उज्जैन. पितृपक्ष को हिंदू धर्म में पूर्वजों के स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का महत्वपूर्ण समय माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह अवधि भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन अमावस्या तक रहती है. इस दौरान लोग पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान जैसे कर्म करते हैं. मान्यता है कि प्रसन्न पितरों का आशीर्वाद परिवार में सुख-शांति और समृद्धि लाता है जबकि पितृ असंतोष को जीवन में आने वाली बाधाओं से जोड़कर देखा जाता है. सिर्फ पितृपक्ष में ही नहीं बल्कि सालभर पितृ हमें किसी न किसी माध्यम से अपनी खुशी और नाराजगी का संकेत देते हैं. इनमें सपने भी महत्वपूर्ण हैं. कई लोगों को सपने में पूर्वज दिखते हैं. ऐसे सपनों में छिपे संकेतों को हम तभी समझ सकते हैं, जब हमें इनके बारे में पता हो. ऐसे सपनों का क्या महत्व रहता है, स्वप्न शास्त्र के अनुसार इनका क्या मतलब है, उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज से जानते हैं.
सपने में पितरों के शुभ-अशुभ संकेत
1. सपने में यदि पितृ किसी मंदिर में दिखें, दर्शन करते दिखें, गंगा स्नान करते दिखें या किसी तीर्थस्थान पर दिखाई दें, तो समझिए कि पितृ आपसे पुण्य या मोक्ष की लालसा रखते हैं. ऐसे में आप उनके नाम से गंगा स्नान या दान आदि कर पुण्य कर्म करें.
2. यदि सपने में पितृ आपके सिर के पास खड़े दिखें, तो यह शुभ संकेत है और अगर सपने में पितृ पैरों के पास खड़े दिखें, तो समझ लीजिए कि कुछ बुरा होने वाला है.
3. यदि आप सपने में अपने पूर्वजों से बात करते दिखते हैं, तो समझ लें कि भविष्य में किसी काम में बड़ी सफलता मिलने वाली है. वहीं यदि सपने में आप पितरों को बाल संवारते देखें, तो यह इस बात की ओर इशारा है कि वे प्रसन्न हैं. यह अच्छे दिनों की शुरुआत का संकेत है.
4. स्वप्न शास्त्र के अनुसार, यदि सपने में पूर्वज मिठाई बांटते या कुछ देते नजर आएं, तो यह शुभ संकेत है. आपके द्वारा किए गए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान आदि कर्म को पितरों ने स्वीकार कर लिया है और वे संतुष्ट हैं. इससे आपका घर जल्द ही सुख-समृद्धि से भर जाएगा.
5. स्वप्न शास्त्र के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को सपने में पूर्वज खाना खिलाते हुए दिखाई दे रहे हैं, तो यह समझ जाइए कि आपका आने वाला समय बहुत अच्छा होगा. आपके जीवन में सुख-संपत्ति और धन की भरमार होगी.
6. सपने में पितृ एक झलक दिखकर गायब हो जाएं, तो यह सपना अशुभ है. इस सपने का अर्थ है कि आपके जीवन में कोई बड़ी मुसीबत आने वाली है और बेहतर होगा कि आप अपने ईष्ट देवता की आराधना करें.