शिमला. हिमाचल प्रदेश में मॉनसून विदाई हो चुकी है. अब प्रदेश में सर्दियों का मौसम शुरू हो चुका है. हालांकि, बीते सप्ताह जहां ठंड महसूस की जा रही थी. वहीं, अब गर्मी का एहसास हो रहा है और धूप खिलने से दिन में पसीने छूट रहे हैं और एक बार फिर से पंखे और एसी चलने लगे हैं. इस बीच मौसम विभाग ने एक बार फिर से प्रदेश में आंधी तूफान, बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान 40-50 किमी की रफ्तार से तूफान चलेगा.
दरअसल, हिमाचल प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर 2026 को विदा हो गया है. करीब 8 दिन की देरी से मॉनसून ने विदाई ली. 1 जुलाई तक पूरे प्रदेश में मॉनसून की एंट्री हुई थी और करीब 11 फीसदी कम बारिश इस बार प्रदेश में मॉनसून सीजन में हुई है.
चार दिन येलो अलर्ट जारी
हिमाचल में छह से 9 अक्तूबर के लिए बारिश बर्फबारी के आसार हैं और येलो अलर्ट जारी किया गया.
- 6 अक्तूबर का मौसमः ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला में भारी बारिश, बाकी जिलों के लिए कोई अलर्ट नहीं हैं.
- 7 अक्तूबर का मौसमः चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला औऱ सिरमौर में बारिश का येलो अलर्ट, बाकी जिलों के लिए कोई अलर्ट नहीं है.
- 8 अक्तूबर का मौसमः ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन में बारिश के आसार.
- 9 अक्तूबर का मौसमः मंडी शिमला और सिरमौर ही बारिश के आसार हैं. बाकी नौ जिलों के लिए कोई अलर्ट नहीं है.
शिमला के मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि पिछले 10 साल में हिमाचल से मानसून की सबसे देर से विदाई 2019 में हुई थी. उस साल 11 अक्टूबर को मॉनसून सीजन खत्म हुआ था. इस साल मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान सामान्य बारिश 734.4 मिलीमीटर रहती है, जबकि इस बार 652.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई.
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप शर्मा के मुताबिक 11 फीसदी कम बारिश को मौसम विभाग सामान्य बारिश की श्रेणी में ही मानता है. हालांकि जिलावार बारिश में काफी अंतर देखने को मिला है. प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश कांगड़ा में 1549.6 मिलीमीटर और सिरमौर में 1249.1 मिलीमीटर दर्ज की गई. वहीं कुछ जिलों में बारिश सामान्य से अधिक रही. किन्नौर में सामान्य से 18 फीसदी, शिमला में 16 फीसदी और बिलासपुर व सिरमौर में 6 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई. वहीं लाहौल-स्पीति में सबसे कम 133.8 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 65 फीसदी कम है. हमीरपुर में सामान्य से 34 फीसदी, मंडी में 16 फीसदी, सोलन में 14 फीसदी, चंबा में 8 फीसदी और ऊना में 7 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के ज्यादातर जिलों में बारिश सामान्य के आसपास रही. लाहौल-स्पीति और हमीरपुर में ही बारिश सामान्य से काफी कम दर्ज की गई है.
मानसून की विदाई के बाद 6-7 अक्टूबर को बदलेगा मौसम
अब प्रदेश में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप शर्मा के मुताबिक 5 अक्टूबर को प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है. इसके बाद 6 अक्टूबर की देर रात से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा. 6 अक्टूबर की देर रात और 7 अक्टूबर की सुबह कांगड़ा, बिलासपुर और मंडी समेत कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज हवाएं और आंधी चलने की भी संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का असर खासतौर पर मध्यवर्ती जिलों में देखने को मिल सकता है. कांगड़ा, मंडी और शिमला के अलावा बिलासपुर और हमीरपुर में भी गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की संभावना भी बनी हुई है.
7 अक्टूबर से तापमान में गिरावट के आसार
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक रहा. कुछ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी अधिक रिकॉर्ड किया गया है. कल्पा में भी दिन का तापमान सामान्य से करीब 6 से 11 डिग्री तक अधिक रहा. 5 अक्टूबर को भी मौसम साफ रहने के कारण दिन के तापमान के सामान्य से अधिक रहने की संभावना है. हालांकि 7 अक्टूबर को बारिश और गरज-चमक की गतिविधियों के कारण तापमान में करीब 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है.
मौसम विभाग के अनुसार 7 अक्टूबर से तापमान सामान्य के आसपास रहने की संभावना है. 9 अक्टूबर तक तापमान सामान्य के आसपास रह सकता है, जबकि मौसम साफ होने के बाद 10 अक्टूबर से तापमान में फिर धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने के आसार हैं. सोमवार को प्रदेशभर में धूप खिली हुई है.