अब नहीं चलेगा फ्रॉड, आपके पास आया SEBI का नोटिस असली है या फर्जी, 1 मिनट में खुल जाएगी पोल

अब नहीं चलेगा फ्रॉड, आपके पास आया SEBI का नोटिस असली है या फर्जी, 1 मिनट में खुल जाएगी पोल


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साइबर ठग सेबी का लोगो और असली आउटवर्ड नंबर चुराकर निवेशकों को फर्जी शो-कॉज नोटिस या रिकवरी लेटर भेज देते हैं. सेबी ने इस ठगी को रोकने के लिए नया वेरिफिकेशन सिस्टम लागू कर दिया है. आप भी किसी भी अनजान कॉल या सेबी के नाम से आए नोटिस पर आंख मूंदकर भरोसा न करें. पहले पोर्टल पर 1 मिनट देकर उसकी असलियत परखें.

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नए सिस्टम में फर्जीवाड़े की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है.

नई दिल्‍ली. शेयर बाजार में पैसा लगाने वालों को अक्‍सर ठग भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के फर्जी नोटिस भेजकर ठगने की कोशिश करते हैं. लेकिन, अब साइबर ठगों का यह हथकंडा नहीं चलेगा. सेबी ने नोटिस वेरिफिकेशन के लिए नया सिस्टम लागू कर दिया है. अब आप चुटकियां में घर बैठे यह जान सकते हैं कि आपके पास आया सेबी का नोटिस असली है या ठगों का कोई फर्जी पैंतरा. पहले सेबी के पोर्टल पर केवल ‘आउटवर्ड नंबर’ डालकर दस्तावेज जांचा जाता था, जिसका फायदा उठाकर जालसाज असली नंबर को फर्जी कंटेंट पर चिपका देते थे. ठगों के इसी खेल को खत्म करने के लिए सेबी ने अपने डॉक्यूमेंट नंबर वेरिफिकेशन सिस्टम (DNVS) को पूरी तरह अपग्रेड कर दिया है.

नए सिस्टम में फर्जीवाड़े की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है. अब अगर आपके पास सेबी के नाम से कोई फिजिकल लेटर या नोटिस आता है, तो आप सेबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आउटवर्ड नंबर (Outward Number), पत्र जारी करने वाले सेबी अधिकारी का नाम, पत्र जारी होने की तारीख, पत्र का विषय (Subject Matter) और अपना नाम (Recipient Name) डालकर पता कर सकते हैं कि नोटिस असली है या नकली.

ई-मेल से करें पुष्टि

यदि आपके जानकारी डालने के बाद स्क्रीन पर ‘नो रिकॉर्ड फाउंड’ दिखाई देता है, तो समझ जाइए कि दाल में कुछ काला है. ऐसे संदिग्ध मामलों में आप ईमेल के जरिए सेबी से सीधे पुष्टि कर सकते हैं. वहीं सितंबर 2026 से पहले जारी पुराने पत्रों का सत्यापन भी ईमेल के जरिए ही कराया जा सकेगा.

सेबी चलाएगा प्रोजेक्‍ट जागरूकता

इसके साथ ही सेबी ने निवेशकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रोजेक्ट जागरूक के तहत स्टॉक ब्रोकर्स के लिए नई व्यवस्था की है. इसके तहत ब्रोकर्स को अपनी वेबसाइट और ट्रेडिंग ऐप पर निवेशक जागरूकता से जुड़े संदेश दिखाने होंगे. इस संबंध में 1 अक्टूबर 2026 को सर्कुलर जारी किया गया था. नियम को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की व्यवस्था की गई है.

पहले चरण में 5 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक सभी स्टॉक ब्रोकर्स को अपनी वेबसाइट पर सेबी की ओर से दिया गया इन्वेस्टर अवेयरनेस मैसेज और रिस्क डिस्क्लोजर दिखाना होगा. इस अवधि में ट्रेडिंग ऐप पर इन संदेशों को दिखाना स्वैच्छिक रहेगा.



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