Last Updated:
हिमाचल प्रदेश के मंडी में कीरतपुर-मनाली फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत नौ मील में प्रस्तावित वाया डक्ट ब्रिज के डिजाइन में बदलाव किया जाएगा. एनएचएआई मुख्यालय ने इसे सिंगल पिलर की जगह डबल पिलर पर बनाने का सुझ
वरुण चारी बताते हैं कि 125 करोड़ की अनुमानित लागत के साथ सिंगल पिलर ब्रिज का डिजाइन बनाया गया था.
मंडी. हिमाचल प्रदेश में कीरतपुर-मनाली फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत मंडी जिला के नौ मील में प्रस्तावित वाया डक्ट ब्रिज के डिजाईन में बदलाव किया जाएगा. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने यहां से सिंगल पिलर का जो डिजाईन बनाकर भेजा है उस पर मुख्यालय ने आपत्ति जताते हुए इसे डबल पिलर पर बनाने का सुझाव दिया है.
एनएचएआई के मंडी कार्यालय ने इस पर कार्य करना शुरू कर दिया है. प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरूण चारी ने बताया कि नौ मील की पहाड़ी पर लंबे समय से भूस्खलन की समस्या बनी हुई है. वर्ष 2023 और 2025 की बरसात में यहां पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी. इसी बात को ध्यान में रखते हुए यहां करीब 350 मीटर लंबा वाया डक्ट ब्रिज बनाने की योजना पर काम चल रहा है.
वरुण चारी बताते हैं कि 125 करोड़ की अनुमानित लागत के साथ सिंगल पिलर ब्रिज का डिजाइन बनाया गया था. मुख्यालय ने इसकी समीक्षा के बाद डिजाइन में बदलाव करने को कहा है. अब मुख्यालय में डीपीआर टीम दो पिलरों के आधार पर इसका नया डिजाइन तैयार कर रही है. डिजाइन तैयार होने के बाद संशोधित प्रस्ताव दोबारा दिल्ली भेजा जाएगा.
क्या है वाया डक्ट ब्रिज
वाया डक्ट ब्रिज सड़क का ऐसा पुलनुमा ऊंचा रास्ता होता है, जिसे जमीन के बजाय पिलरों के सहारे बनाया जाता है. पहाड़ी क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल ऐसी जगह किया जाता है, जहां सड़क को ढलान, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र या किसी बाधा के ऊपर से निकालना हो. नौ मील में प्रस्तावित इस ब्रिज के बनने तक वर्तमान सड़क से यातायात चलता रहे, इसके लिए भी एनएचएआई कार्य कर रहा है. मौजूदा सड़क को सुरक्षित रखने के लिए नीचे से ऊपर तक सुरक्षा दीवार बनाई जा रही है. इसका काम करीब 35 करोड़ रुपये में एक कंपनी को आवंटित किया गया है और साइट पर काम शुरू हो चुका है.