परिवार और आपके दोस्त आपके साथ होते हैं लेकिन फिर भी सफलता के पीछे किसी न किसी अच्छे व्यक्ति का हाथ होता है. यहां की एक शख्सियत है जिन्होंने कभी नहीं सोचा कि मेरा नाम हो. उस शख्सियत का नाम है मोहम्मद अकरम. सहारनपुर से क्रिकेट खेलने वाली में पहली लड़की हूं जिसने अंडर-19 और सीनियर सबसे पहले रिप्रेजेंट किया.

इसमें मेरी फैमिली का मुझे बहुत ज्यादा सपोर्ट रहा, मेरे पिताजी ने मुझको कभी नहीं रोका उन्होंने मुझे आगे बढ़ाने की हमेशा प्रेरणा दी. फैमिली के लोग बोलते हैं शादी कर लो लेकिन शादी का कभी मेरे दिमाग में आया भी नहीं अब मेरा बस एक ही सपना है जो मेरे अंडर लड़कियां खेल रही है वह इंडियन टीम में जरूर जाए जिससे मेरा सपना पूरा हो जाएगा.



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