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Sitamarhi Mukhyamantri Kanya Vivah Mandap: सीतामढ़ी जिले की 22 पंचायतों में मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप बनेंगे, जिससे गरीब परिवारों को महंगी बुकिंग से मुक्ति मिलेगी। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को शादी-विवाह और सामाजिक आयोजनों के लिए सस्ता व सुलभ स्थान उपलब्ध कराएगी।
सीतामढ़ी: बिहार सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत सीतामढ़ी जिले की 22 चयनित पंचायतों में बहुउद्देशीय विवाह मंडपों का निर्माण कराया जा रहा है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को शादी-विवाह और सामाजिक आयोजनों के लिए एक सस्ता व सुलभ स्थान उपलब्ध कराना है. वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से जिले की सभी पंचायतों में इसका विस्तार किया जाएगा. प्रथम चरण में डुमरा, मेजरगंज, सोनबरसा, बथनाहा, सुप्पी, रीगा, नानपुर, बाजपट्टी और बेलसंड प्रखंड की 22 पंचायतों को शामिल किया गया है.
जानें मंडप निर्माण के लिए कितना चाहिए भूमि
प्रत्येक विवाह मंडप के निर्माण के लिए 1320 वर्गफीट उपयुक्त भूमि की आवश्यकता तय की गई है. इस संबंध में पंचायत राज विभाग के अधिकारियों को भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव तैयार करने और तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. डुमरा की रामपुर परोरी व रंजीतपुर, मेजरगंज की बहेरा व बसबिट्टा खैरवा, सोनबरसा की कन्हौली, बथनाहा की बथनाहा पश्चिमी व नरहा, सुप्पी की बमनगामा व रमनगरा, रीगा की सिराही व पकड़ी मठवा, नानपुर की मझौर व बाथ असली, बाजपट्टी की नरहा और बेलसंड की बेलहिया जैसी पंचायतों में निर्माण प्रस्तावित है.
गरीब परिवारों के लिए रहेगी विशेष सुविधा
ग्रामीण इलाकों में स्थान की कमी और निजी मैरिज हॉल का भारी-भरकम किराया गरीब परिवारों के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है. जगह के अभाव में कई बार लोगों को सड़क किनारे या खुले में टेंट लगाकर आयोजन करने पड़ते हैं, जिससे यातायात और सुरक्षा संबंधी समस्याएं पैदा होती हैं. सरकारी विवाह मंडप बन जाने से कमजोर वर्ग के परिवारों को महंगे निजी भवनों पर होने वाले भारी खर्च से सीधी राहत मिलेगी. यह मंडप न केवल विवाह समारोहों के काम आएगा, बल्कि गांव की सार्वजनिक बैठकों और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए भी एक सुरक्षित व सर्वसुविधायुक्त केंद्र साबित होगा.
जानें कितने महीने में तैयार होगा मंडप
सीतामढ़ी के डीएम तनय सुल्तानिया ने इस योजना को अत्यंत महत्वाकांक्षी बताते हुए कहा कि जिला प्रशासन ने प्रथम चरण की 22 पंचायतों के लिए तकनीकी व प्रशासनिक स्वीकृति देकर वर्क ऑर्डर जारी कर दिए हैं. निर्धारित समय सीमा के अनुसार 6 से 9 महीने के भीतर इन विवाह मंडपों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना पर विशेष फोकस रखा जा रहा है ताकि तय समय सीमा के भीतर ग्रामीणों को इसका लाभ मिलना शुरू हो सके और निर्माण कार्य में किसी प्रकार का विलंब न हो.
डीएम के अनुसार यह सार्वजनिक स्थल गांव की महिलाओं और जीविका दीदियों के कार्यक्रमों व बैठकों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होगा. इसके साथ ही विवाह मंडपों की बुकिंग और रखरखाव से होने वाली आय पंचायतों के लिए राजस्व का एक स्थाई स्रोत बनेगी. इससे पंचायतें वित्तीय रूप से अधिक सक्षम होंगी और अर्जित राजस्व का उपयोग गांव के अन्य विकास कार्यों में कर सकेंगी. चरणबद्ध तरीके से आने वाले समय में जिले की शेष सभी पंचायतों में भी इन मंडपों का निर्माण पूरा कराया जाएगा.