प्रेमानंद महाराज की जान को खतरा… आश्रम में बने दो गुट, जमीन बेचकर अरबों की संपत्ति इकट्ठा की, CM योगी से सुरक्षा की मांग

प्रेमानंद महाराज की जान को खतरा… आश्रम में बने दो गुट, जमीन बेचकर अरबों की संपत्ति इकट्ठा की, CM योगी से सुरक्षा की मांग


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महाराजजी की जान को खतरा… आश्रम में बने दो गुट, CM योगी से सुरक्षा की मांग

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Premanand Maharaj Ashram Controversy: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज की जान को खतरा बताया जा रहा है. उनके आश्रम में दो गुट बन गए हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. महाराज ने जमीन बेचकर अरबों की संपत्ति जुटाई है. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है. यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है.

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Premanand Maharaj Ashram Controversy: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है. श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर महाराज की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि आश्रम के भीतर दो गुट बन गए हैं और माफिया तत्वों द्वारा महाराज जी को नुकसान पहुंचाया जा सकता है. दिनेश शर्मा ने कहा कि आज हमने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा कि प्रेमानंद महाराज की जान को खतरा हो सकता है, इसलिए उनकी सुरक्षा की जाए. बता दें कि 25 वर्षीय साधक दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई. इसके बाद से ही पुलिस ने जांच शुरू की और फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए. पोस्टमार्टम में गंभीर चोटों की बात सामने आई है. मामला इसलिए गंभीर हो गया क्योंकि रिपोर्टों में शरीर पर अन्य चोटों और निजी अंग पर चोट/कटे होने की बात सामने आई.

15 छोटे-बड़े आश्रमों पर कब्जा
दिनेश शर्मा ने दावा किया कि प्रेमानंद महाराजजी के आश्रम में अब दो गुट बन चुके हैं. उन्होंने कहा कि एक गुट असली संतों का है और दूसरा नकली संतों का. जो असली संत हैं, वे सभी प्रेमानंद महाराज जी के साथ आश्रम से लगभग 20 किलोमीटर दूर यमुना किनारे रहकर भजन, साधना और तपस्या कर रहे हैं. दूसरे गुट में भू-माफिया और बच्चा माफिया जैसे तत्व घुस चुके हैं. उन्होंने आश्रम से जुड़े लगभग 15 छोटे-बड़े आश्रमों पर कब्जा कर लिया है.

जमीन बेचकर करोड़ों-अरबों की संपत्ति इकट्ठा कर ली
शर्मा का कहना है कि यही माफिया गुट प्रेमानंद महाराज जी के साथ किसी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकता है. उन्होंने मांग की कि इस गुट की जांच होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि इस गुट ने यमुना खादर की जमीन बेचकर करोड़ों-अरबों की संपत्ति इकट्ठा कर ली है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताते हुए दिनेश शर्मा ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री संतों के रक्षक हैं, वे बहुत अच्छे मुख्यमंत्री हैं. हमें विश्वास है कि वे महाराज को सुरक्षा जरूर प्रदान करेंगे.

प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा देशहित में बहुत जरूरी
उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा देशहित में बहुत जरूरी है. उनके करोड़ों फॉलोअर्स हैं, उन्होंने करोड़ों सनातन हिंदुओं को सदमार्ग दिखाया है, वे बहुत अच्छे संत हैं. दिनेश शर्मा ने आगे कहा कि आश्रम में अभद्रता की घटनाएं भी बढ़ रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि यह माफिया गुट भीड़ में अपने लोगों को भेजकर गुंडागर्दी कराता है. साधुओं की हत्या की जा रही है और बच्चे गायब हो रहे हैं. यह सब इसी माफिया गुट द्वारा किया जा रहा है.

क्या था मामला?
बता दें कि 25 सितंबर 2026 को वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से जुड़े 25 वर्षीय साधक दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई. पुलिस ने जांच शुरू की और फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए. पोस्टमार्टम में गंभीर चोटों की बात सामने आई है. मामला इसलिए गंभीर हो गया क्योंकि रिपोर्टों में शरीर पर अन्य चोटों और निजी अंग पर चोट/कटे होने की बात सामने आई. पुलिस इस पहलू समेत मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है. कुछ साधु-संतों और परिजनों ने निष्पक्ष या उच्चस्तरीय जांच की मांग भी उठाई है.

बरसाना पुलीस को मिला बच्चा
इसी बीच दूसरा मामला आश्रम से जुड़े एक किशोर के लापता होने को लेकर उसके परिवार ने आश्रम के बाहर प्रदर्शन किया. परिवार का आरोप है कि किशोर दीक्षा लेने के बाद से लापता है. आश्रम की ओर से जांच में सहयोग की बात कही गई है. हालांकि 16 वर्षीय किशोर अनुज को बरसाना पुलिस ने शनिवार को अनुज को राधा बाग मार्ग स्थित लाडली दास आश्रम से सकुशल बरामद किया. इसके बाद आश्रम के बाहर धरने पर बैठे परिजनों के सौंप दिया. इसके अलावा नोएडा की 35 वर्षीय महिला के 15 अगस्त से लापता होने का मामला भी सामने आया है. परिवार को आशंका है कि वह प्रेमानंद महाराज के आश्रम गई हो सकती हैं, लेकिन अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि वह आश्रम में हैं या वहां गई थीं.



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