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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में देश का दबदबा बनाए रखने के लिए सुपर इंटेलिजेंस फोर्स (SIF) बनाने का ऐलान किया है. यह उपभोक्ताओं, पब्लिक इंट्रेस्ट से जुड़े ग्रुप्स, धार्मिक संगठनों, जरूरी बुनियादी ढांचे से जुड़ी संस्थाओं और AI कंपनियों के साथ सरकार के संपर्क का तालमेल बैठाएगी. यह टास्क फोर्स सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति को रिपोर्ट करेगी.
ट्रंप ने सुपर इंटेलिजेंस टास्क फोर्स बनाने का ऐलान किया. (Reuters)
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की दुनिया में अपनी बादशाहत बनाए रखने के लिए अमेरिका ने एक नई टास्क फोर्स बनाई है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ‘सुपर इंटेलिजेंस फोर्स’ (SIF) बनाने का ऐलान किया. इसका मकसद AI के क्षेत्र में अमेरिकी सरकार की कोशिशों को एक साथ जोड़ना और यह सुनिश्चित करना है कि दुनिया में इस तकनीक के मामले में अमेरिका सबसे आगे बना रहे. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इसकी घोषणा की. इस फोर्स की कमान चार बड़े सरकारी अधिकारियों के हाथ में होगी और यह सीधे राष्ट्रपति और व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ को रिपोर्ट करेगी.
क्या है ट्रंप की सुपर इंटेलिजेंस फोर्स?
Super Intelligence Force ट्रंप प्रशासन की ओर से बनाई गई एक नई टास्क फोर्स है. इसका मुख्य काम AI से जुड़े मामलों में अमेरिकी सरकार और अलग-अलग ग्रुप्स के बीच तालमेल बैठाना होगा. इसमें आम उपभोक्ताओं, पब्लिक इंट्रेस्ट ग्रुप्स, धार्मिक संगठनों, जरूरी बुनियादी ढांचे से जुड़ी संस्थाओं और AI कंपनियों के साथ सरकार के संपर्क और बातचीत को को-ऑर्डिनेट किया जाएगा. ट्रंप ने अपनी पोस्ट में AI के बजाय ‘Super Intelligence’ शब्द का इस्तेमाल किया. उन्होंने इस तकनीक को इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन और इंटरनेट से भी बड़ा बताया. उनका कहना है कि यह फोर्स अमेरिका को सुपर इंटेलिजेंस के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व बनाए रखने में मदद करेगी. साथ ही अमेरिकी हितों की रक्षा और लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए काम करेगी.
चार बड़े अधिकारी संभालेंगे फोर्स की कमान
ट्रंप की घोषणा के मुताबिक, सुपर इंटेलिजेंस फोर्स की अगुवाई चार सरकारी अधिकारी करेंगे.
- जे क्लेटन: डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस.
- एंड्रयू फर्ग्यूसन: फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) के चेयरमैन.
- एमिल माइकल: पेंटागन के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर और अंडर सेक्रेटरी ऑफ वॉर फॉर रिसर्च एंड इंजीनियरिंग.
- स्कॉट कुपोर: डायरेक्टर, ऑफिस ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट (OPM).
यह फोर्स सीधे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स को रिपोर्ट करेगी.
SIF को लेकर नहीं मिले ये जवाब?
हालांकि, अभी तक की घोषणा में इस फोर्स को नियम बनाने, कंपनियों की जांच करने या उनके खिलाफ कार्रवाई करने जैसी कोई खास शक्ति दिए जाने का जिक्र नहीं है. फिलहाल इसका घोषित काम सरकार और इन समूहों के बीच तालमेल बनाना है. साथ ही ट्रंप ने अपने पोस्ट में AI शब्द का भी जिक्र नहीं किया है.
व्हाइट हाउस में मीटिंग के बाद फैसला
SIF बनाने का ऐलान ऐसे समय हुआ है, जब कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने व्हाइट हाउस में बड़ी AI कंपनियों के प्रमुखों के साथ मीटिंग की थी. इस दौरान कंपनियों ने अपने AI मॉडल की सुरक्षा को लेकर खुद निगरानी रखने यानी ‘सेफ्ल-पुलिसिंग’ की बात कही थी. इस समझौते को ‘व्हाइट हाउस एकॉर्ड ऑन सुपर इंटेलिजेंस’ कहा गया. इसमें दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों ने अमेरिकी जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को स्वीकार किया. ट्रंप ने इसे ऐतिहासिक समझौता बताया. व्हाइट हाउस में हुए लंच के दौरान ट्रंप ने वहां पहुंचे टेक कंपनियों के CEO की तारीफ की. साथ ही AI तकनीक के तेजी से विकास से जुड़े खतरों को लेकर उठाई जा रही चिंताओं को भी खारिज किया.