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Iran Economy Crisis: अमेरिका के साथ लंबे समय से ईरान युद्ध में है. इसका असर अब उसकी अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है. मौजूदा हालात में ईरान की स्थिति ये है कि उसकी महंगाई का स्तर 90 फीसदी बढ़ चुका है क्योंकि तेल से होने वाली उसकी कमाई लगभग बंद हो रही है.
ईरान में महंगाई बढ़ी. (क्रेडिट- रॉयटर्स )
Iran Economy Crisis: अमेरिका के साथ लंबे समय से चल रहे युद्ध का असर अब ईरान की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है. युद्धग्रस्त देश आखिर कितने दिनों तक खुद को चला सकता है? हालांकि ईरान इस मोर्चे पर काफी दिनों से टिका हुआ है लेकिन अमेरिका के सेकंडरी सैंक्शन्स ने उसकी कमर ही तोड़ दी है. आर्थिक दबाव के बीच ईरान की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है. देश में महंगाई करीब 90 फीसदी तक पहुंच गई है. इससे आम लोगों के लिए रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदना मुश्किल होता जा रहा है. युद्ध अमेरिकी प्रतिबंध और तेल निर्यात पर दबाव ने ईरान की आर्थिक परेशानियों को और बढ़ा दिया है.
ईरान की मुद्रा रियाल की कीमत भी तेजी से गिरी है. पिछले दो महीनों में डॉलर के मुकाबले रियाल करीब 25 प्रतिशत कमजोर हुआ है. इसका सीधा असर आयात हो रहे सामान पर पड़ा है. विदेश से आने वाले खाद्य पदार्थ, दवाइयां, मशीनरी और दूसरी जरूरी चीजें महंगी हो गई हैं. वहीं, घरेलू बाजार में भी कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए तेल सबसे महत्वपूर्ण आय का स्रोत है लेकिन अमेरिकी नाकाबंदी और प्रतिबंधों के कारण ईरान के लिए कच्चा तेल बेचकर विदेशी मुद्रा कमाना मुश्किल हो गया है.
دولت برای مدیریت شرایط ویژه آرایش جدید گرفته است. نقشه دشمن در ماههای گذشته قطع شریانهای حیاتی کشور با هدف فشار به مردم نجیب ایران بوده است. فشار اقتصادی افزایش پیدا کرده اما به لطف خدا، با همراهی مردم و تدابیر همکاران ما در دولت، نگذاشتهایم اهداف دشمن در جنگ اقتصادی محقق شود.