गंडक का कहर थमा, रेवाघाट में जलस्तर खतरे के निशान से 50 सेमी नीचे तो लालगंज में अभी भी 52 सेमी ऊपर, 8 इंजीनियरों पर गिरी गाज

गंडक का कहर थमा, रेवाघाट में जलस्तर खतरे के निशान से 50 सेमी नीचे तो लालगंज में अभी भी 52 सेमी ऊपर, 8 इंजीनियरों पर गिरी गाज


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Gandak Flash Flood Update: गंडक नदी के रौद्र रूप के बाद अब राहत की तस्वीर सामने आने लगी है और जलस्तर में तेजी से गिरावट जारी है. लेकिन, इसी के साथ जल संसाधन विभाग ने बाढ़ के समय लापरवाही बरतने वालों पर बड़ी कार्रवाई भी की है. इसके तहत 7 इंजीनियरों पर गाज गिरी है, जबकि एक मुख्य अभियंता पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िये.

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रेवाघाट में जलस्तर खतरे के निशान से 50 सेमी नीचे, लालगंज में अभी भी 52 सेमी ऊपर, 8 इंजीनियरों पर गिरी गाज.

गंडक नदी में आई फ्लैश फ्लड को लेकर जल संसाधन विभाग ने बताया है कि गंडक का जलस्तर तेजी से घट रहा है. सारण जिले के रेवाघाट में जलस्तर अपने उच्चतम स्तर से 177 सेमी घटकर खतरे के निशान से 50 सेमी नीचे आ गया है और सामान्य हो गया है. वहीं वैशाली के लालगंज में जलस्तर नए उच्चतम स्तर से 130 सेमी घटा है, लेकिन अभी भी खतरे के निशान से 52 सेमी ऊपर है. हालांकि विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में यहां भी नदी के खतरे के निशान से नीचे जाने की संभावना है. वहीं, स्थल निरीक्षण और प्रतिवेदन के आधार पर जल संसाधन विभाग ने कुल 8 अभियंताओं के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की है. इनमें 7 को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है.

लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई

इस बीच गंडक में आई अभूतपूर्व बाढ़ के दौरान तटबंधों को हुए नुकसान और उसके बाद राहत एवं बचाव के काम में कथित लापरवाही को लेकर जल संसाधन विभाग ने 8 अभियंताओं के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई का फैसला लिया है. इनमें 7 अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता कुमार मनोज गुप्ता के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया गया है.

7 निलंबित अभियंताओं की सूची

  • संतोष कुमार प्रभाकर, कार्यपालक अभियंता, छपरा
  • मो. साजिद इकबाल, कार्यपालक अभियंता, गोपालगंज
  • सुनील कुमार, सहायक अभियंता, छपरा
  • विनोद कुमार, सहायक अभियंता, छपरा
  • मो. जावेद अंसारी, सहायक अभियंता, गोपालगंज
  • चंद्रशेखर कुमार, कनीय अभियंता, छपरा
  • विकास कुमार, कनीय अभियंता, गोपालगंज

मुख्य अभियंता कुमार मनोज गुप्ता के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया गया है.

आखिर क्यों आई ऐसी स्थिति?

जल संसाधन विभाग के अनुसार, नेपाल और उत्तर प्रदेश में हुई भारी बारिश के कारण गंडक में अभूतपूर्व जलस्राव हुआ. नेपाल के देवघाट में नदी का जलस्तर ऐतिहासिक उच्चतम स्तर को पार कर गया. बिहार में भी बगहा, डुमरियाघाट, रेवाघाट और लालगंज में गंडक ने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया उच्चतम जलस्तर दर्ज किया. इस दौरान कई जगह तटबंध क्षतिग्रस्त हुए.

अभियंताओं पर क्या आरोप

विभागीय आकलन के अनुसार, कुछ स्थानीय अभियंताओं ने आकस्मिक स्थिति के अनुरूप तत्काल कार्रवाई नहीं की. ब्रीच वाले स्थानों पर मौजूद रहकर कट-एंड को बचाने के लिए मटेरियल और मैनपावर लगाने के बजाय मौके से हट जाने, स्थानीय संसाधनों को समय पर जुटाने में अक्षमता और मटेरियल प्रबंधन में लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं. स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय की कमी की बात भी विभाग ने कही है.

अब तटबंधों की स्थिति

फिलहाल विभाग का कहना है कि तटबंधों पर अब दबाव नहीं है और सीपेज या पाइपिंग की समस्या भी नहीं है. ब्रीच वाले स्थानों पर पर्याप्त फ्लड फाइटिंग मटेरियल जमा किया जा रहा है. कट-एंड को सुरक्षित करने और टैगिंग का काम जारी है. मुख्यालय पटना समेत दूसरे जिलों से भी संसाधन और अतिरिक्त अभियंता भेजे गए हैं.



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