Gardening Tips: एक बार लगाया, पूरे सीजन मुफ्त मसाला; बेकार जमीन या गमले में ऐसे शुरू करें किचेन गार्डनिंग

Gardening Tips: एक बार लगाया, पूरे सीजन मुफ्त मसाला; बेकार जमीन या गमले में ऐसे शुरू करें किचेन गार्डनिंग


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पूरे सीजन मुफ्त मसाला, बेकार जमीन या गमले में ऐसे शुरू करें किचेन गार्डनिंग

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October Kitchen Gardening Tips: अक्टूबर में किचन गार्डनिंग के लिए सौंफ, अजवाइन, मेथी, अदरक, धनिया जैसे मसाले लगाएं. डॉ.अभिषेक प्रताप सिंह के अनुसार बलुई मिट्टी और सही खाद से गमलों या खाली जमीन पर आसानी से उगाएं और पूरे सीजन मुफ्त मसाले पाएं.

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पश्चिम चम्पारण: अक्टूबर का माहन किचेन गार्डेनिंग के लिए बेहद उत्तम माना जाता है. हल्की गुलाबी ठंड के साथ मिट्टी की तापमान में होती गिरावट कई तरह के मसालों की बुवाई के लिए आदर्श माना जाता है. यदि आप भी घरेलू उपयोग के लिए मसालों की खरीदारी से तंग आ चुके हैं. खुद को रसायन युक्त मसालों से बचाना चाहते हैं, तो इस लेख में हम आपको किचेन गार्डेनिंग के तहत मसालों की खेती पर कुछ खास जानकारी साझा कर रहे हैं. मजे की बात यह है कि आप इस जानकारी का अनुसरण कर बेकार पड़ी जमीन को भी उपयोग में ला सकते हैं.

अक्टूबर माह में लगाएं ये पौधे
जिले के माधोपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.अभिषेक प्रताप सिंह बताते हैं कि अक्टूबर और नवंबर के महीने में कोई भी व्यक्ति घर पर लगे गमलों में या बेकार पड़ी जमीन पर सौंप, अजवाइन, मेथी, अदरक, धनिया इत्यादि को लगा सकते हैं. पूरे सीजन मसालों की प्राप्ति कर सकते हैं. बस ध्यान रहे कि गार्डेनिंग के लिए बलुई मिट्टी का होना अनिवार्य है.

ऐसे तैयार करें गमला
गमलों में मसाले उगाने के लिए 50% तक सामान्य मिट्टी, 30% तक वर्मी कंपोस्ट या गोबर की खाद और 20% तक कोकोपीट या रेत मिलाना जरूरी है.इससे मिट्टी में जल निकासी की स्थिति अच्छी बनी रहती है. जहां तक बात रख रखाव की है, तो मिट्टी में बीज की बुवाई के बाद गमले को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां अधिक छांव न हो.

खाली जमीन पर बुवाई करते समय रखें ये ध्यान
यदि आप खाली पड़ी जमीन पर बुवाई करते हैं, तो ध्यान रखें कि वहां जल जमाव की स्थिति न रहती हो. चुकी बुवाई के बाद इन फसलों को अधिक सिंचाई की आवश्यकता नहीं पड़ती है. न ही इन पौधों पर कीटों का प्रकोप रहता है, इसलिए आपको अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.



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