अगर आप अपना पैसा ऐसी जगह लगाना चाहते हैं जहां रिटर्न पहले से तय हो और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर न पड़े, तो बैंक एफडी एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) अलग-अलग अवधि के लिए एफडी की सुविधा देता है. इनमें 444 दिन की अमृत वृष्टि स्पेशल एफडी भी शामिल है. इस योजना में सामान्य ग्राहकों के साथ सीनियर सिटीजन्स को भी अलग ब्याज दर मिलती है.
मान लीजिए आप इस एफडी में 2 लाख रुपये निवेश करते हैं. ऐसे में मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम ग्राहक की उम्र के हिसाब से अलग होगी. सामान्य ग्राहक को मिलने वाला रिटर्न वरिष्ठ नागरिकों से थोड़ा कम रहेगा. 444 दिन की एफडी पर SBI कितना ब्याज दे रहा है और 2 लाख रुपये जमा करने पर मैच्योरिटी में कितनी रकम मिलेगी, ये कैलकुलेशन समझ लें.
444 दिन की एफडी पर कितनी ब्याज दर?
SBI की 444 दिन की स्पेशल एफडी पर सामान्य ग्राहकों को 6.45% सालाना ब्याज मिल रहा है. वहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर 6.95% है. 80 साल या उससे अधिक उम्र के अति वरिष्ठ नागरिकों को 7.05% ब्याज मिलता है. बैंक की एफडी में ब्याज दर निवेश के समय तय हो जाती है. हालांकि, निवेश करने से पहले मौजूदा दर का कंफर्मेंशन बैंक की वेबसाइट या ब्रांच से करना जरूरी है, क्योंकि बैंक समय-समय पर दरों में बदलाव कर सकता है.
2 लाख रुपये लगाने पर कितना रिटर्न?
अगर सामान्य ग्राहक 444 दिनों के लिए 2 लाख रुपये जमा करता है, तो मैच्योरिटी पर करीब 16,189 रुपये ब्याज मिलेगा. इस तरह कुल रकम लगभग 2,16,189 रुपये हो जाएगी. यानी 444 दिन तक पैसा जमा रखने पर मूल रकम के अलावा करीब 16 हजार रुपये का ब्याज मिलेगा. एफडी का वास्तविक ब्याज बैंक के लागू नियमों और कैलकुलेशन के अनुसार तय होता है.
| निवेश | अवधि | ब्याज | ब्याज से कमाई | मैच्योरिटी रकम |
|---|---|---|---|---|
| ₹2 लाख | 444 दिन | 6.45% | करीब ₹16,189 | करीब ₹2,16,189 |
सीनियर सिटीजन्स को कितना फायदा?
वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में ज्यादा ब्याज मिलता है. 2 लाख रुपये की 444 दिन की एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को करीब 17,486 रुपये ब्याज मिल सकता है. मैच्योरिटी पर कुल रकम करीब 2,17,486 रुपये होगी. वहीं, 80 साल या उससे ज्यादा उम्र के अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर 7.05% है. इस हिसाब से 2 लाख रुपये पर करीब 17,746 रुपये ब्याज और कुल करीब 2,17,746 रुपये मिल सकते हैं.
FD में क्यों लगाते हैं लोग पैसा?
एफडी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें रिटर्न बाजार की रोजाना की चाल पर निर्भर नहीं करता. शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में रिटर्न ऊपर-नीचे हो सकता है, जबकि एफडी में निवेश के समय लागू ब्याज दर के आधार पर रिटर्न तय होता है. इसी वजह से कम रिस्क वाले निवेश की तलाश करने वाले लोग एफडी को पसंद करते हैं. हालांकि, एफडी पर मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आ सकता है. इसलिए निवेश करने से पहले अपनी जरूरत, अवधि और टैक्स देनदारी को ध्यान में रखना चाहिए.