भोपाल. मध्य प्रदेश में मानसून जाते-जाते अपने तेवर दिखा रहा है. मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने के बावजूद बारिश का दौर अभी पूरी तरह थमा नहीं है. आज भी प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. मौसम विभाग ने पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश, दोनों संभागों के लिए 19 सितंबर को गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवा को लेकर चेतावनी जारी की है.
19 सितंबर के आसपास झाबुआ, रतलाम, नीमच सिवनी, बालाघाट और श्योपुर में भारी बारिश हो सकती है. इन जिलों में कहीं-कहीं 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है. इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है. राजगढ़, आलीराजपुर, आगर-मालवा, मंदसौर, गुना, अनूपपुर, डिंडोरी, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भी बारिश देखने को मिल सकती है.
शुक्रवार को प्रदेश के इन हिस्सों में हुई बारिश
मौसम विभाग के अनुसार बीते शुक्रवार यानी 19 सितंबर को प्रदेश में सबसे अधिक 24 मिलीमीटर वर्षा छिंदवाड़ा में दर्ज की गई. इसके अलावा उमरिया में 20 मिलीमीटर, सीधी में 12 मिलीमीटर, जबलपुर और सागर में 5-5 मिलीमीटर और रतलाम में 4 मिलीमीटर बारिश हुई. वहीं बालाघाट जिले के मलाजखंड और राजगढ़ में 0.8-0.8 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई.
अगले कुछ दिन भी जारी रह सकती है बारिश
IMD भोपाल के पूर्वानुमान में 20, 21 और 22 सितंबर को भी मध्य प्रदेश के दोनों हिस्सों में गरज-चमक और बिजली के साथ मौसम सक्रिय रहने का संकेत है. 23 सितंबर को मौसम अपेक्षाकृत शांत रह सकता है, जबकि 24 सितंबर को फिर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.
मानसून की विदाई कब
मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां बन रही हैं. इसका मतलब यह है कि अगले सप्ताह तक राज्य में मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो सकती है.
इसी बीच बंगाल की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्र में नया मौसमी सिस्टम बनने की संभावना है. IMD के अनुसार 19 सितंबर के आसपास उत्तर अंडमान सागर में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है. इसके बाद इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की संभावना है.
मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक स्थानीय स्तर पर बारिश, आंधी और बिजली गिरने का दौर बना रह सकता है. लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है.