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Hair Donation for Cancer Patients: भीलवाड़ा की मंजू धाबाई ने कैंसर पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए एक अनूठी मिसाल पेश की है. उन्होंने कीमोथेरेपी से बाल खो चुकी महिलाओं को विग उपलब्ध कराने के लिए दो साल तक अपने बाल नहीं कटवाए. 50 इंच लंबे बालों में से मंजू ने 30 इंच बाल डोनेट किए हैं, जिनसे 2 विग बनेंगी. हेयर आर्टिस्ट राजेश सेन ने इस काम में उनका सहयोग किया. राजेश अब तक 100 से ज्यादा महिलाओं से बाल दान करवा चुके हैं. यह पहल कैंसर मरीजों को खोया आत्मविश्वास लौटाने और महंगी विग के खर्च से बचाने में बड़ी राहत साबित होगी.
Bhilwara Hair Donation: भीलवाड़ा की मंजू ने कैंसर पीड़ितों के लिए दान किए 50 इंच लंबे बाल
Bhilwara: कैंसर एक ऐसी भयंकर बीमारी है जिससे जंग सिर्फ शरीर के स्तर पर ही नहीं, बल्कि हौसले और आत्मविश्वास के स्तर पर भी लड़ी जाती है. कीमोथेरेपी के दौरान बाल झड़ना कैंसर पीड़ित महिलाओं के लिए बेहद भावनात्मक और मानसिक पीड़ा का कारण बनता है. इस दर्द को बहुत कम लोग गहराई से समझ पाते हैं. लेकिन राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की रहने वाली मंजू धाबाई ने इन महिलाओं की इस मूक पीड़ा को समझा और उनकी मदद करने का एक बेहद अनूठा और प्रेरणादायक रास्ता चुना. मंजू ने करीब दो साल तक अपने बाल नहीं कटवाए. उनके बाल बढ़ते-बढ़ते करीब 50 इंच लंबे हो गए. अब उन्होंने अपने इन बेहद लंबे और घने बालों में से 30 इंच बाल कैंसर पीड़ित महिलाओं के लिए डोनेट करने का साहसिक फैसला लिया है.
बताया जा रहा है कि इन दान किए गए बालों से करीब दो अच्छी क्वालिटी की विग आसानी से तैयार की जा सकती हैं. मंजू बताती हैं कि करीब दो साल पहले उन्होंने कैंसर पीड़ित महिलाओं को बिना बालों के देखा था. उनकी परेशानी और चेहरे की उदासी देखकर उन्होंने उसी वक्त तय कर लिया था कि वह उनके लिए कुछ न कुछ जरूर करेंगी. इसके बाद उन्होंने एक दृढ़ संकल्प लिया और अपने बाल बढ़ाने शुरू किए. पूरे दो साल तक उन्होंने कैंची को अपने बालों के पास तक नहीं आने दिया. उनका एकमात्र लक्ष्य इन बालों को जरूरतमंद कैंसर पीड़ित महिलाओं के लिए दान करना था, ताकि वे विग पहनकर फिर से अपना आत्मविश्वास हासिल कर सकें.
हेयर आर्टिस्ट राजेश सेन की अहम भूमिका
मंजू के इस महान संकल्प को पूरा कराने में भीलवाड़ा के प्रसिद्ध हेयर एवं मेकअप आर्टिस्ट राजेश सेन भी अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं. राजेश सेन लंबे समय से लोगों, खासकर महिलाओं को हेयर डोनेशन के इस नेक काम के लिए प्रेरित कर रहे हैं. उन्होंने हेयर डोनेशन को अपने जीवन का एक मिशन बनाया हुआ है और अब तक वह 100 से ज्यादा महिलाओं के माध्यम से कैंसर पीड़ितों के लिए बाल डोनेट करवा चुके हैं. राजेश सेन का कहना है कि मंजू जब उनके पास आईं तो उनके करीब 50 इंच लंबे बाल देखकर वह भी हैरान रह गए. उन्होंने मंजू को कैंसर पीड़ित महिलाओं के लिए बाल दान करने के लिए और अधिक प्रेरित किया. उनके 30 इंच बाल विग बनाने के लिए उपयोग किए जाएंगे.
30 हजार तक आती है अच्छी विग की कीमत
दरअसल, कैंसर का इलाज पहले ही काफी लंबा और महंगा होता है. इसके बाद कीमोथेरेपी के भारी डोज से बाल झड़ने के कारण महिलाओं को जिस मानसिक परेशानी से गुजरना पड़ता है, वह शब्दों में बयां नहीं की जा सकती. बाजार में एक अच्छी और प्राकृतिक बालों वाली विग की कीमत करीब 30 हजार रुपये तक हो सकती है. जाहिर है कि इस महंगी विग को खरीदना हर आम परिवार के लिए आसान नहीं होता. ऐसे में हेयर डोनेशन की यह खूबसूरत पहल उन जरूरतमंद महिलाओं के लिए एक बहुत बड़ी राहत बन सकती है. बाल दान करने की यह प्रक्रिया समाज में एक नई जागरूकता भी ला रही है. भीलवाड़ा जैसे शहर से उठी यह पहल अब पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन गई है. मंजू का यह कदम सिर्फ बालों का दान नहीं है, बल्कि यह किसी कैंसर पीड़ित महिला के खोए हुए आत्मविश्वास और सम्मान को लौटाने की कोशिश है.