नैनीताल. सरोवर नगरी नैनीताल में शुक्रवार से शुरू हुए लंबे वीकेंड का असर साफ दिखाई दे रहा है. शुक्रवार से ही शहर में पर्यटकों की आमद बढ़ने लगी और शनिवार को माल रोड, नैनी झील, भोटिया मार्केट, स्नो व्यू समेत प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ देखने को मिली. पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ गया. हालात ऐसे रहे कि कुछ किलोमीटर का सफर तय करने में पर्यटकों को घंटों लग गए. शहर के होटल, होम स्टे और दूसरी जगहों पर भी दबाव बढ़ा. कई पर्यटकों ने होटल फुल होने की बात कही, जबकि कुछ पर्यटकों ने कमरे के किराए में अचानक बढ़ोतरी की शिकायत की. सामान्य दिनों में 2 से 2.5 हजार रुपये में मिलने वाले कमरे के लिए 6 से 7 हजार रुपये तक मांगे जाने की शिकायत भी सामने आई.
रिफंड देने से भी इनकार
दिल्ली से नैनीताल पहुंचे पर्यटक मुकुल आनंद लोकल 18 से कहते हैं कि वह देर रात नैनीताल पहुंचे. पहले से होटल की बुकिंग होने के बावजूद उन्हें कमरा देने से मना कर दिया गया. इसके बाद दूसरे होटल में कमरा दिखाया गया, लेकिन वह उनके अनुसार रहने लायक नहीं था. उस कमरे की कीमत 1500 रुपये तक नहीं थी, लेकिन वह कमरा 5000 रुपये में दिया गया. मुकुल का आरोप है कि जब उन्होंने बुकिंग की रकम वापस करने की मांग की तो होटल की ओर से रिफंड देने से भी इनकार कर दिया गया. मुकुल कहते हैं कि वह मामले को लेकर पुलिस थाने में शिकायत और एफआईआर कराने जा रहे हैं. मुकुल के मुताबिक, इस तरह के अनुभव के बाद वह परिवार के साथ दोबारा नैनीताल आने से पहले सोचेंगे.
आप न करना ये गलती
दिल्ली से आईं पर्यटक अंजली ने बताया कि नैनीताल में इस समय काफी भीड़ है और ट्रैफिक जाम के कारण एक-दो किलोमीटर का सफर तय करने में भी कई घंटे लग रहे हैं. जाम की वजह से नैनीताल के आसपास के पर्यटन स्थलों पर जाने का प्लान भी प्रभावित हुआ और उन्हें शहर के भीतर ही घूमना पड़ा. पुणे से आईं पर्यटक प्रिया ने बताया कि उन्होंने वीकेंड पर नैनीताल और कैंची धाम घूमने का प्लान बनाया था, लेकिन शहर में भारी ट्रैफिक के कारण कैंची धाम जाने में भी परेशानी हो रही है. उनका कहना है कि होटल के किराए भी सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़े हुए हैं. प्रिया ने दूसरे पर्यटकों को भीड़ को ध्यान में रखते हुए और यहां के हालातों के अनुसार नैनीताल आने की सलाह दी.
सरकार से क्या मांग
हैदराबाद से नैनीताल पहुंचे पर्यटक राकेश ने कहा कि नैनीताल बेहद खूबसूरत शहर है, लेकिन इस समय शहर ओवरक्राउडेड नजर आ रहा है. एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में काफी समय लग रहा है. उन्होंने होटल किराए में बढ़ोतरी की भी बात कही. राकेश के मुताबिक, जिस होटल का कमरा सामान्य दिनों में करीब 2 से 2.5 हजार रुपये में मिल जाता था, उसके लिए अब 6 से 7 हजार रुपये तक मांगे जा रहे हैं. उन्होंने प्रशासन और सरकार से पर्यटकों की सुविधाओं पर ध्यान देने की मांग की.
क्या बोला होटल एसोसिएशन
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट ने भी पर्यटकों की ओर से होटल किराए बढ़ने की शिकायतें सामने आने की बात कही. उन्होंने कहा कि इस संबंध में होटल एसोसिएशन की ओर से प्रशासन से वार्ता की गई है. उन्होंने कहा कि नैनीताल में पंजीकृत होटल, गेस्ट हाउस और होम स्टे के अलावा कुछ ऐसी संपत्तियां भी संचालित होने की शिकायतें हैं, जिनका संचालन नियमों के अनुरूप नहीं हो रहा. उनके मुताबिक, पर्यटकों की भीड़ के दौरान ऐसी संपत्तियों की जांच होनी चाहिए.
दिग्विजय सिंह बिष्ट ने कहा कि पंजीकृत होटलों के रेट पर्यटन विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज होते हैं और निर्धारित दरों से अधिक वसूली की स्थिति में कार्रवाई होनी चाहिए. कुछ लोग घरों में कमरे लगाकर मनमाने दाम वसूलते हैं, जिससे पर्यटकों को परेशानी होने के साथ नैनीताल की छवि भी प्रभावित होती है. लॉन्ग वीकेंड के बीच नैनीताल में बढ़ी पर्यटकों की संख्या ने जहां पर्यटन कारोबार को रफ्तार दी है. ट्रैफिक, पार्किंग, होटल उपलब्धता और कमरे के किराए से जुड़ी शिकायतों ने व्यवस्थाओं पर सवाल भी खड़े किए हैं.