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Samajwadi Party Vs Congress: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ही समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के गठबंधन की पोल खुल गई है. एक बार फिर एक सपा सांसद ने सीयट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस को उसकी हैसियत दिखाया है. सपा सांसद ने कहा, ‘यूपी में कांग्रेस को अपनी ‘हैसियत’ के हिसाब से केवल 10-15 सीटें ही मांगनी चाहिए. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी बड़ा दावा करते हुए कहा कि वह चुनाव लड़ने से इतना डर गए थे कि अखिलेश यादव के दबाव और चेतावनी के बाद ही मैदान में उतरे थे.’
यूपी में सीट शेयरिंग को लेकर आपस में लड़ रहे हैं अखिलेश और राहुल के नेता. (फाइल फोटो- पीटीआई)
लखनऊ: इंडिया (INDIA) गठबंधन के समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में सबकुछ सही नहीं चल रहा था. आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव गठबंधन की पोल खुल गई है. सीट शेयरिंग को लेकर शीर्ष के नेता के बजाय दोनों पार्टियों के छोटे नेता एक दूसरे पर लगातार हमलावर है. शनिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद ने एसपी सिंह पटेल ने सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला है. साथ ही उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के बिना यूपी में राहुल गांधी जीत नहीं पाएंगे.
सपा सांसद ने यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा कथित तौर पर ज्यादा सीटों की मांग को सिरे से खारिज कर दिया. सांसद पटेल ने तल्ख लहजे में कहा कि कांग्रेस को अपनी जमीनी हकीकत और हैसियत के हिसाब से टिकट मांगना चाहिए. एसपी सिंह पटेल ने कहा, ‘150 सीटें तो दूर की बात है, कांग्रेस को गठबंधन में सिर्फ 10 से 15 सीटें ही मिलनी चाहिए. अगर हमारा गठबंधन नहीं होता, तो तुम्हारी (कांग्रेस की) उत्तर प्रदेश में एक भी सीट नहीं आती.’
अखिलेश यादव के दबाव में लड़े थे राहुल गांधी
सपा नेता ने सिर्फ सीटों पर ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व राहुल गांधी को लेकर भी एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है. उन्होंने कहा, ‘इनके नेता राहुल गांधी तो अपनी अमेठी की सीट छोड़ चुके थे, वह इतना डरे हुए थे. रायबरेली में लड़ने से भी डर रहे थे. अखिलेश यादव के समझाने और दबाव बनाने के बाद ही उन्होंने वहां से चुनाव लड़ा.’ पटेल ने यह भी दावा किया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने राहुल गांधी को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया था कि अगर वह चुनाव नहीं लड़ेंगे, तो समाजवादी पार्टी वहां से अपना उम्मीदवार उतार देगी. इसी चेतावनी के बाद राहुल गांधी चुनाव लड़ने के लिए राजी हुए थे.
गठबंधन के भविष्य पर उठे सवाल
सपा सांसद के इस आक्रामक बयान ने यूपी के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है. यह तीखा हमला ऐसे समय में आया है जब दोनों पार्टियां आगामी विधानसभा उपचुनावों और 2027 के महामुकाबले के लिए जमीन तैयार कर रही हैं. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सपा नेता की इस ‘खरी-खरी’ पर कांग्रेस का प्रदेश और शीर्ष नेतृत्व क्या पलटवार करता है और क्या इससे गठबंधन की गांठ और ढीली होगी.