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खलीलाबाद से बहराइच तक बनने वाले रेललाइन के लिए जमीन अधिग्रहण का काम किया जा रहा है. इसके लिए बलरामपुर में प्रशासन 10 गांवों में कैंप लगाए हुए हैं. इस प्रोजेक्ट को तीन खंड में बांटा गया है. पहले खंड में रेललाइन बिछाई जा रही है. दूसरे और तीसरे खंड में जमीन अधिग्रहण का काम चल रहा है.
बलरामपुर में किसानों से प्रोजेक्ट के लिए खरीदी जा रही जमीन. (एआई इमेज)
बलरामपुरः उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में खलीलाबाद से बहराइच तक नई रेलवे लाइन को तैयार करने की कवायद तेज हो गई है. जिले में रेललाइन के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. सदर तहसील के 10 गांवों में प्रशासन की तरफ से शिविर लगाए जा रहे हैं. रेललाइन के लिए जमीन मिलने के साथ ही परियोजना के बलरामपुर हिस्से में निर्माण की राह भी आगे बढ़गी. बता दें कि खलीलाबाद-बहराइच नई रेललाइन करीब 240 किलोमीटर लंबी होगी. यह रेललाइन खलीलाबाद से शुरू होकर बांसी, डुमरियागांज, उतरौला, बलरामपुर, श्रावस्ती और भिनगा होते हुए बहराइच जाएगी.
490 करोड़ रुपये प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तावित
बता दें कि इस पूरी परियोजना के लिए 490 करोड़ रुपये प्रस्तावित है. मार्च 2026 तक परियोजना पर 1525 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं. वहीं इस बात के वित्तीय वर्ष में इसके लिए 686 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है. प्रशासन की टीम गांवों में पहुंचकर शिविर लगा रही है. यहां किसानों को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ ही जमीन से संबंधित अभिलेख लिए जा रहे हैं. प्रक्रिया भुगतान के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही हैं.
तीन फेज में बांटा गया खलीलाबाद-बहराइच रेललाइन प्रोजेक्ट
बता दें कि तीन खंडों में नई रेललाइन आगे बढ़ रही है. खलीलाबाद-बहराइच रेललाइन परियोजना को तीन प्रमुख खंडों में बांटकर आगे बढ़ाया जा रहा है. खलीलाबाद-बांसी के 54 किलोमीटर हिस्से में काम शुरू हो चुका है. इस हिस्से में मिट्टी भरने के साथ-साथ स्टेशन निर्माण हो रहा है. वहीं दूसरा खंड, बांसी से इकौना तक 120 किलोमीटर का है. इस हिस्से में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. वहीं तीसरा खंड इकौना-बहराइच की लंबाई 66 किलोमीटर है. इस हिस्से में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई उन्नत चरण में पहुंच चुकी है.
बहराइच और खलीलाबाद जाना होगा आसान
नई रेललाइन के बन जाने से बहराइच और खलीलाबाद की तरफ आवागमन आसान हो जाएगा. नई रेललाइन पूरी होने के बाद बलरामपुर के साथ ही उतरौला, श्रावस्ती, भिनगा और डुमरियागंज जैसे क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा. अभी इन क्षेत्रों के कई हिस्सों में रेल आवागमन की सुविधा सीमित है.