‘एक कचौड़ी दो समोसा’, शिवराज सिंह चौहान बोले-ऐसा नारा लगाने की नौबत क्यों आई? समाज सोचे

‘एक कचौड़ी दो समोसा’, शिवराज सिंह चौहान बोले-ऐसा नारा लगाने की नौबत क्यों आई? समाज सोचे


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Shivraj Singh Chouhan: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं. अभी वह केंद्र सरकार में मंत्री हैं और उनकी गिनती भाजपा के कद्दावर नेताओं में होती है. अब एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज बेटियां एक अलग तरह का नारा लगा रही है. समाज को सोचना होगा कि ऐसी नौबत क्यों आई है.

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एक कचौड़ी दो समोसा नारे को लेकर क्या बोले शिवराज सिंह चौहान

Shivraj Singh Chouhan: आज के बदलते दौर में सोशल मीडिया से कुछ भी नहीं छिपा है. यहां कुछ भी अजीब बात या हरकत तुरंत वायरल हो जाता है. सोशल मीडिया पर आजकल एक नारा खूब चल रहा है कि एक कचौड़ी, दो समोसा. इन मर्दों का क्या भरोसा. अब इसी पर बोलते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि समाज को बेटियों की सुरक्षा करनी होगी. इसके अलावा उनकी जिम्मेदारी भी उठानी होगी. उन्होंने कहा कि क्या बात हो गई, जो बेटियां आज ऐसा नारा लगाने की नौबत आ गई.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जान पहचान के लोग ही कई बार बेटियों को ही गलत निगाह से देखते हैं. बेटियों को मान-सम्मान इज्जत यह हम सबकी जिम्मेदारी है. यह समाज की ड्यूटी है. एक नारा आज कल सोशल मीडिया में चल रहा है. एक कचौड़ी, दो समोसा. इन मर्दों का क्या भरोसा. मैं सारे पुरुष वर्ग को कहना चाहता हूं कि हे भारतवासियों ये क्या हो रहा है.

शिवराज सिंह चौहान ने समाज को जगाने की कही बात
उन्होंने कहा कि क्यों ये नौबत आई कि बेटियों को ये लिखना पड़ रहा है. सोचो. समाज किस दिशा में जा रहा है. क्या बहनें और हमारी बेटियां अब ये बात करेंगे. कैसे समाज चलेगा और कैसे देश चलेगा. संकल्प लेना होगा कि हम सबकी इज्जत करेंगे. नारी हमारे लिए मां जैसी है और बेटी जैसी है. हम उनकी सुरक्षा करेंगे और उनके अधिकारों की रक्षा करेंगे. समाज को जागना होगा.





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